किडनी स्टोन से परेशान लोगों को नहीं करना चाहिए किन चीजों का सेवन?
नई दिल्ली। किडनी में पथरी यानी किडनी स्टोन की समस्या में केवल दवा या उपचार ही नहीं, बल्कि खान-पान और पर्याप्त तरल पदार्थ लेना भी महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि हर व्यक्ति के लिए एक जैसी डाइट उपयुक्त नहीं होती। किडनी स्टोन किस प्रकार की है, इसके आधार पर डॉक्टर या डाइटिशियन कुछ खाद्य पदार्थों को कम करने की सलाह दे सकते हैं।
सबसे पहले समझें—हर स्टोन की डाइट एक जैसी नहीं
किडनी स्टोन कई प्रकार की हो सकती है, जिनमें कैल्शियम ऑक्सलेट, कैल्शियम फॉस्फेट, यूरिक एसिड और सिस्टीन स्टोन शामिल हैं। इसलिए किसी खाद्य पदार्थ को पूरी तरह बंद करने से पहले स्टोन के प्रकार और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति को समझना जरूरी है।
1. ज्यादा नमक वाले खाद्य पदार्थों से रहें सावधान
किडनी स्टोन की समस्या में अधिक सोडियम का सेवन जोखिम बढ़ा सकता है। पैकेज्ड फूड, फास्ट फूड, नमकीन, डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ, प्रोसेस्ड मीट और अधिक नमक वाले मसाले सोडियम के स्रोत हो सकते हैं। इसलिए भोजन में नमक की मात्रा सीमित रखना उपयोगी हो सकता है।
2. ऑक्सलेट वाले खाद्य पदार्थों पर दें ध्यान
खासकर कैल्शियम ऑक्सलेट स्टोन वाले लोगों को डॉक्टर ऑक्सलेट की मात्रा कम करने की सलाह दे सकते हैं। पालक, मूंगफली, कुछ नट्स और गेहूं की भूसी ऑक्सलेट के स्रोतों में शामिल हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर किडनी स्टोन मरीज को इन खाद्य पदार्थों को पूरी तरह बंद कर देना चाहिए।
3. अत्यधिक पशु प्रोटीन से बचें
बहुत अधिक पशु प्रोटीन का सेवन कुछ लोगों में स्टोन बनने के जोखिम से जुड़ा हो सकता है। मांस, मछली, अंडे और विशेष रूप से अंगों के मांस का सेवन स्टोन के प्रकार के अनुसार सीमित करने की सलाह दी जा सकती है। यूरिक एसिड स्टोन में पशु प्रोटीन पर विशेष ध्यान देना महत्वपूर्ण हो सकता है।
4. पानी की कमी न होने दें
किडनी स्टोन की रोकथाम में पर्याप्त तरल पदार्थ, खासकर पानी, सबसे महत्वपूर्ण उपायों में से एक माना जाता है। पर्याप्त पानी पेशाब को पतला रखने और उन खनिजों को बाहर निकालने में मदद करता है जो पथरी बनाने में योगदान कर सकते हैं। हालांकि किडनी फेल्योर या किसी अन्य बीमारी में तरल पदार्थ की मात्रा डॉक्टर से पूछकर तय करनी चाहिए।
क्या कैल्शियम पूरी तरह बंद कर देना चाहिए?
यह एक आम गलतफहमी है कि कैल्शियम स्टोन होने पर दूध और अन्य कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ पूरी तरह बंद कर देने चाहिए। खाने से मिलने वाला उचित मात्रा का कैल्शियम सामान्यतः कैल्शियम ऑक्सलेट स्टोन का कारण नहीं माना जाता। पर्याप्त आहार कैल्शियम आंत में ऑक्सलेट को बांधने में मदद कर सकता है। इसलिए कैल्शियम को अपने-आप बंद करने के बजाय डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर है।
नींबू पानी के बारे में क्या?
कुछ खट्टे फलों और उनके पेय में सिट्रेट होता है, जो कुछ परिस्थितियों में क्रिस्टल के स्टोन में बदलने की प्रक्रिया को रोकने में मदद कर सकता है। लेकिन किसी घरेलू पेय को किडनी स्टोन का इलाज मानना सही नहीं होगा।
डॉक्टर से सलाह कब जरूरी?
अगर कमर या पेट के किनारे तेज दर्द, पेशाब में खून, पेशाब करते समय परेशानी, बुखार या अन्य गंभीर लक्षण हों तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है। किडनी स्टोन का उपचार उसके आकार, स्थान और संरचना के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।
निष्कर्ष
किडनी स्टोन में कम नमक, पर्याप्त पानी और स्टोन के प्रकार के अनुसार संतुलित आहार महत्वपूर्ण हो सकता है। किसी भी खाद्य पदार्थ को बिना चिकित्सकीय सलाह पूरी तरह बंद करने के बजाय अपनी जांच रिपोर्ट और स्टोन के प्रकार के आधार पर डाइट तय करना अधिक उचित है।
नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किडनी स्टोन के मरीज अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर या पंजीकृत डाइटिशियन से व्यक्तिगत सलाह लें।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।