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भारत-यूके FTA से खुला ब्रिटिश बाज़ार, कारोबार और रोज़गार को नई रफ़्तार
Asif Khan
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2026-07-15 13:11:54
भारत-यूके FTA लागू, निर्यातकों के लिए खुला बड़ा अवसर
99% भारतीय निर्यात को ड्यूटी-फ्री पहुंच, क्या बदलेगा?
भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता लागू हो गया है। इससे अधिकांश भारतीय निर्यात को ब्रिटिश बाज़ार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जबकि कई ब्रिटिश उत्पादों पर भारत चरणबद्ध तरीके से आयात शुल्क घटाएगा समझौते का उद्देश्य व्यापार, निवेश और सेवाओं को बढ़ावा देना है।
📍New Delhi / London 📰 15 July 2026 ✍️ Asif Khan
भारत-यूके FTA लागू, दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए नया अवसर
करीब तीन वर्षों तक चली बातचीत के बाद भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता आज से प्रभावी हो गया। यह समझौता ऐसे समय लागू हुआ है जब वैश्विक व्यापार भू-राजनीतिक तनाव, सप्लाई चेन चुनौतियों और संरक्षणवादी नीतियों के दबाव का सामना कर रहा है। ऐसे माहौल में यह समझौता दोनों देशों के लिए रणनीतिक और आर्थिक महत्व रखता है।
भारत-यूके FTA क्या है?
भारत-यूके FTA एक व्यापक व्यापार समझौता है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और निवेश को आसान बनाना है। इसके तहत ब्रिटेन अधिकांश भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क समाप्त करेगा, जबकि भारत भी कई ब्रिटिश उत्पादों पर चरणबद्ध तरीके से शुल्क कम करेगा।
भारतीय निर्यातकों को सबसे बड़ा लाभ
इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारतीय निर्यातकों को मिलने की उम्मीद है। टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट, चमड़ा, फुटवियर, जेम्स एंड ज्वेलरी, समुद्री उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान और प्रोसेस्ड फूड जैसे क्षेत्रों को ब्रिटिश बाज़ार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनने का अवसर मिलेगा। अधिकांश टैरिफ लाइनों पर शुल्क समाप्त होने से भारतीय कंपनियों की लागत घट सकती है और निर्यात बढ़ सकता है।
भारतीय उपभोक्ताओं पर क्या असर होगा?
समझौते के तहत कई ब्रिटिश उत्पादों पर आयात शुल्क चरणबद्ध तरीके से कम किया जाएगा। इससे भविष्य में स्कॉच व्हिस्की, प्रीमियम कारों और कुछ अन्य ब्रिटिश उत्पादों की कीमतों पर असर पड़ सकता है। हालांकि सभी वस्तुओं पर कीमतों में तुरंत कमी नहीं आएगी क्योंकि शुल्क कटौती अलग-अलग समयसीमा में लागू होगी।
सेवाओं और पेशेवरों के लिए नए अवसर
समझौते में सेवाओं के क्षेत्र को भी विशेष महत्व दिया गया है। आईटी, इंजीनियरिंग, वित्तीय सेवाओं और अन्य पेशेवर क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों और विशेषज्ञों के लिए अवसर बढ़ने की संभावना है। इसके साथ सामाजिक सुरक्षा योगदान से जुड़े प्रावधानों का लाभ भी बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवरों और नियोक्ताओं को मिलने की उम्मीद जताई गई है।
क्या केवल फायदे ही हैं?
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि FTA अपने आप व्यापार नहीं बढ़ाता। सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि भारतीय उद्योग गुणवत्ता मानकों, नियमों और सप्लाई चेन की आवश्यकताओं को कितनी तेज़ी से पूरा करते हैं। कुछ उद्योग संगठनों ने यह भी कहा है कि तकनीकी मानकों और ‘रूल्स ऑफ ओरिजिन’ जैसे मुद्दों पर प्रभावी अमल ज़रूरी होगा।
सम्पादकीय दृष्टिकोण
भारत-यूके FTA भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। इससे निर्यात, निवेश और सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि उद्योग, सरकार और निर्यातक इस समझौते के प्रावधानों का कितना प्रभावी उपयोग कर पाते हैं। आने वाले वर्षों में इसके आर्थिक परिणाम अधिक स्पष्ट दिखाई देंगे।
Asif Khan
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।