बिचौलिए बिना रजिस्ट्रेशन और जीएसटी के कर रहे हैं खुलेआम सरकारी कट्टों में गेहूं की पैकिंग, प्रशासन ने जांच के दिए आदेश
शाहबाद के अलफगंज गांव में एक अवैध गेहूं क्रय केंद्र का भंडाफोड़ हुआ है। बिना रजिस्ट्रेशन और जीएसटी के, बिचौलिए सरकारी मार्का कट्टों में गेहूं पैक कर रहे हैं। प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।
रामपुर।शाहबाद क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में अवैध गेहूं खरीद की गतिविधियां जोरों पर हैं। तहसील क्षेत्र के ग्राम अलफगंज में स्थित एक निजी केंद्र 'भारत ट्रेडिंग कंपनी' द्वारा खुलेआम गेहूं की खरीद की जा रही है, वो भी बिना किसी सरकारी अनुमति या वैध पंजीकरण के।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध क्रय केंद्र पर उत्तर प्रदेश सरकार के लोगो वाले प्लास्टिक कट्टों में गेहूं की पैकिंग की जा रही है। जब शाह टाइम्स संवाददाता ने मौके पर पहुंचकर केंद्र संचालक सतपाल सिंह से पूछताछ की, तो उन्होंने साफ कहा कि उनके पास ना तो कोई रजिस्ट्रेशन है, और ना ही कोई जीएसटी नंबर। उन्होंने यह भी स्वीकारा कि किसी प्रकार की वैध अनुमति उनके पास नहीं है।
इसके बाद एक व्यक्ति वारिस अली से फोन पर संपर्क कराया गया, जिन्होंने दावा किया कि "हमें इस क्षेत्र में मोबाइल क्रय केंद्र खोलने का मौखिक आदेश मिला है और उसी आधार पर हमने जगह-जगह खरीद केंद्र स्थापित किए हैं।" हालांकि जब उनसे इस आदेश की लिखित प्रति मांगी गई, तो जो दस्तावेज़ दिखाया गया उसमें ऐसा कोई उल्लेख नहीं था जो इस गतिविधि को वैध ठहराता हो।
मौके पर बड़ी मात्रा में सरकारी मार्का लगे कट्टे और गेहूं का भारी स्टॉक देखा गया, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह कारोबार लंबे समय से चल रहा है। इस अवैध क्रय से सरकार को आर्थिक नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही सरकारी क्रय केंद्रों का लक्ष्य भी प्रभावित हो सकता है, क्योंकि किसान अब सीधे इन बिचौलियों को गेहूं बेचने लगे हैं।
इस मामले पर जब शाहबाद एसडीएम और तहसीलदार से संपर्क किया गया तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि गेहूं की खरीद गैरकानूनी तरीके से हो रही है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तत्काल जांच कराकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शाहबाद क्षेत्र में अवैध गेहूं खरीद के इस नेटवर्क को जल्द रोकना आवश्यक है, अन्यथा इससे सरकार की योजनाओं, अनाज खरीद प्रणाली और ईमानदार किसानों पर विपरीत असर पड़ सकता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।