28 फ़रवरी का दिन इतिहास में कई अहम वाक़ियात, साइंस की बड़ी खोजों, आज़ादी की जद्दोजहद, जंग और सियासी तब्दीलियों के लिए दर्ज है। इसी दिन भारत में नेशनल साइंस डे मनाया जाता है। आइए, जानते हैं 28 फ़रवरी से जुड़ी प्रमुख घटनाएँ, जन्म और निधन की तथ्यात्मक जानकारी।
28 फ़रवरी का दिन तारीख़ के सफ़हों में कई अहम वाक़ियात के साथ दर्ज है। इस दिन सियासत, साइंस, तालीम, जंग और फ़िल्मी दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाएँ हुईं। यह दिन कई ऐसी शख़्सियतों की पैदाइश और इंतिक़ाल का भी गवाह है जिन्होंने अपने-अपने दौर में गहरा असर छोड़ा।
साल 1580 में मुग़ल बादशाह अकबर के दरबार फतेहपुर सीकरी में गोवा से पहला जेसुइट ईसाई मिशनरी दल पहुँचा। यह मिशन यूरोप और हिंदुस्तान के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक डायलॉग की शुरुआत माना जाता है। दरबार में विभिन्न मज़हबी बहसें आयोजित की गईं। इस मुलाक़ात ने मुग़ल सल्तनत और यूरोपीय मिशनरियों के बीच एक नए अध्याय की बुनियाद रखी।
28 फ़रवरी 1835 को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई। यह संस्थान ब्रिटिश इंडिया में वेस्टर्न मेडिकल एजुकेशन देने वाला प्रमुख कॉलेज बना। यहाँ से आधुनिक चिकित्सा शिक्षा की शुरुआत मानी जाती है। मेडिकल साइंस के क्षेत्र में यह कदम भारत के हेल्थ सिस्टम के लिए मील का पत्थर साबित हुआ।
1847 में मैक्सिको-अमेरिका युद्ध के दौरान सैक्रामेंटो क्षेत्र में संघर्ष हुआ। यह घटना व्यापक युद्ध का हिस्सा थी, जो 1846 से 1848 के बीच लड़ा गया। इस जंग के नतीजे में अमेरिका और मैक्सिको के बीच सीमा परिवर्तन हुआ। यह संघर्ष उत्तर अमेरिकी इतिहास में महत्वपूर्ण माना जाता है।
1919 में अमानुल्ला खान अफ़ग़ानिस्तान के शासक बने। उनके दौर में देश में सुधारों की शुरुआत हुई। उसी वर्ष अफ़ग़ानिस्तान ने ब्रिटेन के साथ जंग के बाद अपनी आज़ादी की पुष्टि की। अमानुल्ला खान के शासन को अफ़ग़ान इतिहास में परिवर्तन के दौर के रूप में दर्ज किया जाता है।
28 फ़रवरी 1922 को मिस्र को ब्रिटेन से औपचारिक स्वतंत्रता मिली। हालांकि कुछ मामलों में ब्रिटेन का प्रभाव जारी रहा, लेकिन यह घोषणा मिस्र की सियासी पहचान के लिए अहम कदम थी। यह घटना मध्य पूर्व की सियासत में महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखी जाती है।
साल 1928 में भारतीय वैज्ञानिक सी. वी. रमन ने “रमन प्रभाव” की खोज की घोषणा की। यह खोज प्रकाश के प्रकीर्णन से जुड़ी थी। इस उपलब्धि के सम्मान में भारत में हर वर्ष 28 फ़रवरी को नेशनल साइंस डे मनाया जाता है। साइंस की दुनिया में यह खोज भारत के लिए गौरवपूर्ण मानी जाती है।
1943 में हावड़ा ब्रिज को यातायात के लिए खोला गया। यह पुल हुगली नदी पर बना और कोलकाता शहर की पहचान बन गया। बाद में इसे रवीन्द्र सेतु नाम दिया गया। यह इंजीनियरिंग का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है।
28 फ़रवरी 1991 को खाड़ी युद्ध के बाद अमेरिका और गठबंधन सेनाओं ने इराक के साथ युद्धविराम की घोषणा की। यह संघर्ष कुवैत पर इराकी कब्ज़े के बाद शुरू हुआ था। युद्धविराम के साथ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई समाप्त हुई।
1995 में डेनवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन हुआ। यह अमेरिका के कोलोराडो राज्य में स्थित है। यह एयरपोर्ट अपने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े क्षेत्रफल के लिए जाना जाता है।
2005 में फिल्म मिलियन डॉलर बेबी को 77वें अकादमी अवॉर्ड्स में चार ऑस्कर पुरस्कार मिले। इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ फिल्म सहित कई श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
2011 में द किंग्स स्पीच को 83वें अकादमी अवॉर्ड्स में बेस्ट पिक्चर का ऑस्कर मिला। यह फिल्म ब्रिटेन के किंग जॉर्ज षष्टम के जीवन पर आधारित थी।
1865 में स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय का जन्म हुआ।
1899 में भारत के प्रथम भारतीय कमांडर-इन-चीफ के. एम. करिअप्पा का जन्म हुआ।
1913 में कवि और गीतकार नरेन्द्र शर्मा का जन्म हुआ।
1930 में शास्त्रीय गायक पंडित जसराज का जन्म हुआ।
1944 में संगीतकार और गायक रवीन्द्र जैन का जन्म हुआ।
1572 में मेवाड़ के शासक राणा उदयसिंह द्वितीय का निधन हुआ।
1712 में मुग़ल बादशाह बहादुर शाह प्रथम का लाहौर में निधन हुआ।
1936 में कमला नेहरू का स्विट्ज़रलैंड में निधन हुआ।
1939 में आयरिश कवि डब्ल्यू. बी. यीट्स का निधन हुआ।
1963 में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का निधन हुआ।
2007 में संगीतकार ओ. पी. नैय्यर का निधन हुआ।
2018 में कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का निधन हुआ।
28 फ़रवरी का दिन इतिहास में विविध क्षेत्रों की अहम घटनाओं के कारण दर्ज है। साइंस से लेकर सियासत और संस्कृति तक, यह तारीख़ कई महत्वपूर्ण पड़ावों की याद दिलाती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।