भारत की सरकारी तेल कंपनियों IOCL और HPCL ने वैश्विक बाजार से लगभग 70 लाख बैरल कच्चे तेल की खरीद की है। यह खरीद ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, रिफाइनरियों की जरूरतों को पूरा करने और भविष्य में ईंधन आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
📍 नई दिल्ली
📰 06 जुलाई 2026
✍️ Apurva Choudhary
भारत ने ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बढ़ाया बड़ा कदम, IOCL और HPCL ने खरीदा 70 लाख बैरल कच्चा तेल
भारत की दो प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने अंतरराष्ट्रीय बाजार से लगभग 70 लाख (7 मिलियन) बैरल कच्चे तेल की खरीद की है। यह खरीद हाल ही में जारी वैश्विक टेंडरों के माध्यम से की गई है और इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अलग-अलग देशों से खरीदा गया कच्चा तेल
व्यापारिक सूत्रों के अनुसार, IOCL ने अंगोला और नाइजीरिया से विभिन्न ग्रेड का लगभग 50 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा है। वहीं HPCL ने ब्राज़ील के टुपी (Tupi) ग्रेड का लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा है। इन खेपों की डिलीवरी अगस्त और सितंबर 2026 के दौरान होने की संभावना है।
ऊर्जा सुरक्षा के लिए क्यों अहम है यह खरीद?
भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में समय रहते बड़े पैमाने पर खरीद करना ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने की रणनीति का अहम हिस्सा माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस खरीद से घरेलू रिफाइनरियों को पर्याप्त कच्चा तेल उपलब्ध रहेगा और पेट्रोल, डीजल तथा अन्य ईंधनों के उत्पादन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं पड़ेगा।
रिफाइनरियों को मिलेगा स्थिर सप्लाई सपोर्ट
कच्चे तेल की यह खरीद ऐसे समय हुई है जब वैश्विक बाजार में भू-राजनीतिक परिस्थितियों और उत्पादन नीति को लेकर लगातार अनिश्चितता बनी हुई है। पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहने से भारतीय रिफाइनरियां मांग के अनुसार उत्पादन जारी रख सकेंगी और आपूर्ति श्रृंखला पर संभावित असर कम होगा।
कीमतों का नहीं किया गया खुलासा
दोनों सरकारी कंपनियों ने इस खरीद की कीमत सार्वजनिक नहीं की है। आमतौर पर सरकारी तेल कंपनियां अपने स्पॉट टेंडर और व्यावसायिक समझौतों से जुड़ी वित्तीय जानकारी साझा नहीं करती हैं।
आगे भी बाजार पर रहेगी नजर
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले महीनों में कच्चे तेल की कीमतों पर वैश्विक मांग, प्रमुख उत्पादक देशों की उत्पादन नीति और भू-राजनीतिक घटनाक्रम का असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में भारतीय कंपनियां परिस्थितियों के अनुसार आगे भी खरीदारी की रणनीति अपनाती रहेंगी।
IOCL और HPCL द्वारा 70 लाख बैरल कच्चे तेल की खरीद भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे देश की रिफाइनरियों को स्थिर आपूर्ति मिलेगी और भविष्य में ईंधन उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलेगी। वैश्विक बाजार की अनिश्चितताओं के बीच यह खरीद भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति को भी मजबूती देती है।