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नॉर्वे में लोगों के लिए परेशानी का सबब बना सुनहरा बाज़

None 2024-09-11 11:58:47
नॉर्वे में लोगों के लिए परेशानी का सबब बना सुनहरा बाज़

cनॉर्वे में एक गोल्डन ईगल इस कदर आदमखोर हो गया कि उसने एक 20 महीने के बच्चे समेत चार लोगों को बुरी तरह से चोटिल कर दिया।

शाह टाइम्स। सुनहरा बाज़ नॉर्वे में बहुत ही आम है। यह स्कैंडिनेवियाई देश का दूसरा सबसे बड़ा शिकार करने वाला पक्षी है। इसके पंख करीब 2 मीटर तक फैले होते हैं। यह आमतौर पर छोटे जानवरों जैसे लोमड़ियों और भेड़ों को खाता है। लेकिन अब यही पक्षी इंसानों की जान का दुश्मन बन गया है और और अब तक कई लोगों को घायल कर दिया।

दरअसल नॉर्वे में एक गोल्डन ईगल इस कदर आदमखोर हो गया कि उसने एक 20 महीने के बच्चे समेत चार लोगों को बुरी तरह से चोटिल कर दिया। बाज़ का खौफ इस कदर फैल गया कि उसको मार दिया गया। ईगल ने बच्चे को इतनी बुरी तरह से नोचा कि उसको टांकेलगाने पड़ गए। एक हफ्ते में किसी इंसान पर पक्षी का यह चौथा हमला था, जिससे वहां पर लोग डरे हुए थे।सवाल यह है कि पक्षी के इस तरह के व्यवहार के पीछे की वजह क्या है।

बता दें कि इस पर ऑर्निथोलॉजिस्ट या फिर पक्षियों के व्यवहार को समझने वाले मानते हैं कि यह व्यवहार संबंधी विकार की वजह से हुआ। इस उसने बच्चे को इतनी बुरी तरह से नोचा कि उसे टांके लगाने पड़े. ईगल के व्यवहार को समझने वाले अल्व ओटार फोकस्टेड ने सोमवार को एपी को बताया कि गोल्डन ईगल को "संभवतः व्यवहार संबंधी विकार था, जिसकी वजह से उसने आक्रामक होकर हमले किए उन्होंने कहा कि ईगल का यह व्यवहार बिल्कुल भी सामान्य नहीं था

बता दें कि शनिवार को ओर्कलैंड में खेद के बाहर खेल रही 20 महीने की बच्ची पर एक ईगल ने अचानक हमला कर दिया था, जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गई थी। जैसे ही बच्ची की मां की नजर चील पर पड़ी वह अपने एक पडो़सी के साथ उससे लड़ने के लिए दौड़ पड़ी इतने में तो चील ने बच्ची पर करीब तीन बार हमला कर दिया।जिसके बाद उसको मार दिया गया।

बता दे कि गोल्डन ईगल ने हाल ही में 31 साल के फ्रांसिस एरी स्टूर पर भी हमला किया था। उनका कहना है कि शुरू में उनको लगा जैसे किसी इंसान ने उन पर हमला किया है। लेकिन फिर अचानक उनकी नजर ईगल पर पड़ गई. स्टूर ने कहा कि हम एक मिनट तक एक-दूसरे को घूरते रहे. इस बीच मैं यह सोचने की कोशिश कर रहा था कि आखिर ईगल के दिमाग में क्या चल रहा है। पक्षी ने करीब 10-15 मिनट तक उसके चेहरे और हाथों को खरोंचा और अपने पंजे से हमला किया और वहां से उड़ गया।

दरअसल यह एक तरह का मनोवैज्ञानिक रोग है, जो कि इंसान या पक्षी किसी में भी हो सकता है। इसमें व्यवहार संबंधी इस तरह के पैटर्न होते हैं, जो नुकसानदेह है। इस रोग से ग्रसित इंसान या जानवर दूसरों को नुकसान पहुंचता है। उसका व्यवहार गुस्से से भरा रहता है। ईगल के साथ ही कुछ वैसा ही रहा होगा। मानसिक रोग की वजह से उसने कई लोगों को अपना शिकार बनाया और उनको बेवजह बुरी तरह से घायल कर दिया। उसके इस आक्रामक व्यवहार को देखते हुए उसको मारने के अलावा कोई और विकल्प नहीं रहा।

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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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