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पीएम मोदी और जर्मन चांसलर की उच्च स्तरीय बैठक

None • 2026-01-12 17:13:57
पीएम मोदी और जर्मन चांसलर की उच्च स्तरीय बैठक

 भारत-जर्मनी रिश्तों पर उच्च स्तरीय संवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने गांधीनगर में भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी पर विस्तृत बातचीत की। बैठक में व्यापार, तकनीक, रक्षा, शिक्षा और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों पर फोकस रहा।

📍Gandhinagar ✍️ Asif Khan 

गांधीनगर में डेलीगेशन स्तर की बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को गांधीनगर के महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में डेलीगेशन स्तर की बातचीत की। इस मुलाकात का मकसद भारत-जर्मनी के बीच 25 वर्ष पुरानी रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करना और भविष्य के सहयोग के क्षेत्रों को आगे बढ़ाना रहा। बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी, डिप्लोमैट्स और एक्सपर्ट्स मौजूद थे, जिन्होंने ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, टेक्नोलॉजी और रिसर्च से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की।

ट्रेड, इन्वेस्टमेंट और टेक्नोलॉजी पर चर्चा

बैठक में दोनों नेताओं ने बताया कि इंडिया और जर्मनी के बीच बाइलेटरल ट्रेड लगातार बढ़ रहा है। मौजूदा समय में यह आंकड़ा 50 बिलियन डॉलर से अधिक बताया गया है। दोनों पक्षों ने मैन्युफैक्चरिंग, आईटी सर्विसेज, ऑटोमोटिव, मशीनरी और केमिकल सेक्टर में कोलैबोरेशन को और मजबूत करने पर सहमति जताई। MSME सेक्टर में जर्मन टेक्नोलॉजी और इंडियन मैनपावर के बीच पार्टनरशिप को विस्तार देने पर भी बातचीत हुई।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग

डेलीगेशन स्तर की बातचीत में डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन भी एक अहम विषय रहा। दोनों देशों ने रक्षा उत्पादन, जॉइंट रिसर्च और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के जरिए सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचार साझा किए। जर्मनी के प्रतिनिधिमंडल में डिफेंस सेक्टर से जुड़े कई CEO भी शामिल थे, जिनका उद्देश्य इंडियन डिफेंस इंडस्ट्री के साथ संभावित प्रोजेक्ट्स पर चर्चा करना रहा।

ग्रीन एनर्जी और ग्रीन अमोनिया

मीटिंग में रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया पर खास ध्यान दिया गया। दोनों देशों ने बताया कि उनकी प्राथमिकताएं इस सेक्टर में काफी हद तक समान हैं। जर्मनी की कंपनियां इंडिया में सोलर, विंड और एनर्जी स्टोरेज से जुड़े प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्टमेंट बढ़ाने पर रुचि दिखा रही हैं।

शिक्षा और स्किल मोबिलिटी

पीएम मोदी ने जर्मन यूनिवर्सिटीज को इंडिया में कैंपस खोलने का निमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि जर्मनी में करीब 50 हजार इंडियन स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच पीपल-टू-पीपल कनेक्शन को दिखाता है। दोनों पक्षों ने स्किल डेवलपमेंट और स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम्स को और बढ़ाने पर सहमति जताई।

यूएनएससी और वैश्विक मुद्दे

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि मीटिंग में यूक्रेन और गाज़ा जैसे वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने शांतिपूर्ण समाधान के सिद्धांत को दोहराया। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए जी4 फ्रेमवर्क के तहत सहयोग जारी रखने की बात भी कही गई।

साबरमती आश्रम और काइट फेस्टिवल

बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज साबरमती आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और आश्रम परिसर में मौजूद एग्ज़िबिशन देखी। इसके बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल में शामिल हुए। यहां उन्होंने पारंपरिक गुजराती माहौल में पतंग उड़ाई। कई पतंगों पर तिरंगा, दोनों देशों के फ्लैग और कल्चरल सिंबल्स दिखाई दिए।

डायस्पोरा और बिजनेस प्रेजेंस

जर्मनी में करीब तीन लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जिनमें प्रोफेशनल्स, रिसर्चर्स और स्टूडेंट्स शामिल हैं। वहीं इंडिया में लगभग दो हजार जर्मन कंपनियां काम कर रही हैं, जो दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों की गहराई को दर्शाता है।

रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष

भारत और जर्मनी ने 18 मई 2000 को रणनीतिक साझेदारी के एजेंडा पर साइन किया था। साल 2025 में इस साझेदारी को 25 साल पूरे हुए। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने इस मौके पर आधिकारिक इवेंट्स और मीटिंग्स के जरिए इस रिश्ते की प्रगति की समीक्षा की थी।

 भारत-जर्मनी रिश्तों पर उच्च स्तरीय संवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने गांधीनगर में भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी पर विस्तृत बातचीत की। बैठक में व्यापार, तकनीक, रक्षा, शिक्षा और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों पर फोकस रहा।

📍Gandhinagar ✍️ Asif Khan 

गांधीनगर में डेलीगेशन स्तर की बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को गांधीनगर के महात्मा मंदिर कन्वेंशन सेंटर में डेलीगेशन स्तर की बातचीत की। इस मुलाकात का मकसद भारत-जर्मनी के बीच 25 वर्ष पुरानी रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करना और भविष्य के सहयोग के क्षेत्रों को आगे बढ़ाना रहा। बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी, डिप्लोमैट्स और एक्सपर्ट्स मौजूद थे, जिन्होंने ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, टेक्नोलॉजी और रिसर्च से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की।

ट्रेड, इन्वेस्टमेंट और टेक्नोलॉजी पर चर्चा

बैठक में दोनों नेताओं ने बताया कि इंडिया और जर्मनी के बीच बाइलेटरल ट्रेड लगातार बढ़ रहा है। मौजूदा समय में यह आंकड़ा 50 बिलियन डॉलर से अधिक बताया गया है। दोनों पक्षों ने मैन्युफैक्चरिंग, आईटी सर्विसेज, ऑटोमोटिव, मशीनरी और केमिकल सेक्टर में कोलैबोरेशन को और मजबूत करने पर सहमति जताई। MSME सेक्टर में जर्मन टेक्नोलॉजी और इंडियन मैनपावर के बीच पार्टनरशिप को विस्तार देने पर भी बातचीत हुई।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग

डेलीगेशन स्तर की बातचीत में डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन भी एक अहम विषय रहा। दोनों देशों ने रक्षा उत्पादन, जॉइंट रिसर्च और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के जरिए सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचार साझा किए। जर्मनी के प्रतिनिधिमंडल में डिफेंस सेक्टर से जुड़े कई CEO भी शामिल थे, जिनका उद्देश्य इंडियन डिफेंस इंडस्ट्री के साथ संभावित प्रोजेक्ट्स पर चर्चा करना रहा।

ग्रीन एनर्जी और ग्रीन अमोनिया

मीटिंग में रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया पर खास ध्यान दिया गया। दोनों देशों ने बताया कि उनकी प्राथमिकताएं इस सेक्टर में काफी हद तक समान हैं। जर्मनी की कंपनियां इंडिया में सोलर, विंड और एनर्जी स्टोरेज से जुड़े प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्टमेंट बढ़ाने पर रुचि दिखा रही हैं।

शिक्षा और स्किल मोबिलिटी

पीएम मोदी ने जर्मन यूनिवर्सिटीज को इंडिया में कैंपस खोलने का निमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि जर्मनी में करीब 50 हजार इंडियन स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच पीपल-टू-पीपल कनेक्शन को दिखाता है। दोनों पक्षों ने स्किल डेवलपमेंट और स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम्स को और बढ़ाने पर सहमति जताई।

यूएनएससी और वैश्विक मुद्दे

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि मीटिंग में यूक्रेन और गाज़ा जैसे वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने शांतिपूर्ण समाधान के सिद्धांत को दोहराया। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए जी4 फ्रेमवर्क के तहत सहयोग जारी रखने की बात भी कही गई।

साबरमती आश्रम और काइट फेस्टिवल

बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज साबरमती आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और आश्रम परिसर में मौजूद एग्ज़िबिशन देखी। इसके बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल में शामिल हुए। यहां उन्होंने पारंपरिक गुजराती माहौल में पतंग उड़ाई। कई पतंगों पर तिरंगा, दोनों देशों के फ्लैग और कल्चरल सिंबल्स दिखाई दिए।

डायस्पोरा और बिजनेस प्रेजेंस

जर्मनी में करीब तीन लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जिनमें प्रोफेशनल्स, रिसर्चर्स और स्टूडेंट्स शामिल हैं। वहीं इंडिया में लगभग दो हजार जर्मन कंपनियां काम कर रही हैं, जो दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों की गहराई को दर्शाता है।

रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष

भारत और जर्मनी ने 18 मई 2000 को रणनीतिक साझेदारी के एजेंडा पर साइन किया था। साल 2025 में इस साझेदारी को 25 साल पूरे हुए। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने इस मौके पर आधिकारिक इवेंट्स और मीटिंग्स के जरिए इस रिश्ते की प्रगति की समीक्षा की थी।

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शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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