शुक्रवार, 23 October 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 72571.89 ▼ -0.92%
BITCOIN $81660 ▼ -0.67%
38°C मुजफ्फरनगर
🔔 Google पर Shah Times की खबरें पाने के लिए क्लिक करें
EDITION:
BREAKING
Advertisement Advertisement
Entertainment

सनी देओल की ‘सूर्या’ पर आईएमए की आपत्ति, डॉक्टरों के चित्रण की समीक्षा मांगी

Shah Times • 2026-10-23 10:44:29
सनी देओल की ‘सूर्या’ पर आईएमए की आपत्ति, डॉक्टरों के चित्रण की समीक्षा मांगी

सूर्या’ के प्रमोशनल कंटेंट पर आईएमए ने अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्र


‘सूर्या’ पर विवाद क्यों? डॉक्टरों के चित्रण और हिंसा पर आईएमए के सवाल


‘सूर्या’ की रिलीज से पहले समीक्षा की मांग, प्रमाणन पर क्या है स्थिति?


सनी देओल की फिल्म ‘सूर्या’ के प्रमोशनल कंटेंट पर आईएमए ने आपत्ति जताई है। संगठन ने डॉक्टरों के चित्रण और हिंसा पर समीक्षा मांगी है। रिपोर्टों के मुताबिक, फिल्म अभी प्रमाणन के लिए जमा नहीं हुई है।


📍 नई दिल्ली | 🗓️ 23 अक्टूबर 2026 | ✍️ Himani panwar 


मामला क्या है?


सनी देओल की आगामी फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ के प्रमोशनल कंटेंट पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, यानी आईएमए, ने आपत्ति दर्ज कराई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, संगठन ने 22 अक्टूबर को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर समीक्षा की मांग की। उसका एतराज़ चिकित्सा क्षेत्र में भ्रष्टाचार के सामान्यीकरण और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा के चित्रण से है। 


आईएमए की चिंता किस बात पर है?


पत्र के प्रकाशित विवरण के अनुसार, आईएमए का मानना है कि प्रमोशनल सामग्री पूरे चिकित्सा समुदाय के बारे में नकारात्मक धारणा पैदा कर सकती है। संगठन ने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल कर्मचारियों पर हमले दिखाने वाले दृश्यों पर भी चिंता जताई है, खासकर जहां हिंसा उचित या नायकत्वपूर्ण दिखाई दे।


यह आईएमए की आशंका है। इससे फिल्म के कारण हिंसा बढ़ने या जनविश्वास घटने का असर प्रमाणित नहीं होता। 


ज़रूरी तथ्य


• आपत्ति का केंद्र फिल्म की प्रमोशनल सामग्री है। • आईएमए ने निष्पक्ष समीक्षा और सुधारात्मक कदमों की मांग की है। • संगठन ने लागू कानून के तहत उचित पाए जाने पर प्रतिबंध या अन्य कार्रवाई पर विचार करने का आग्रह भी किया है। • उपलब्ध सामग्री में फिल्म पर प्रतिबंध लगाए जाने का आदेश सामने नहीं आया है। 

• 

संगठन का पक्ष


प्रकाशित पत्र-विवरण के मुताबिक, आईएमए ने स्पष्ट किया है कि वह भ्रष्टाचार या पेशेवर कदाचार का समर्थन नहीं करता। उसका तर्क है कि व्यक्तिगत गड़बड़ियों की जांच और जवाबदेही तय होनी चाहिए, लेकिन कुछ लोगों के आचरण को पूरे पेशे की पहचान नहीं बनाया जाना चाहिए।


मूल हस्ताक्षरित पत्र की स्वतंत्र प्रति उपलब्ध नहीं होने के कारण यहां शब्दशः उद्धरण के बजाय उसके प्रकाशित आशय का इस्तेमाल किया गया है। 


प्रमाणन पर क्या स्थिति है?


उपलब्ध रिपोर्टों में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के हवाले से बताया गया है कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड, यानी सीबीएफसी, के पास फिल्म अभी प्रमाणन के लिए जमा नहीं हुई है।


फिल्म जमा नहीं होना और प्रमाणन से इनकार होना अलग स्थितियां हैं। इस जानकारी को फिल्म के खारिज होने या उस पर रोक लगने के तौर पर पेश करना गलत होगा। 


फिल्म का संदर्भ


उपलब्ध फिल्म-विवरण के अनुसार, एम. पद्मकुमार निर्देशित ‘सूर्या’ चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े घटनाक्रम की पड़ताल करने वाले पिता की कहानी है। इसका टीज़र 19 अक्टूबर को जारी हुआ था। रिलीज की घोषित तारीख 20 नवंबर 2026 बताई गई है। यह प्रस्तावित कार्यक्रम है, अंतिम प्रमाणन की पुष्टि नहीं। 


अहम तारीखें


• 19 अक्टूबर 2026: टीज़र जारी होने की रिपोर्ट। • 22 अक्टूबर 2026: आईएमए के पत्र की तारीख। • 20 नवंबर 2026: घोषित सिनेमाघर रिलीज। 


आगे क्या देखना होगा?


अब मंत्रालय की प्रतिक्रिया, निर्माताओं का पक्ष और प्रमाणन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज अहम होंगे। समीक्षा का आदेश, किसी दृश्य में बदलाव या रिलीज कार्यक्रम में संशोधन होने की पुष्टि उपलब्ध सामग्री से नहीं होती।


फिलहाल मामला एक पेशेवर संगठन की आपत्ति और समीक्षा की मांग का है। इसे सरकारी प्रतिबंध, अदालत के फैसले या प्रमाणन विवाद के अंतिम नतीजे के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।


रचनात्मक अभिव्यक्ति, जवाबदेही और जनविश्वास


इस विवाद में 2 प्रश्न अलग रखना ज़रूरी है। पहला, फिल्म चिकित्सा व्यवस्था की आलोचना कैसे करती है। दूसरा, क्या उसका प्रस्तुतिकरण पूरे पेशे के खिलाफ सामान्य धारणा बनाता है या हिंसा को उचित ठहराता है।


आईएमए की चिंता समीक्षा का विषय है। साथ ही, किसी संस्था की आपत्ति अपने आप फिल्म के विरुद्ध निष्कर्ष नहीं बनती। जिम्मेदार मूल्यांकन के लिए पूरा कंटेंट, निर्माताओं का जवाब और संबंधित प्राधिकरण का निर्णय देखना होगा।


फिल्म के दृश्यों को वास्तविक चिकित्सा व्यवस्था का प्रमाण बताना भी अनुचित होगा। मरीजों की शिकायतों और डॉक्टरों की सुरक्षा, दोनों पर बहस दस्तावेज, जांच और ठोस साक्ष्य पर आधारित रहनी चाहिए।

वीडियो देखें

ADVERTISEMENT
Shah Times

Shah Times

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

संबंधित खबरें

पहले पीरियड पर मां ने उतारी थी आरती, सोनाली कुलकर्णी ने साझा किया निजी अनुभव

2026-10-17 11:00:35

दृश्यम 3 पर मोहनलाल की प्रतिक्रिया, अजय देवगन की फिल्म की कहानी और क्लाइमैक्स को मिली सराहना

2026-10-13 11:53:30

दृश्यम 3 बॉक्स ऑफिस: 6 दिन में ₹232.50 करोड़ की कमाई, अजय देवगन की फिल्म ने बनाया नया रिकॉर्ड

2026-10-08 14:23:20

मुश्ताक खान का 56 साल की उम्र में निधन, सनी देओल और रजा मुराद ने दी श्रद्धांजलि

2026-09-25 14:15:56

सुशांत से मुलाकात और रिया के संदेश का ज़िक्र, स्मिता जयकर ने साझा की पुरानी याद

2026-10-23 12:07:40

आंखों की गुस्ताखियां’ के शूट पर भंसाली ने सलमान को क्यों टोका? स्मिता जयकर ने बताया किस्सा

2026-10-23 11:10:45

तुम मेरे हो’ के लिए गुरमीत ने बिहार से मांगा साथ, कुछ यूजर्स ने बाढ़ पर उठाए सवाल

2026-10-23 10:58:11

अमिताभ बच्चन ने मांगी माफ़ी, बोले, आराम की सलाह मिली, लिख नहीं पा रहा

2026-10-22 10:45:35

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर