ईरानी विमान की लैंडिंग से पहले सना एयरपोर्ट पर हमला, बढ़ा तनाव
सना एयरपोर्ट संकट, ईरानी विमान लौटा, हूती ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
Location:-
Sana'a, Yemen
Date:-
14 July 2026
Byline:-
Shahana
यमन में ईरानी विमान को रोकने के लिए रनवे पर हमला, हूती भड़के
यमन के सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरानी विमान की लैंडिंग रोकने के लिए रनवे को निशाना बनाया गया। हूती विद्रोहियों ने इसका आरोप सऊदी अरब पर लगाया, जबकि यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार ने कहा कि उसने विमान को उतरने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की। इस घटना ने चार वर्ष से चली आ रही अपेक्षाकृत शांत स्थिति को गंभीर चुनौती दी।
मध्य पूर्व में एक और बड़ा सैन्य टकराव
मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। यमन की राजधानी सना के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उस समय हमला हुआ जब एक ईरानी विमान वहां उतरने वाला था। शुरुआती दावों में हूती विद्रोहियों ने आरोप लगाया कि सऊदी अरब ने एयरपोर्ट पर मिसाइल और हवाई हमले किए। दूसरी ओर, यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार ने कहा कि उसकी सेनाओं ने जानबूझकर रनवे को निशाना बनाया ताकि ईरानी विमान सना में लैंड न कर सके।
क्या हुआ था
यमन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार संबंधित विमान ईरान से आ रहा था और हूती प्रशासन उसे सना एयरपोर्ट पर उतारना चाहता था। सरकार का आरोप है कि हूती प्रशासन ने यमन की राष्ट्रीय उड़ानों को रोकते हुए ईरानी विमान को प्राथमिकता दी। इसी कारण रनवे को निशाना बनाया गया। हमले के बाद विमान सना में नहीं उतरा और बाद में हूती नियंत्रण वाले हुदैदाह एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। इस घटनाक्रम की पुष्टि कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में भी हुई है।
सऊदी अरब पर आरोप, लेकिन स्थिति पूरी तरह स्पष्ट
नहीं
हूती संगठन ने सीधे सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि यह हमला चार वर्ष से चल रहे डी-एस्केलेशन दौर को समाप्त करता है। हालांकि सऊदी अरब ने तत्काल इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की। दूसरी ओर यमन की सरकार पहले ही इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी ले चुकी है।
यही कारण है कि घटना को लेकर अलग-अलग पक्ष अलग दावे कर रहे हैं। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि रनवे पर हमला हुआ, लेकिन हमले की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी को लेकर अलग-अलग नैरेटिव मौजूद हैं।
ईरानी विमान इतना महत्वपूर्ण क्यों था
यमन सरकार का कहना है कि उसे आशंका थी कि विमान केवल नागरिक मिशन का हिस्सा नहीं था। सरकार ने आरोप लगाया कि ईरान हूती समूह को सहायता और कर्मियों की आपूर्ति करने की कोशिश कर रहा था। दूसरी ओर ईरान और हूती पक्ष का कहना है कि उड़ान मानवीय और आधिकारिक उद्देश्य से संचालित की जा रही थी। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं हो सकी है। इसलिए दोनों पक्षों के आरोपों को सावधानी से देखा जाना चाहिए।
हूती की जवाबी प्रतिक्रिया
हमले के कुछ ही घंटों बाद हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की दिशा में बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया। सऊदी रक्षा तंत्र ने कहा कि उसने इन खतरों का सामना किया। इस जवाबी कार्रवाई ने संकेत दिया कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल रहे तो क्षेत्र फिर व्यापक सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ सकता है।
व्यापक जियोपॉलिटिक्स पर असर
यह घटना ऐसे समय हुई है जब ईरान, अमेरिका, इज़राइल और खाड़ी क्षेत्र पहले से गंभीर तनाव का सामना कर रहे हैं। लाल सागर और बाब-अल-मंदेब समुद्री मार्ग पहले ही वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए संवेदनशील बने हुए हैं। यदि यमन में संघर्ष फिर तेज होता है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग, तेल बाजार और क्षेत्रीय सिक्योरिटी पर पड़ सकता है।
क्या चार साल की शांति समाप्त हो रही है
2022 के संयुक्त राष्ट्र समर्थित युद्धविराम के बाद बड़े पैमाने की लड़ाई में कमी आई थी। हालांकि छोटे सैन्य टकराव लगातार जारी रहे। मौजूदा एयरपोर्ट हमला और उसके बाद हुई मिसाइल कार्रवाई इस बात का संकेत है कि वह संतुलन अब कमजोर पड़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष पीछे नहीं हटते तो यमन में फिर व्यापक संघर्ष शुरू हो सकता है।
सना एयरपोर्ट की घटना केवल एक हवाई हमला नहीं है। यह ईरान, हूती आंदोलन, यमन की सरकार और सऊदी अरब के बीच बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का नया चरण भी हो सकता है। अभी तक उपलब्ध तथ्यों से यह स्पष्ट है कि रनवे पर हमला हुआ, ईरानी विमान को सना में उतरने नहीं दिया गया और क्षेत्रीय तनाव तेजी से बढ़ा है। लेकिन हमले की जिम्मेदारी और विमान के वास्तविक उद्देश्य को लेकर अलग-अलग दावे सामने हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम का असर पूरे मध्य पूर्व की सिक्योरिटी और डिप्लोमेसी पर दिखाई दे सकता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।