‘गिरगिटों से सावधान रहने की जरूरत है’, योगी ने सपा के PDA पर साधा निशाना
Mohammad Naved
•
2026-09-28 12:14:14
लखनऊ में कल्याण सिंह की 5वीं पुण्यतिथि पर योगी आदित्यनाथ ने सपा के PDA फॉर्मूले पर निशाना साधा और कहा कि ‘P’ की परिभाषा बदलती रही है।
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लखनऊ, उत्तर प्रदेश
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21 अगस्त 2026
✍️ MOHD NAVED
लखनऊ में योगी का सपा पर सियासी हमला
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के PDA फॉर्मूले को लेकर तीखा सियासी हमला बोला। यह बयान 21 अगस्त 2026 को लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की 5वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित ‘हिंदू गौरव दिवस’ कार्यक्रम में दिया गया। कार्यक्रम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित हुआ था।
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक रुख और शब्दों की परिभाषा बदलने का आरोप लगाया। उन्होंने इसी संदर्भ में पार्टी की तुलना गिरगिट से की और PDA में ‘P’ के अर्थ को लेकर टिप्पणी की।
‘गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले लोग’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गिरगिट की तरह रंग बदलने वाली पार्टी के लोग PDA को अलग-अलग तरीके से परिभाषित करते हैं। उनके मुताबिक पहले ‘P’ को पिछड़ा वर्ग से जोड़ा गया और बाद में इसे पंडित से जोड़कर देखा गया। इसके बाद उन्होंने तंज करते हुए कहा कि एक दिन ‘P’ की परिभाषा पाकिस्तान भी की जा सकती है।
यह बयान सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी की राजनीतिक रणनीति और उसके PDA सामाजिक समीकरण को लेकर था। योगी ने आगे सपा नेताओं के बयानों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाया। ये उनके राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के बयान के रूप में देखा जाना चाहिए।
PDA को लेकर क्या है विवाद
समाजवादी पार्टी की PDA राजनीति का इस्तेमाल पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समूहों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के संदर्भ में किया जाता है। योगी आदित्यनाथ ने इसी राजनीतिक फॉर्मूले को अपने बयान का केंद्र बनाया।
उनका आरोप था कि सपा राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार PDA के ‘P’ का अर्थ बदल रही है। मुख्यमंत्री ने इस बदलाव को राजनीतिक अवसरवाद के तौर पर पेश किया। दूसरी तरफ, इस बयान का मूल आधार मुख्यमंत्री की राजनीतिक व्याख्या है। इसे सपा की आधिकारिक नीति में बदलाव के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
कल्याण सिंह की पुण्यतिथि का संदर्भ
योगी आदित्यनाथ का यह बयान कल्याण सिंह की 5वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान आया। कार्यक्रम में योगी ने पूर्व मुख्यमंत्री के राजनीतिक जीवन और राम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका को याद किया। सार्वजनिक रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने कल्याण सिंह के सिद्धांतों और उनके राजनीतिक योगदान का उल्लेख किया।
कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के पूर्व राज्यपाल रहे थे। उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। उनकी राजनीतिक विरासत विशेष रूप से राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़ी रही है।
सपा पर श्रद्धांजलि को लेकर भी निशाना
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देने के मामले में भी निशाना साधा। उन्होंने मायावती के कार्यक्रम में पहुंचने का उल्लेख करते हुए सपा नेतृत्व की अनुपस्थिति पर सवाल उठाया।
यह भी मुख्यमंत्री का राजनीतिक आरोप था। इसलिए इसे सपा के इरादे या पार्टी की आधिकारिक नीति के निष्कर्ष के रूप में पेश करने के बजाय उनके बयान के रूप में दर्ज करना जरूरी है।
राजनीतिक संदर्भ में बयान का महत्व
यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातीय सामाजिक समीकरणों और राजनीतिक गठबंधनों की बहस के बीच आया। PDA फॉर्मूला समाजवादी पार्टी की सामाजिक और राजनीतिक लामबंदी की रणनीति का अहम हिस्सा रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने इसी फॉर्मूले को निशाने पर लेकर सपा की राजनीतिक विश्वसनीयता पर सवाल उठाने की कोशिश की। उनका बयान एक राजनीतिक आरोप और तंज के रूप में सामने आया, न कि किसी सरकारी रिपोर्ट या जांच के निष्कर्ष के रूप में।
‘पाकिस्तान’ वाली टिप्पणी क्यों चर्चा में आई
योगी के बयान का सबसे अधिक उद्धृत हिस्सा PDA के ‘P’ को लेकर था। उन्होंने कहा कि पहले ‘P’ पिछड़ा था, फिर पंडित हुआ और एक दिन पाकिस्तान भी हो सकता है।
इस टिप्पणी ने बयान को व्यापक राजनीतिक बहस का विषय बनाया। इसकी भाषा राजनीतिक व्यंग्य और प्रतिद्वंद्वी दल पर हमले के रूप में सामने आई। इसे किसी वास्तविक नीति प्रस्ताव या सपा के आधिकारिक एजेंडे के रूप में देखना सही नहीं होगा।
विपक्ष की प्रतिक्रिया भी सामने आई
इस बयान के बाद सियासी प्रतिक्रिया सामने आई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार समाजवादी पार्टी की ओर से भाजपा और उसके नेतृत्व पर जवाबी राजनीतिक हमला किया गया। अखिलेश यादव ने अलग मुद्दों पर सरकार की नीतियों और महंगाई को लेकर सवाल उठाए।
इससे साफ है कि बयान केवल एकतरफा राजनीतिक टिप्पणी तक सीमित नहीं रहा। दोनों पक्षों के बीच आरोप और जवाब का सिलसिला सामने आया।
आगे क्या
उत्तर प्रदेश की राजनीति में PDA, जातीय प्रतिनिधित्व, सामाजिक गठबंधन और राजनीतिक पहचान से जुड़े मुद्दे आगे भी प्रमुख बहस का हिस्सा रहेंगे। योगी आदित्यनाथ का यह बयान इसी व्यापक राजनीतिक विमर्श में देखा जाना चाहिए।
फिलहाल उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर इतना स्पष्ट है कि 21 अगस्त 2026 को लखनऊ में कल्याण सिंह की पुण्यतिथि के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के PDA फॉर्मूले पर तीखी टिप्पणी की थी। ‘गिरगिट’ और ‘P से पाकिस्तान’ वाली टिप्पणी उनके राजनीतिक संबोधन का हिस्सा थी।
योगी आदित्यनाथ का बयान समाजवादी पार्टी की राजनीतिक रणनीति पर सीधा हमला था। उन्होंने PDA के ‘P’ की अलग-अलग व्याख्याओं को आधार बनाकर सपा पर रुख बदलने का आरोप लगाया।
इस बयान को समझने के लिए कल्याण सिंह की पुण्यतिथि, PDA की राजनीति और उत्तर प्रदेश के व्यापक सामाजिक समीकरणों को साथ देखना जरूरी है। बयान में किए गए आरोप मुख्यमंत्री के राजनीतिक दावे हैं। इनके तथ्यात्मक मूल्यांकन के लिए संबंधित दलों के आधिकारिक रिकॉर्ड और सार्वजनिक नीतिगत दस्तावेज अलग आधार हैं।
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Mohammad Naved
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।