आईएमएफ ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.4 प्रतिशत कर दिया है। इसके बावजूद संस्था का कहना है कि निजी उपभोग और सेवा क्षेत्र की मजबूती के कारण भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
📍 Location: नई दिल्ली
📰 Date: 08 जुलाई 2026
✍️ Apurva Choudhary
IMF का नया अनुमान: भारत की विकास दर 6.4%, फिर भी दुनिया में सबसे आगे
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर अपना नया अनुमान जारी किया है। संस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.5 प्रतिशत से घटाकर 6.4 प्रतिशत कर दिया है। हालांकि इस मामूली संशोधन के बावजूद आईएमएफ का मानना है कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
आईएमएफ की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत निजी उपभोग, सेवा क्षेत्र में लगातार बढ़ती गतिविधियों और घरेलू मांग का समर्थन मिल रहा है। यही कारण है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की विकास गति अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर बनी हुई है।
निजी उपभोग और सेवा क्षेत्र बना सबसे बड़ा सहारा
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में बढ़ता घरेलू उपभोग और सेवा क्षेत्र की मजबूत गतिविधियां आर्थिक विकास को गति दे रही हैं। आईटी, वित्तीय सेवाएं, पर्यटन और डिजिटल इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों का सकारात्मक प्रदर्शन भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है।
RBI ने भी घटाया था अनुमान
इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जून 2026 की मौद्रिक नीति समीक्षा में चालू वित्त वर्ष के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया था। अब आईएमएफ का 6.4 प्रतिशत का अनुमान वैश्विक आर्थिक चुनौतियों को भी दर्शाता है।
अगले वित्त वर्ष के लिए बेहतर तस्वीर
आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2027-28 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है। पहले यह अनुमान 6.5 प्रतिशत था। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था और मजबूत हो सकती है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर
आईएमएफ ने वर्ष 2026 के लिए वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 3.1 प्रतिशत से घटाकर 3.0 प्रतिशत कर दिया है। वहीं वर्ष 2027 के लिए अनुमान बढ़ाकर 3.4 प्रतिशत किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं का असर विश्व अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। हालांकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकों को तेजी से अपनाने से वैश्विक विकास को कुछ हद तक समर्थन मिला है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह रिपोर्ट?
आईएमएफ की रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और वैश्विक वित्तीय संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण संकेत मानी जाती है। भारत को सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बताए जाने से विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत होने की संभावना है।
आईएमएफ ने भले ही भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान में मामूली कटौती की हो, लेकिन देश की विकास यात्रा को लेकर उसका भरोसा बरकरार है। मजबूत घरेलू मांग, सेवा क्षेत्र की तेजी और निवेश गतिविधियों के दम पर भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भी सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहने की स्थिति में है।