गाजियाबाद (Ghaziabad) में 42 फर्जी मोबाइल एप्स के जरिए साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। पुलिस ने गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी है। एनसीआरपी पोर्टल और संचार साथी पोर्टल के जरिए ठगी से बचाव के उपाय जानें।
गाजियाबाद (शाह टाइम्स) गाजियाबाद (Ghaziabad) में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पुलिस ने हाल ही में 42 फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन्स की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल करके लोगों को ठगा जा रहा था। इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी गई है। इन एप्स के जरिए लोगों से धोखाधड़ी करके उनके पैसे हड़पे जा रहे थे। पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और संदिग्ध एप्स या लिंक्स की जांच के लिए नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) का उपयोग करने की सिफारिश की है।
कैसे हो रही है ठगी?
पुलिस के अनुसार, ये फर्जी एप्स लोगों को आकर्षक ऑफर्स, लोन, नौकरी के वादे, या अन्य लुभावने प्रस्ताव देकर डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करते हैं। एक बार एप डाउनलोड होने के बाद, ये एप्स उपयोगकर्ताओं के व्यक्तिगत डेटा और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच प्राप्त कर लेते हैं, जिसका इस्तेमाल करके उनके खातों से पैसे निकाल लिए जाते हैं।
गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट
गाजियाबाद पुलिस ने इन 42 फर्जी एप्स की सूची तैयार की है और इसे गृह मंत्रालय को भेज दिया है। इससे पहले भी कई अन्य फर्जी एप्स की रिपोर्ट मंत्रालय को भेजी जा चुकी है। मंत्रालय ने इन एप्स को ब्लॉक करने और संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
एनसीआरपी पोर्टल पर जांच का विकल्प
गृह मंत्रालय द्वारा संचालित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर उपयोगकर्ता किसी भी एप या वेबसाइट की प्रमाणिकता की जांच कर सकते हैं। इस पोर्टल पर एप का नाम या वेबसाइट का लिंक डालकर यह पता लगाया जा सकता है कि वह फर्जी है या नहीं। साथ ही, अगर कोई व्यक्ति ठगी का शिकार हुआ है, तो वह इस पोर्टल पर उस एप या लिंक की शिकायत दर्ज कर सकता है।
संचार साथी पोर्टल पर संदिग्ध नंबर की जांच
एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया कि ज्यादातर ठग इंटरनेशनल नंबर से कॉल करते हैं। ऐसे संदिग्ध नंबर से कॉल आने पर सावधान रहने की सलाह दी गई है। संचार साथी पोर्टल पर उपयोगकर्ता संदिग्ध नंबर से आने वाले कॉल, मैसेज या व्हाट्सएप मैसेज की रिपोर्ट कर सकते हैं। इसके अलावा, यह पोर्टल यह भी जांचने की सुविधा देता है कि कहीं आपके नाम से कोई फर्जी नंबर तो नहीं चल रहा है।
सतर्कता ही है सबसे बड़ा बचाव
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात एप को डाउनलोड करने या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतें। अगर कोई आपको किसी एप को इंस्टॉल करने या लिंक खोलने के लिए कहता है, तो सबसे पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच करें। एनसीआरपी पोर्टल पर यह सुविधा उपलब्ध है।
नियंत्रण पाने की की जा रही कोशिश
गाजियाबाद में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन पुलिस और गृह मंत्रालय की सक्रियता से इन पर नियंत्रण पाने की कोशिश की जा रही है। आम नागरिकों को सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करने की सलाह दी जाती है। साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूकता और सावधानी ही सबसे बड़ा हथियार है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।