एशियन गेम्स के चौथे दिन जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में भारत का पहला पदक जीता। मनु भाकर पांचवें स्थान पर रहीं, जबकि मीराबाई चानू 49 किलोग्राम वर्ग में पदक की दौड़ में आगे रहीं।
📍 आइची-नागोया, जापान
🗓️ 23 सितंबर 2026
✍️ Mohd Naved
एशियन गेम्स 2026 के चौथे दिन भारत के लिए मुकाबलों का सिलसिला पदकों और अहम नतीजों के साथ आगे बढ़ा। 23 सितंबर को जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में भारत के लिए इतिहास रचते हुए कांस्य पदक हासिल किया। दूसरी ओर निशानेबाजी में मनु भाकर व्यक्तिगत फाइनल तक पहुंचीं, लेकिन पदक से चूक गईं। मीराबाई चानू महिला 49 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में पदक की दौड़ में बनी रहीं।
जय मीणा ने रचा इतिहास
जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस के पुरुष एकल में भारत का एशियन गेम्स इतिहास का पहला पदक सुनिश्चित किया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने फिलीपींस के शेरविन नुगुइट को 4-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।
सेमीफाइनल में जय मीणा को जापान के तुकोया कुरोसाका के खिलाफ 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद उन्हें कांस्य पदक मिला। एशियन गेम्स में सॉफ्ट टेनिस से भारत का यह पहला पदक है।
शूटिंग में मनु भाकर पदक से चूकीं
मनु भाकर ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के क्वालिफिकेशन में तीसरा स्थान हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया था। ईशा सिंह और सुरुचि सिंह क्वालिफिकेशन के बाद आगे नहीं बढ़ सकीं।
फाइनल में मनु भाकर ने 181.1 अंक हासिल किए और पांचवें स्थान पर रहीं। इस स्पर्धा में भारत को व्यक्तिगत पदक नहीं मिला। टीम स्पर्धा में भारतीय टीम चौथे स्थान पर रही।
मीराबाई चानू की नजर पहले एशियन गेम्स पदक पर
महिला 49 किलोग्राम भारवर्ग में मीराबाई चानू का मुकाबला भारत के लिए दिन के सबसे अहम पदक मुकाबलों में शामिल रहा। लाइव अपडेट के अनुसार उन्होंने स्नैच में अपने तीनों प्रयास सफलतापूर्वक पूरे किए और उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास 87 किलोग्राम रहा।
मीराबाई चानू इससे पहले एशियन गेम्स में पदक नहीं जीत सकी थीं। 2022 के संस्करण में वह चौथे स्थान पर रही थीं। इस बार उनके सामने उत्तर कोरिया की री सोंग गम जैसी मजबूत प्रतिद्वंद्वी भी मौजूद थीं। उपलब्ध लाइव अपडेट के समय चानू पदक की दौड़ में आगे चल रही थीं।
महिला स्कीट टीम को कांस्य
निशानेबाजी में भारत को महिलाओं की स्कीट टीम स्पर्धा में कांस्य पदक मिला। राइजा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान और परिनाज धालीवाल की भारतीय तिकड़ी ने 331 का स्कोर दर्ज किया।
इसके साथ भारत की पदक संख्या में एक और इजाफा हुआ। इससे पहले पुरुष स्कीट टीम भी कांस्य पदक जीत चुकी थी। अनंतजीत सिंह नरुका, मैराज अहमद खान और भावतेग सिंह गिल की टीम ने क्वालिफिकेशन में 346 अंक हासिल किए थे।
महिला कबड्डी टीम की जीत
महिला कबड्डी टीम ने ग्रुप चरण में ईरान के खिलाफ 37-23 से जीत दर्ज की। मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से बढ़त बनाए रखी और मैच को अपने पक्ष में समाप्त किया।
तैराकी में भारतीय खिलाड़ियों को झटका
पुरुषों की 200 मीटर फ्रीस्टाइल में अनीश सुनील कुमार गौड़ा और वेदांत माधवन फाइनल में जगह नहीं बना सके। अनीश ने अपनी हीट में 1:51.20 का समय दर्ज किया और कुल 11वें स्थान पर रहे। वेदांत ने 1:52.01 का समय निकाला और कुल 13वें स्थान पर रहे।
अनीश फाइनल के लिए पहले रिजर्व में रहे, जबकि वेदांत क्वालिफिकेशन से बाहर हो गए।
कैनो स्प्रिंट में भारत फाइनल में
पुरुषों की कयाक फोर 500 मीटर स्पर्धा में भारतीय टीम अपनी हीट में तीसरे स्थान पर रही और फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। फाइनल अगले दिन होना था।
भारत की पदक उम्मीदें अब कई खेलों में बनी हुई थीं। बैडमिंटन, वुशु, भारोत्तोलन और निशानेबाजी जैसे खेलों पर भी भारतीय प्रशंसकों की नजर रही।
बैडमिंटन में चीन से मुकाबला
भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम को सेमीफाइनल में चीन का सामना करना था। टीम इससे पहले जापान को हराकर कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर चुकी थी।
यह मुकाबला भारत के लिए पदक का रंग तय करने की दिशा में अहम था।
वुशु में रोशिबिना देवी की चुनौती
महिलाओं की सांडा 60 किलोग्राम स्पर्धा में रोशिबिना देवी सेमीफाइनल में उतरीं। उनका मुकाबला इंडोनेशिया की थानिया कुसुमनिंगत्यास से निर्धारित था। सेमीफाइनल तक पहुंचने के साथ रोशिबिना भारत के लिए पदक की उम्मीद बनी हुई थीं।
23 सितंबर के शुरुआती अपडेट्स तक भारत के खाते में महिला क्रिकेट का स्वर्ण, निशानेबाजी में कई रजत और कांस्य, एमएमए में कांस्य तथा सॉफ्ट टेनिस में जय मीणा का ऐतिहासिक कांस्य शामिल था। जय मीणा के पदक के बाद उस समय भारत के कुल पदकों की संख्या 10 बताई गई।
इससे पहले महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को हराकर भारत को एशियन गेम्स 2026 का पहला स्वर्ण पदक दिलाया था। भारत के लिए निशानेबाजी भी शुरुआती चरण में पदक हासिल करने वाला प्रमुख खेल रहा।
क्या रहा चौथे दिन का बड़ा संदेश
23 सितंबर का कार्यक्रम भारतीय दल के लिए कई अलग-अलग खेलों में चुनौती लेकर आया। एक तरफ जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की, वहीं मनु भाकर का व्यक्तिगत पदक का इंतजार इस स्पर्धा में जारी रहा।
मीराबाई चानू के प्रदर्शन ने भारोत्तोलन में भारत की उम्मीदें बढ़ाईं। उनके लिए यह मुकाबला खास महत्व रखता था क्योंकि एशियन गेम्स पदक उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की उपलब्धियों में अब तक शामिल नहीं था।
आगे की तस्वीर
एशियन गेम्स अभी जारी हैं और पदक तालिका में रोजाना बदलाव होना तय है। भारत के लिए निशानेबाजी, बैडमिंटन, भारोत्तोलन, वुशु, मुक्केबाजी और अन्य खेलों में आगे भी अहम मुकाबले होने हैं।
23 सितंबर की कवरेज से इतना स्पष्ट हुआ कि भारतीय दल अलग-अलग खेलों में पदक के लिए लगातार मुकाबला कर रहा है। जय मीणा का सॉफ्ट टेनिस कांस्य इस अभियान में एक ऐतिहासिक उपलब्धि के तौर पर दर्ज हुआ, जबकि बाकी मुकाबलों के नतीजे दिन के आगे बढ़ने के साथ भारत की कुल पदक तस्वीर को और बदलने वाले थे
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।