भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम 5 से 14 जुलाई तक ब्रिटेन के एक्सपोज़र दौरे पर सात मुकाबले खेलेगी। नए मुख्य कोच टिम व्हाइट के मार्गदर्शन में टीम स्कॉटलैंड, इंग्लैंड, अमेरिका और बेल्जियम की टीमों के खिलाफ अभ्यास मैच खेलेगी। यह दौरा जूनियर एशिया कप की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
📍 बेंगलुरु
📰 03 जुलाई 2026
✍️ Apurva Choudhary
ब्रिटेन दौरे से अंतरराष्ट्रीय चुनौती के लिए तैयार होगी भारतीय टीम
भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ब्रिटेन के एक्सपोज़र टूर के लिए रवाना हो गई है। 24 सदस्यीय टीम 5 से 14 जुलाई के बीच स्कॉटलैंड और इंग्लैंड में सात मुकाबले खेलेगी। यह दौरा आगामी जूनियर एशिया कप समेत अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
टीम नए मुख्य कोच टिम व्हाइट के नेतृत्व में पहली बार विदेशी दौरे पर उतर रही है। ऐसे में खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ के लिए भी यह दौरा टीम संयोजन और रणनीति को परखने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।
स्कॉटलैंड से होगी अभियान की शुरुआत
भारतीय टीम अपने दौरे की शुरुआत यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग में स्कॉटलैंड की सीनियर महिला हॉकी टीम के खिलाफ दो मुकाबलों से करेगी। सीनियर स्तर की टीम के खिलाफ खेलना युवा खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव हासिल करने का मौका देगा।
इसके बाद टीम इंग्लैंड के लिलेशाल नेशनल स्पोर्ट्स सेंटर में अमेरिका, इंग्लैंड और बेल्जियम की जूनियर टीमों के खिलाफ अभ्यास मैच खेलेगी।
एशिया कप की तैयारी पर रहेगा फोकस
हॉकी इंडिया इस दौरे को केवल अभ्यास मैचों तक सीमित नहीं मान रहा है। विभिन्न शैली की टीमों के खिलाफ खेलने से खिलाड़ियों को तेज़ गति वाले अंतरराष्ट्रीय हॉकी वातावरण के अनुरूप खुद को ढालने का अवसर मिलेगा।
कोचिंग स्टाफ इस दौरान खिलाड़ियों की फिटनेस, सामंजस्य, पेनाल्टी कॉर्नर रणनीति और दबाव की परिस्थितियों में प्रदर्शन का भी मूल्यांकन करेगा।
नए कोच के लिए भी अहम परीक्षा
मुख्य कोच टिम व्हाइट के लिए यह पहला बड़ा विदेशी दौरा है। उनके सामने युवा खिलाड़ियों की क्षमता को निखारने और एक संतुलित टीम तैयार करने की चुनौती होगी।
यदि भारतीय टीम इस दौरे में लगातार अच्छा प्रदर्शन करती है तो इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद भी मजबूत होगी।
ब्रिटेन एक्सपोज़र टूर भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम के लिए केवल अभ्यास का अवसर नहीं बल्कि भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं की नींव रखने वाला अभियान है। सात अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से मिलने वाला अनुभव टीम को एशिया कप और अन्य वैश्विक टूर्नामेंटों के लिए बेहतर तैयारी का अवसर देगा।