शुक्रवार, 10 July 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
SmarterASP.NET Hosting
None

हेमंत सोरेन की याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज

None 2024-02-02 12:46:48
हेमंत सोरेन की याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने झारखंड (Jharkhand) के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर उनकी याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना (Sanjeev Khanna), न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश (M M Sundaresh) और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी (Bela M Trivedi) की विशेष पीठ ने याचिका खारिज करते हुए सोरेन को अपनी जमानत के लिए झारखंड उच्च न्यायालय (High Court of Jharkhand) का दरवाजा खटखटाने को कहा।

सोरेन को झारखंड में कथित भूमि घोटाले (land scam) से संबंधित धन शोधन के एक मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को एक नाटकीय घटनाक्रम के बाद में गिरफ्तार किया था। उन्होंने बुधवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। राज्य की विशेष अदालत ने गुरुवार को उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

शीर्ष अदालत की पीठ ने शुक्रवार को याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ता का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से पूछा, “आपको उच्च न्यायालय क्यों नहीं जाना चाहिए? अदालतें सभी के लिए खुली हैं।” विशेष पीठ वकील से यह भी कहा, “उच्च न्यायालय भी संवैधानिक अदालतें हैं। यदि हम एक व्यक्ति को अनुमति देते हैं तो हमें ऐसा सभी देनी होगी।”

सोरेन की ओर से वरिष्ठ वकील ए एम सिंघवी (A M Singhvi) ने भी दलील दी कि शीर्ष अदालत को मामले पर विचार करने का समवर्ती क्षेत्राधिकार मिला हुआ है। सिब्बल ने कहा कि यह अदालत हमेशा अपने विवेक का इस्तेमाल कर सकती है। पीठ पर इन दलीलों का कोई असर नहीं पड़ा और उसने याचिका खारिज कर दी।

इसके बाद सिब्बल ने पीठ से गुहार लगाते हुए कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा मामले की सुनवाई के लिए एक समय सीमा तय कर दी जाए। इस पर पीठ ने कहा, 'हम उच्च न्यायालय को नियंत्रित नहीं करने जा रहे हैं।'

व्हाट्सएप पर शाह टाइम्स चैनल को फॉलो करें

ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने दलील दी कि तत्काल मामले की सुनवाई के लिए एक विशेष पीठ का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी को ऐसा लाभ कभी नहीं मिलेगा। इस पर सिब्बल ने कहा कि उन्होंने (केंद्र ने) सोरेन की सरकार को गिराने की कोशिश की।

पूर्व मुख्यमंत्री सोरेन गुरुवार को दायर अपनी याचिका में गुहार लगाते हुए अपनी गिरफ्तारी को अनुचित, मनमाना और उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन घोषित करने का अनुरोध शीर्ष अदालत से किया था। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ (DY Chandrachud) की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोरेन की याचिका पर शीघ्र सुनवाई के लिए गुरुवार को उनकी गुहार स्वीकार करते कहा था कि वह शुक्रवार को सुनवाई करेगी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने भूमि घोटाले से जुड़े धन शोधन के एक मामले में एक नाटकीय घटनाक्रम में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ एक दिन बाद गुरुवार को शीर्ष अदालत में एक याचिका दायर की थी। पीठ के समक्ष सिब्बल और सिंघवी ने सोरेन की याचिका पर यह कहते हुए तत्काल सुनवाई की गुहार लगाई थी कि उनके गिरफ्तारी के तरीके इससे देश की राजनीति पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।

याचिकाकर्ता सोरेन के वकील ने कहा था कि यह एक बहुत गंभीर मामला है, क्योंकि मुख्यमंत्री को आम चुनाव से कुछ महीने पहले ही गिरफ्तार किया गया। सोरेन के वकील ने दावा किया कि ईडी की ओर से याचिकाकर्ता को बुधवार शाम पांच बजे गिरफ्तार किया गया, हालांकि, गिरफ्तारी ज्ञापन में कहा गया कि यह रात 10 बजे किया गया। ईडी ने बुधवार को सोरेन को राज्य के मुख्यमंत्री के पद से अपना इस्तीफा सौंपने के लिए राज्यपाल भवन जाने से पहले (कथित तौर पर) ही गिरफ्तार कर लिया था।

#ShahTimes

ADVERTISEMENT
None

None

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर