पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में बढ़ा तनाव, पूर्व पाक सैन्य अधिकारी का दावा—जनरल असीम मुनीर ने चीन के एजेंडे के तहत रची साजिश।
नई दिल्ली/इस्लामाबाद (शाह टाइम्स) पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इस हमले को लेकर जहां भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को जिम्मेदार ठहराया है, वहीं पाकिस्तान ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। इस्लामाबाद की ओर से निष्पक्ष जांच और सहयोग की बात कही जा रही है। लेकिन इसी बीच पाकिस्तान के एक पूर्व सैन्य अधिकारी ने ऐसा दावा किया है जिससे हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।
पूर्व सैन्य अधिकारी का दावा: जनरल मुनीर ने रची हमले की साजिश
पाकिस्तान सेना के सेवानिवृत्त मेजर आदिल रजा ने इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि पहलगाम हमले की साजिश खुद पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने रची थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जनरल मुनीर की योजना पाकिस्तान पर एक दशक तक नियंत्रण बनाए रखने की है और इसके लिए वह क्षेत्र में तनाव बढ़ाना चाहते हैं। रजा ने दावा किया कि यह योजना सिर्फ पाकिस्तान की नहीं बल्कि इसमें चीन की भी भूमिका है।
चीन के लिए लड़ रहा है पाकिस्तान
मेजर रजा ने कहा कि भले ही पहलगाम हमले और चीन के बीच कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं दिखता, लेकिन यह तय है कि भारत को कमजोर करने से चीन को रणनीतिक लाभ मिलेगा। उन्होंने पाकिस्तान के पूर्व विदेश सचिव शमशाद अहमद खान के बयान का हवाला देते हुए कहा कि “चीनी कभी सीधे शामिल नहीं होते, लेकिन वे दूसरों के जरिए अपने उद्देश्य पूरे करते हैं।” रजा के अनुसार, बांग्लादेश, म्यांमार और श्रीलंका के बाद अब चीन ने पाकिस्तान को भी अपने प्रभाव में ले लिया है।
वैश्विक राजनीति की चाल: अमेरिका-चीन प्रतिद्वंद्विता
रजा ने इस घटनाक्रम को अमेरिका और चीन के बीच चल रही वैश्विक शक्ति प्रतिद्वंद्विता से जोड़ा। उनके अनुसार, अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ और दबाव के चलते कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां चीन से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रही हैं। भारत उनके लिए एक आकर्षक विकल्प बनकर उभर रहा है। चीन भारत को अस्थिर करके इस प्रक्रिया को रोकना चाहता है। इसके लिए क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात पैदा करना उसकी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
बढ़ते तनाव के बीच गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने भारत-पाकिस्तान संबंधों में नई दरार डाल दी है। अगर आदिल रजा के दावे में सच्चाई है तो यह न केवल पाकिस्तान की सैन्य राजनीति पर सवाल उठाता है, बल्कि चीन की क्षेत्रीय रणनीति और वैश्विक शक्ति संघर्ष को भी उजागर करता है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की नीतियां और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं इस विवाद को किस दिशा में ले जाएंगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।