ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड: 9 यात्रियों की मौत, CM योगी ने ₹2 लाख मुआवजे का किया ऐलान
Mohammad Naved
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2026-09-24 11:29:14
ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई। CM योगी ने मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार देने की घोषणा की।
Location | Date
ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश | 24 सितंबर 2026
By Mohd Naved
यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग
ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक चलती स्लीपर बस में भीषण आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई। हादसा जेवर थाना क्षेत्र में हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही थी और उसमें करीब 35 यात्री सवार थे।
आग लगने के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्रियों ने खिड़कियों और अन्य रास्तों से बाहर निकलकर जान बचाई। राहत और बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को बाहर निकाला। पुलिस और दमकल विभाग की कार्रवाई के दौरान बस के हिस्सों को काटकर अंदर फंसे लोगों और शवों को बाहर निकाला गया।
9 यात्रियों की मौत, कई घायल
हादसे में एक महिला समेत 9 यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है। कई अन्य यात्रियों को चोटें आईं और कुछ लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, कुछ यात्री धुएं के कारण बेहोश भी हुए थे।
अधिकारियों के अनुसार, घटना के समय बस में कई यात्री सो रहे थे। आग लगने के बाद धुआं तेजी से भरने से बाहर निकलने में मुश्किल हुई। कुछ यात्रियों ने बस से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई।
CM योगी ने घोषित की आर्थिक सहायता
हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
यहां एक अहम तथ्य-संशोधन जरूरी है। इस घटना के संबंध में उपलब्ध 24 सितंबर की रिपोर्टों में ₹2 लाख की सहायता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के रूप में दर्ज है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस मौजूदा ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड के लिए ₹2 लाख की घोषणा की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं मिली। इसलिए खबर में मुआवजे को प्रधानमंत्री की घोषणा बताना उचित नहीं होगा।
बस दिल्ली से महोबा जा रही थी
पुलिस से संबंधित रिपोर्टों के अनुसार बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से रवाना हुई थी और उत्तर प्रदेश के महोबा जा रही थी। हादसा यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर थाना क्षेत्र में हुआ। एक रिपोर्ट के अनुसार आग एक्सप्रेसवे के करीब 33 किलोमीटर माइलस्टोन के आसपास लगी।
अभी तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर आग लगने की अंतिम वजह को लेकर पुलिस जांच जारी है। इसलिए आग के कारण को लेकर किसी एक वजह को अंतिम तथ्य के तौर पर पेश करना जल्दबाजी होगी।
मौके पर पहुंचीं राहत और बचाव टीमें
आग की सूचना मिलने के बाद पुलिस, दमकल और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव अभियान के दौरान बस से यात्रियों को बाहर निकाला गया। दमकल टीमों ने आग पर काबू पाने के लिए कार्रवाई की।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के समय यात्रियों में भारी अफरा-तफरी थी। कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्हें आग की जानकारी तब हुई जब बस के अंदर धुआं फैल चुका था। इन प्रत्यक्षदर्शी बयानों को पुलिस की जांच के साथ अलग-अलग स्तर पर सत्यापित किया जाना बाकी है।
जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे
हादसे की जांच में सबसे अहम सवाल आग लगने की वजह, आग के फैलने की गति और बस में उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े होंगे। इसके साथ बस की फिटनेस, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास और संचालन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच महत्वपूर्ण होगी।
मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी जांच का अहम हिस्सा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कुछ मृतकों की पहचान हो चुकी थी, जबकि अन्य की पहचान की प्रक्रिया जारी थी।
हादसे का व्यापक संदर्भ
यमुना एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के प्रमुख हाई-स्पीड कॉरिडोर में शामिल है और दिल्ली-एनसीआर को आगरा तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के हिस्सों से जोड़ता है। इस मार्ग पर बसों और दूसरे यात्री वाहनों की आवाजाही नियमित रूप से होती है।
ऐसे हादसों के बाद बसों में फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि मौजूदा मामले में किसी सुरक्षा मानक के उल्लंघन को जांच पूरी होने से पहले स्थापित तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए।
आगे क्या होगा
पुलिस आग लगने के कारणों की जांच करेगी। मृतकों की पहचान और उनके परिवारों तक सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। घायलों के इलाज और घोषित आर्थिक सहायता के वितरण पर भी प्रशासन की भूमिका अहम रहेगी।
जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि आग किस वजह से लगी, कितनी तेजी से फैली और बस की सुरक्षा व्यवस्था उस स्थिति में किस तरह काम कर रही थी।
ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ यह बस अग्निकांड 9 परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति लेकर आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 9 यात्रियों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के लिए ₹2 लाख और घायलों के लिए ₹50 हजार की सहायता घोषित की है।
हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल सबसे जरूरी प्राथमिकताएं घायलों का इलाज, मृतकों की पहचान, परिवारों को सहायता और घटना की निष्पक्ष जांच हैं।
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Mohammad Naved
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।