मेहुल चोकसी और नीरव मोदी द्वारा किए गए 14,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले की पूरी जानकारी। जानिए कैसे हुआ घोटाला, कौन-कौन शामिल था और अब तक क्या हुई कार्रवाई।
नई दिल्ली (शाह टाइम्स) भारत के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक — पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के 14,000 करोड़ रुपये के लोन घोटाले में भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी आखिरकार बेल्जियम में गिरफ्तार कर लिया गया है। साल 2018 में भारत से फरार होकर एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता लेने वाले चोकसी को अब भारत लाया जा रहा है।
कैसे दिया घोटाले को अंजाम?
ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक, मेहुल चोकसी, उसकी कंपनी गीतांजलि जेम्स और अन्य ने बैंक अधिकारियों के साथ साठगांठ कर फर्जी तरीके से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) और फॉरेन लेटर ऑफ क्रेडिट (FLC) हासिल किए। इनका इस्तेमाल विदेशों से लोन लेने में किया गया, लेकिन यह पैसा व्यापार में न लगाकर अन्य कार्यों में उपयोग किया गया।
घोटाले की शुरुआत और खुलासा
इस महाघोटाले की शुरुआत 2011 में हुई, जब नीरव मोदी ने पीएनबी की मुंबई शाखा से पहले LoU हासिल किए। जांच में पता चला कि 6 वर्षों में नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ने कुल 1212 LoU हासिल किए, जबकि नियमों के मुताबिक उन्हें सिर्फ 53 मिलने चाहिए थे।
जब बैंक को इस अनियमितता का पता चला, तब इसकी शिकायत पहले RBI और फिर CBI में की गई। फरवरी 2018 में CBI ने चोकसी, नीरव मोदी, उनके परिवार और सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
कौन-कौन है शामिल?
घोटाले में प्रमुख रूप से शामिल हैं:
मेहुल चोकसी — गीतांजलि ग्रुप के मालिक
नीरव मोदी — चोकसी का भतीजा, अब तक फरार
गोकुलनाथ शेट्टी — पीएनबी के तत्कालीन डिप्टी जनरल मैनेजर
बैंक अधिकारी — जिन्होंने गलत तरीके से LoU और FLC पास किए
परिवार के सदस्य और अन्य सहयोगी — जिन्होंने फर्जी कंपनियों के माध्यम से पैसा ट्रांसफर किया
अब आगे क्या?
मेहुल चोकसी की गिरफ्तारी के बाद अब उसे भारत लाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। भारत सरकार और जांच एजेंसियां उसकी संपत्तियों की जब्ती और केस को मजबूत करने में लगी हैं। इससे यह उम्मीद जगी है कि इस ऐतिहासिक घोटाले के दोषियों को जल्द सजा मिल सकेगी।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।