हरिद्वार से गुजरात का सफर होगा आसान
हरिद्वार। उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन शहर हरिद्वार की रेल कनेक्टिविटी को विस्तार मिलने जा रहा है। रेल मंत्रालय ने हरिद्वार के लिए तीन महत्वपूर्ण रेल सेवाओं को मंजूरी दी है। इनमें बांद्रा टर्मिनस–दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ एक्सप्रेस का हरिद्वार तक विस्तार और हरिद्वार से गुजरात के वेरावल तथा ओखा के लिए दो नई एसी एक्सप्रेस सेवाएं शामिल हैं। उत्तराखंड सरकार के सूचना विभाग ने भी इस फैसले की जानकारी साझा की है।
यह फैसला खास तौर पर उत्तराखंड और पश्चिमी भारत के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने वाला है। वेरावल के जरिए यात्रियों को सोमनाथ क्षेत्र और ओखा के जरिए द्वारका क्षेत्र तक सीधा रेल विकल्प मिलेगा।
तीन सेवाओं में क्या बदला?
रेल मंत्रालय की मंजूरी के मुताबिक तीन प्रमुख बदलाव किए गए हैं—
इससे हरिद्वार का रेल संपर्क दिल्ली और मुंबई के साथ-साथ गुजरात के महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन क्षेत्रों तक और विस्तृत होगा।
वेरावल से जुड़ेगा हरिद्वार
नई हरिद्वार–वेरावल एसी एक्सप्रेस उत्तराखंड को गुजरात के वेरावल से जोड़ेगी। वेरावल सोमनाथ क्षेत्र का प्रमुख रेल केंद्र है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह सेवा सप्ताह में दो दिन संचालित करने की योजना है। रिपोर्टों में ट्रेन संख्या 14326/14325 और हरिद्वार से सुबह करीब 4 बजे प्रस्थान का विवरण दिया गया है। हालांकि यात्रियों के लिए अंतिम परिचालन तारीख और समय-सारणी को रेलवे की आधिकारिक घोषणा के अनुसार ही माना जाना चाहिए।
ओखा तक भी मिलेगी सीधी रेल सुविधा
हरिद्वार से ओखा के लिए नई एसी एक्सप्रेस को भी मंजूरी दी गई है। ओखा गुजरात के देवभूमि द्वारका क्षेत्र का महत्वपूर्ण रेल गंतव्य है और यहां से द्वारका सहित आसपास के धार्मिक स्थलों तक पहुंच बनाई जा सकती है। इस सेवा से हरिद्वार और गुजरात के पश्चिमी हिस्से के बीच लंबी दूरी की रेल यात्रा का एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा।
गरीब रथ का हरिद्वार तक विस्तार
तीसरा महत्वपूर्ण फैसला बांद्रा टर्मिनस–दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ एक्सप्रेस से जुड़ा है। रेल मंत्रालय ने इस सेवा को हरिद्वार तक विस्तारित करने को मंजूरी दी है। इससे मुंबई क्षेत्र और हरिद्वार के बीच किफायती एसी रेल यात्रा का विकल्प और आगे बढ़ेगा।
तीर्थ यात्रियों को मिल सकता है फायदा
हरिद्वार, सोमनाथ और द्वारका देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल हैं। ऐसे में इन शहरों के बीच रेल संपर्क बढ़ने से तीर्थ यात्रियों के साथ पर्यटकों और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले अन्य यात्रियों को भी अतिरिक्त विकल्प मिलने की उम्मीद है।हरिद्वार पहले से ही उत्तर भारत का प्रमुख रेल केंद्र है। यहां से देश के कई हिस्सों के लिए नियमित रेल सेवाएं संचालित होती हैं। नई सेवाओं से पश्चिमी भारत की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए नेटवर्क का दायरा बढ़ेगा।
यात्रा शुरू होने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
नई सेवाओं को मंजूरी मिलना और उनका नियमित परिचालन शुरू होना अलग-अलग चरण हैं। इसलिए यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले रेलवे की अंतिम समय-सारणी, परिचालन की शुरुआत, ठहराव और बुकिंग उपलब्धता की आधिकारिक जानकारी जांचनी चाहिए।
निष्कर्ष
हरिद्वार को मिली इन तीन रेल सेवाओं की मंजूरी उत्तराखंड और गुजरात के बीच रेल कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। वेरावल और ओखा से नई सीधी सेवाएं तथा गरीब रथ का हरिद्वार तक विस्तार यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए अतिरिक्त विकल्प देगा।खासकर हरिद्वार, सोमनाथ और द्वारका जैसे धार्मिक स्थलों के बीच सीधा रेल संपर्क बढ़ने से तीर्थ और पर्यटन यात्राओं की सुविधा में इजाफा हो सकता है। हालांकि सेवाओं का वास्तविक लाभ उनके नियमित संचालन और अंतिम समय-सारणी लागू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।