ईरान ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3 के तहत इजरायल पर जबरदस्त मिसाइल हमला किया, तेल अवीव और यरुशलम में धमाकों से मचा हड़कंप। इजरायल के ऑपरेशन राइजिंग लायन का जवाब बना यह हमला। शाह टाइम्स पर पढ़ें इस युद्ध की हर अपडेट।
तेहरान/यरुशलम,(Shah Times)|
पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच चुका है। ईरान ने इजरायल के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए शुक्रवार देर रात ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3’ के तहत तेल अवीव, यरुशलम और हाइफा सहित कई शहरों पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। ईरानी मीडिया ने बताया कि यह हमला हाल ही में इजरायल द्वारा किए गए उस हवाई हमले का बदला है जिसमें मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी, आईआरजीसी प्रमुख हुसैन सलामी और एयरोस्पेस कमांडर आमिर अली हाजीजादेह की मौत हुई थी।
इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) के अनुसार, देश के एयर डिफेंस सिस्टम 'आयरन डोम' ने अधिकतर मिसाइलों को मार गिराया, लेकिन कुछ मिसाइलें घनी आबादी वाले इलाकों में गिर गईं, जिससे अफरातफरी मच गई।
सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में कम से कम एक महिला की मौत और दर्जनों लोग घायल हुए हैं।
ईरान के मिसाइल हमले के कुछ ही घंटों बाद, इजरायली वायुसेना ने फिर से 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' के तहत ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ताजा हमलों में 78 ईरानी नागरिकों की मौत की पुष्टि की गई है।
इजरायल पर मिसाइल हमले लेबनान और जॉर्डन की सीमाओं से भी किए गए, जिससे यह संघर्ष और अधिक क्षेत्रीय रूप लेता जा रहा है।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि "इजरायल का लक्ष्य है देश के खिलाफ परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल खतरों को जड़ से खत्म करना।"
अयातुल्ला अली खामेनेई ने मेजर जनरल अमीर हातमी को सेना का नया कमांडर इन चीफ नियुक्त किया है। माना जा रहा है कि यह कदम ईरान की रक्षा रणनीति में बदलाव का संकेत है। हातमी पहले रक्षा मंत्री रह चुके हैं।
ईरान और इजरायल के बीच चल रही टकराव की राजनीति अब खुली जंग में तब्दील हो चुकी है। इजरायल के "ऑपरेशन राइजिंग लायन" के जवाब में ईरान ने "ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3" शुरू किया। यह टकराव केवल दो राष्ट्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लेबनान, जॉर्डन और सीरिया जैसे पड़ोसी देशों को भी लपेट में ले चुका है। इस बढ़ते युद्ध के संकेत वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी हैं।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इजरायल पर सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन हमले किए।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, यह हमला जनरल मोहम्मद बाघेरी, हुसैन सलामी और आमिर अली हाजीजादेह की हत्या का बदला है। ये तीनों ईरान की सैन्य शक्ति की रीढ़ माने जाते थे।
तेहरान ने इस ऑपरेशन के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की कि ईरान अब केवल रक्षात्मक मुद्रा में नहीं रहेगा, बल्कि आक्रामक रुख भी अपनाएगा।
इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने दावा किया कि अधिकांश मिसाइलें "आयरन डोम" डिफेंस सिस्टम द्वारा नष्ट कर दी गईं। हालांकि, कुछ मिसाइलें तेल अवीव और यरुशलम के भीड़-भाड़ वाले इलाकों में गिरीं, जिससे दहशत का माहौल पैदा हो गया।
इजरायल ने त्वरित पलटवार करते हुए ईरान के सैन्य व परमाणु ठिकानों पर फिर से हमले शुरू किए। इस "सर्जिकल स्ट्राइक" में ईरान को भारी नुकसान पहुंचा है और 70 से अधिक मौतों की पुष्टि हुई है।
| देश | ऑपरेशन का नाम | उद्देश्य |
|---|---|---|
| इजरायल | Operation Rising Lion | ईरान की परमाणु क्षमताओं को निष्क्रिय करना |
| ईरान | Operation True Promise 3 | ईरानी नेताओं की हत्या का बदला लेना |
विश्लेषकों का मानना है कि यह संघर्ष जल्द थमने वाला नहीं है। दोनों देशों की सामरिक क्षमताएं और वैश्विक सहयोगी (जैसे अमेरिका, रूस, चीन) इस युद्ध को और अधिक जटिल बना सकते हैं।
ईरान और इजरायल के बीच यह युद्ध केवल सीमित सैन्य संघर्ष नहीं है, बल्कि वैचारिक और सामरिक टकराव है। पश्चिम एशिया में जो नई आग लगी है, वह पूरे विश्व की शांति व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।
संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक शक्तियों को इस संघर्ष को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने में जल्द हस्तक्षेप करना चाहिए, वरना इसका दायरा और गहराई दोनों खतरनाक हो सकते हैं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।