गुरुवार, 09 July 2026
GOLD ₹0 ▼ 0%
SENSEX 0 ▼ 0%
BITCOIN $0 ▼ 0%
38°C मुजफ्फरनगर
EDITION:
BREAKING
#ShahTimes #Muzaffarnagar #Bijnor #Moradabad #BreakingNews #Politics #Education #Crime #Sports #Business
SmarterASP.NET Hosting
None

IMF का कर्ज और पाकिस्तान की परछाईं में छिपा आतंकवाद

None 2025-05-09 15:42:24
IMF का कर्ज और पाकिस्तान की परछाईं में छिपा आतंकवाद

क्या भारत की आपत्ति पर विचार करेगा IMF?


IMF आज पाकिस्तान को ₹11,113 करोड़ की मदद देने पर फैसला करेगा, जबकि भारत ने इसके खिलाफ आवाज उठाई है। जानें क्यों IMF को सिर्फ आंकड़ों पर नहीं, नीयत पर भी गौर करना चाहिए।



जब कोई देश लगातार आर्थिक मोर्चे पर नाकाम होता है और साथ ही अपने पड़ोसी देश के खिलाफ आक्रामक नीति अपनाता है, तो सवाल उठता है – क्या उसे अंतरराष्ट्रीय मदद मिलनी चाहिए? पाकिस्तान इस वक्त इसी दोराहे पर खड़ा है। IMF के बोर्ड के सामने आज जो प्रस्ताव है, वह सिर्फ आर्थिक सहारा देने का नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा और नीति-नैतिकता का भी सवाल है।

पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति संकट के कगार पर है। विदेशी मुद्रा भंडार सिकुड़ चुका है, रोजमर्रा के खर्च भी कर्ज पर निर्भर हैं। ऐसे में IMF का प्रस्तावित 1.3 बिलियन डॉलर (₹11,113 करोड़) का कर्ज पाकिस्तान के लिए ऑक्सीजन जैसा है। लेकिन भारत ने इस मदद पर सख्त आपत्ति जताई है – और ये आपत्ति केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि रणनीतिक और वैश्विक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

भारत का तर्क है कि पाकिस्तान को मिलने वाला यह फंड भारत में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में इस्तेमाल हो सकता है। हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले, और फिर भारत द्वारा चलाए गए "ऑपरेशन सिंदूर" से ये स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि पाकिस्तान सैन्य और आतंकी रूप से सक्रिय है, और इसे अंतरराष्ट्रीय कर्जों की आड़ में छुपाने की कोशिश कर रहा है।

यहां यह सवाल जरूरी है कि क्या IMF जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन का दायित्व सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित है, या उसे यह देखना चाहिए कि उस सहायता का उपयोग किन लक्ष्यों के लिए हो रहा है? क्या कोई ऐसा ट्रैक रिकॉर्ड है जो यह भरोसा दिला सके कि पाकिस्तान इस बार फंड का उपयोग विकास और स्थायित्व के लिए करेगा?

सवाल केवल इतना नहीं है कि पाकिस्तान को कर्ज दिया जाए या नहीं—सवाल यह भी है कि क्या इससे आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई कमजोर तो नहीं पड़ेगी? क्या यह उन देशों के साथ अन्याय नहीं होगा जो वैश्विक नियमों और शांति की राह पर चलने की कीमत चुका रहे हैं?

भारत के IMF प्रतिनिधि परमेश्वरन अय्यर इस विषय पर भारत की चिंता को स्पष्ट रूप से रखेंगे। यह वक्त है कि IMF बोर्ड ‘अर्थशास्त्र से आगे जाकर’ जमीनी सच को देखे। यह राहत पैकेज विकास का रास्ता खोले या फिर एक और खतरनाक चक्र को जन्म दे – यह इस फैसले पर निर्भर करेगा।



पाकिस्तान को आर्थिक मदद देना सिर्फ IMF की नीति नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही का विषय है। आतंकवाद के साये में खड़े मुल्क को बिना शर्त फंड देना, शांति और स्थायित्व के प्रति एक खतरनाक चूक हो सकती है। IMF को अपने फैसले से एक मिसाल कायम करनी चाहिए—कि आर्थिक मदद उन्हीं के लिए है जो वैश्विक शांति और ज़िम्मेदारी के मूल्यों को समझते हैं।



ADVERTISEMENT
None

None

Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

BREAKING NEWS

TRENDING

ताज़ा ख़बरें
BREAKING NEWS
ADVERTISEMENT

Your Ad Here
TRENDING
आज का ई-पेपर
मुजफ्फरनगर (12 पेज)
बिजनौर (10 पेज)
सहारनपुर (11 पेज)
मुरादाबाद (14 पेज)
Home Video Epaper Reel Menu
Chat With Us
SHAH TIMES
ख़बरें छुपाता नहीं, छापता है
🏠 होम ⚡ ब्रेकिंग न्यूज़ 📰 ताज़ा खबरें 🇮🇳 देश 🌍 दुनिया 🏛 राजनीति 🚔 क्राइम 📈 बिजनेस 🏏 स्पोर्ट्स 🎓 शिक्षा ❤️ स्वास्थ्य 📰 ई-पेपर