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Trump Tariffs का भारत पर असर: अमेरिका में एक्सपोर्ट घटा, चीन बना राहत की वजह

None • 2025-11-23 15:31:55
Trump Tariffs का भारत पर असर: अमेरिका में एक्सपोर्ट घटा, चीन बना राहत की वजह

अक्टूबर में भारत का कुल निर्यात ग‍िरा, लेकिन चीन को होने वाला निर्यात 42% तक उछला—टैरिफ झटके के बीच बड़ी राहत।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ का भारत के एक्सपोर्ट पर बड़ा असर पड़ा है। अक्टूबर में निर्यात घटा, लेकिन चीन को भारत का निर्यात तेज़ी से बढ़ता रहा। जानें किन सेक्टर्स ने दिखाई मजबूती।

अमेरिकी टैरिफ ने बढ़ाई भारत की मुश्किलें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी शुल्क का सीधा असर भारत के निर्यात पर दिखने लगा है। 50% तक के टैरिफ ने भारतीय उत्पादों की लागत बढ़ा दी, जिसके चलते अक्टूबर में कुल निर्यात 11.8% का भारी गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 34.38 अरब डॉलर रह गया।
सोने के आयात में उछाल की वजह से भारत का व्यापार घाटा भी बढ़कर 41.68 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

चीन बना नई उम्मीद—निर्यात में लगातार तेज़ी

अमेरिकी दबाव के बीच चीन भारत के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरा है। वर्तमान वित्त वर्ष (अप्रैल–अक्टूबर) में चीन को भारत का निर्यात 24.7% बढ़कर 10.03 अरब डॉलर हो गया है।
खास बात यह है कि इस अवधि में वैश्विक मांग कमजोर थी, लेकिन भारत–चीन द्विपक्षीय व्यापार ने मजबूत रफ्तार बनाए रखी।

अक्टूबर में चीन को निर्यात 42% उछला

अप्रैल से सितंबर के दौरान चीन को होने वाले निर्यात में हर महीने बढ़ोतरी रही।

अप्रैल: 11% वृद्धि

जुलाई: 28% वृद्धि

सितंबर: 33% वृद्धि

अक्टूबर: 42% उछाल (सबसे तेज़)

अप्रैल–अक्टूबर में चीन भारत का चौथा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य रहा।

भारत–चीन व्यापार घाटा अभी भी बड़ा

हालांकि निर्यात बढ़ा, लेकिन चीन से आयात कहीं बड़ा है।
उसी अवधि में चीन से भारत ने 73.99 अरब डॉलर का सामान आयात किया, जिससे कुल व्यापार घाटा 64 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

किन सेक्टर्स में दिखा सबसे ज्यादा उछाल?

अप्रैल–सितंबर के उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि कुछ सेक्टर्स ने रिकॉर्ड निर्यात वृद्धि दर्ज की:

1. पेट्रोलियम उत्पाद

निर्यात दोगुना से अधिक बढ़कर
1.48 अरब डॉलर

चीन की औद्योगिक ईंधन जरूरतों से मांग तेज़

2. टेलीकॉम उपकरण

पिछले वर्ष: 207.26 मिलियन डॉलर

इस वर्ष: 778.23 मिलियन डॉलर

निर्यात तीन गुना से अधिक

3. समुद्री उत्पाद

पिछले वर्ष: 548.36 मिलियन डॉलर

इस वर्ष: 659.27 मिलियन डॉलर

निर्यात में 20% से अधिक वृद्धि

कुल निर्यात क्यों नहीं संभल पाया?

हालांकि चीन में मांग मजबूत थी, लेकिन अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में टैरिफ झटके और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण भारत का समग्र निर्यात सिर्फ 0.63% ही बढ़ सका।

Bullet Key Facts

अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया।

अक्टूबर में भारत का निर्यात 11.8% घटा।

चीन को निर्यात 42% बढ़ा (अक्टूबर)।

अप्रैल–अक्टूबर में चीन को कुल निर्यात 24.7% बढ़कर 10.03 अरब डॉलर।

चीन से आयात: 73.99 अरब डॉलर।

भारत–चीन व्यापार घाटा: 64 अरब डॉलर।

पेट्रोलियम, टेलीकॉम और सीफूड रहे प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर।

अमेरिकी टैरिफ ने भारत के निर्यात सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती खड़ी की है। अक्टूबर में बड़ा झटका लगा, लेकिन चीन जैसे बाजारों में मांग में तेजी ने कुछ राहत दी। पेट्रोलियम, टेलीकॉम उपकरण और समुद्री उत्पादों में तेजी दिखाती है कि भारत के पास अवसर मौजूद हैं—बस जरूरी है कि निर्यात बाजारों में विविधता लाई जाए और वैश्विक चुनौतियों के बीच नई रणनीतियां अपनाई जाएं।

अक्टूबर में भारत का कुल निर्यात ग‍िरा, लेकिन चीन को होने वाला निर्यात 42% तक उछला—टैरिफ झटके के बीच बड़ी राहत।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ का भारत के एक्सपोर्ट पर बड़ा असर पड़ा है। अक्टूबर में निर्यात घटा, लेकिन चीन को भारत का निर्यात तेज़ी से बढ़ता रहा। जानें किन सेक्टर्स ने दिखाई मजबूती।

अमेरिकी टैरिफ ने बढ़ाई भारत की मुश्किलें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी शुल्क का सीधा असर भारत के निर्यात पर दिखने लगा है। 50% तक के टैरिफ ने भारतीय उत्पादों की लागत बढ़ा दी, जिसके चलते अक्टूबर में कुल निर्यात 11.8% का भारी गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर 34.38 अरब डॉलर रह गया।
सोने के आयात में उछाल की वजह से भारत का व्यापार घाटा भी बढ़कर 41.68 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

चीन बना नई उम्मीद—निर्यात में लगातार तेज़ी

अमेरिकी दबाव के बीच चीन भारत के लिए एक बड़ा सहारा बनकर उभरा है। वर्तमान वित्त वर्ष (अप्रैल–अक्टूबर) में चीन को भारत का निर्यात 24.7% बढ़कर 10.03 अरब डॉलर हो गया है।
खास बात यह है कि इस अवधि में वैश्विक मांग कमजोर थी, लेकिन भारत–चीन द्विपक्षीय व्यापार ने मजबूत रफ्तार बनाए रखी।

अक्टूबर में चीन को निर्यात 42% उछला

अप्रैल से सितंबर के दौरान चीन को होने वाले निर्यात में हर महीने बढ़ोतरी रही।

अप्रैल: 11% वृद्धि

जुलाई: 28% वृद्धि

सितंबर: 33% वृद्धि

अक्टूबर: 42% उछाल (सबसे तेज़)

अप्रैल–अक्टूबर में चीन भारत का चौथा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य रहा।

भारत–चीन व्यापार घाटा अभी भी बड़ा

हालांकि निर्यात बढ़ा, लेकिन चीन से आयात कहीं बड़ा है।
उसी अवधि में चीन से भारत ने 73.99 अरब डॉलर का सामान आयात किया, जिससे कुल व्यापार घाटा 64 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

किन सेक्टर्स में दिखा सबसे ज्यादा उछाल?

अप्रैल–सितंबर के उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि कुछ सेक्टर्स ने रिकॉर्ड निर्यात वृद्धि दर्ज की:

1. पेट्रोलियम उत्पाद

निर्यात दोगुना से अधिक बढ़कर
1.48 अरब डॉलर

चीन की औद्योगिक ईंधन जरूरतों से मांग तेज़

2. टेलीकॉम उपकरण

पिछले वर्ष: 207.26 मिलियन डॉलर

इस वर्ष: 778.23 मिलियन डॉलर

निर्यात तीन गुना से अधिक

3. समुद्री उत्पाद

पिछले वर्ष: 548.36 मिलियन डॉलर

इस वर्ष: 659.27 मिलियन डॉलर

निर्यात में 20% से अधिक वृद्धि

कुल निर्यात क्यों नहीं संभल पाया?

हालांकि चीन में मांग मजबूत थी, लेकिन अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में टैरिफ झटके और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण भारत का समग्र निर्यात सिर्फ 0.63% ही बढ़ सका।

Bullet Key Facts

अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया।

अक्टूबर में भारत का निर्यात 11.8% घटा।

चीन को निर्यात 42% बढ़ा (अक्टूबर)।

अप्रैल–अक्टूबर में चीन को कुल निर्यात 24.7% बढ़कर 10.03 अरब डॉलर।

चीन से आयात: 73.99 अरब डॉलर।

भारत–चीन व्यापार घाटा: 64 अरब डॉलर।

पेट्रोलियम, टेलीकॉम और सीफूड रहे प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर।

अमेरिकी टैरिफ ने भारत के निर्यात सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती खड़ी की है। अक्टूबर में बड़ा झटका लगा, लेकिन चीन जैसे बाजारों में मांग में तेजी ने कुछ राहत दी। पेट्रोलियम, टेलीकॉम उपकरण और समुद्री उत्पादों में तेजी दिखाती है कि भारत के पास अवसर मौजूद हैं—बस जरूरी है कि निर्यात बाजारों में विविधता लाई जाए और वैश्विक चुनौतियों के बीच नई रणनीतियां अपनाई जाएं।

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शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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