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भारतीय मुद्रा की बढ़ी विश्वसनीयता ,भारत-यूएई के बीच पहली बार रुपए में लेनदेन

None 2023-08-17 13:20:02
भारतीय मुद्रा की बढ़ी विश्वसनीयता ,भारत-यूएई के बीच पहली बार रुपए में लेनदेन

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (ioc) ने यूएई से लाखों बैरल कच्चा तेल खरीदने के लिए भारतीय रुपये में भुगतान किया

नई दिल्ली । भारतीय मुद्रा की विश्वसनीयता बढ़ी है,भारत-यूएई के बीच द्विपक्षीय कारोबार पहली बार रुपए में लेनदेन हुआ है।भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच पहली बार द्विपक्षीय कारोबार में स्थानीय मुद्रा का उपयोग हुआ है।

केंद्र सरकार के मुताबिक कि देश की सबसे बड़ी ऑयल रिफाइनरी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (ioc) ने यूएई से लाखों बैरल कच्चा तेल खरीदने के लिए भारतीय रुपये में भुगतान किया है. इस खाड़ी देश से तेल खरीदने के लिए पहली बार भारतीय मुद्रा का उपयोग किया गया है।

इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) से तेल खरीदने के लिए जो भुगतान किया है, वो रुपये में किया गया है. इसकी जानकारी यूएई में भारतीय उच्चायोग ने एक बयान जारी करके दी है. भारत और यूएई के बीच लोकल करेंसी सैटलमेंट (LCS) के तहत भारत और यूएई के बीच ये सौदा हुआ है।

इस सौदे के तहत 1 लाख बैरल कच्चे तेल की बिक्री शामिल है. इस सौदे के लेनदेन के लिए भारतीय मुद्रा और यूएई दिरहम दोनों का उपयोग किया गया है।

भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच गहरा कारोबारी रिश्ता है और यूएई भारत के एनर्जी कारोबार के लिए बड़ा पार्टनर है. दोनों देशो के बीच ऑयल एंड गैस के कारोबार को लेकर लंबे समय से अच्छे रिश्ते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई की यात्रा के दौरान दोनों देशों ने क्रॉस बॉर्डर मनी ट्रांसफर के लिए रियल टाइम पेमेंट लिंक को आसान बनाने की दिशा में करार हुए. दोनों देशों के बीच साल 2022-23 में कुल 84.5 अरब डॉलर का ट्रेड हुआ था।

काबिले जिक्र है कि भारत की अन्य देशों के साथ भी लोकल करेंसी में ट्रेड करने की कोशिशें जारी हैं जिससे देश का निर्यात भी बढ़ाया जा सके और देश की मुद्रा की विश्वसनीयता बढ़ सके।

जुलाई में भारत ने यूएई के साथ एक एग्रीमेंट साइन किया था जिसके तहत दोनों देश इस बात पर सहमत हुए थे कि भारत डॉलर की बजाए अपनी करेंसी रुपये में यूएई को पेमेंट कर सकता है. इसके जरिए भारत का दो मोर्चों पर बढ़त हासिल करने का लक्ष्य था, एक तो डॉलर के प्रभुत्व को भारत में कम करना जिससे देश की अपनी करेंसी रुपये में कारोबार बढ़ाया जा सके. दूसरा डॉलर को कन्वर्ट करने में जो खर्च होता था उसे घटाकर किसी भी सौदे की लागत को कम करने का लक्ष्य था।

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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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