IRGC ने होर्मुज में अमेरिकी अंडरवॉटर ड्रोन पकड़ने का दावा किया। पहचान पहले REMUS 600 और बाद में Mk 18 Kingfish बताई गई। अमेरिका ने कब्जे से इनकार किया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, ईरान | 28 सितंबर 2026
BY MOHD HARIS
ईरान और अमेरिका के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर जारी तनाव में अब समुद्र के नीचे इस्तेमाल होने वाले मानवरहित सिस्टम को लेकर नया विवाद सामने आया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने अमेरिकी अंडरवॉटर ड्रोन को पकड़ने का दावा किया है और इससे जुड़ा वीडियो भी जारी किया है।
ईरानी पक्ष ने शुरुआती बयान में इस वाहन की पहचान REMUS 600 के तौर पर की। बाद में IRGC के प्रवक्ता ने इसे Mk 18 Mod 2 Kingfish बताया। अमेरिकी नौसेना के आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक Mk 18 Mod 2 Kingfish, REMUS 600 प्लेटफॉर्म पर आधारित मानवरहित अंडरसी व्हीकल है।
अमेरिका ने ईरान के दावे को स्वीकार नहीं किया है। US Central Command के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिका अपने सभी operational drone assets पर positive control बनाए हुए है। उन्होंने ईरानी दावे को “clearly desperate” बताया।
IRGC के मुताबिक, उसके नौसैनिक बलों ने एक अमेरिकी मानवरहित अंडरवॉटर व्हीकल को होर्मुज में पकड़ा। ईरानी बयान के अनुसार, कार्रवाई में खुफिया जानकारी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमताओं का इस्तेमाल किया गया। ईरान का आरोप है कि वाहन जासूसी मिशन पर था।
IRGC ने पहले वाहन को REMUS 600 बताया। बाद में IRGC प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने इसे Mk 18 Mod 2 Kingfish कहा। ईरानी पक्ष के मुताबिक, वाहन को विशेषज्ञों के हवाले किया गया है ताकि उसमें मौजूद डेटा हासिल किया जा सके।
ईरान के दावे के कुछ समय बाद अमेरिकी CENTCOM ने इसे खारिज किया।
CENTCOM के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिका के सभी operational drone assets का positive control उसके पास है। इसका अर्थ यह है कि अमेरिकी पक्ष ईरान द्वारा किसी operational अमेरिकी ड्रोन को पकड़ने के दावे को स्वीकार नहीं करता।
इसलिए फिलहाल घटनाक्रम दो परस्पर विरोधी दावों पर आधारित है।
REMUS 600 एक autonomous underwater vehicle यानी AUV प्लेटफॉर्म है। अमेरिकी नौसेना के कार्यक्रम में इसी प्लेटफॉर्म को Mk 18 Mod 2 Kingfish के रूप में इस्तेमाल किया गया है। अमेरिकी नौसेना के दस्तावेजों में Mk 18 Mod 2 को REMUS 600 variant बताया गया है।
अमेरिकी नौसेना की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक Mk 18 Mod 2 UUV समुद्र के तल पर sonar के जरिए संभावित mines और दूसरे objects की पहचान कर सकता है। अमेरिकी नौसेना ने इसके mine countermeasure missions का भी उल्लेख किया है।
2023 में अमेरिकी नौसेना ने बताया था कि Mk 18 Mod 2 UUV कार्यक्रम के तहत 90 से ज्यादा वाहन fleet को उपलब्ध कराए जा चुके थे।
इसलिए “REMUS 600 या Kingfish?” का जवाब है कि मौजूदा दावे में दोनों नाम एक ही प्लेटफॉर्म के अलग designation से जुड़े हैं।
अमेरिकी नौसेना Mk 18 Mod 2 को mine countermeasures, reconnaissance और mapping से जोड़ती है। सिस्टम समुद्र तल का sonar survey कर सकता है और संभावित mine-like contacts की पहचान में इस्तेमाल किया जाता है।
होर्मुज के संदर्भ में यह क्षमता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम chokepoint है। समुद्र के भीतर mines की पहचान, seabed mapping और maritime surveillance जैसे मिशन किसी भी सैन्य अभियान में रणनीतिक महत्व रखते हैं।
ईरान ने इसे जासूसी मिशन बताया है। अमेरिकी पक्ष ने कब्जे के दावे को ही खारिज किया है।
यह ईरान का पहला ऐसा दावा नहीं है।
8 सितंबर 2026 को IRGC ने एक दूसरे अमेरिकी unmanned underwater vehicle को पकड़ने की घोषणा की थी। उस मामले में वाहन की पहचान Dive-LD के रूप में की गई थी, जिसे अमेरिकी रक्षा तकनीक कंपनी Anduril ने विकसित किया है।
उस घटना में अमेरिकी अधिकारियों ने वाहन के खोने की बात स्वीकार की थी, लेकिन ईरानी विवरण से अलग तस्वीर पेश की थी। अमेरिकी पक्ष के अनुसार Dive-LD में खराबी आई थी और वह क्षेत्रीय पानी का सर्वेक्षण कर रहा था। अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी कहा था कि उसमें classified sonar या radar equipment नहीं था।
सितंबर के मौजूदा दावे में स्थिति अलग है। इस बार CENTCOM ने कहा है कि सभी operational अमेरिकी drone assets accounted for हैं। इसलिए इस दूसरे मामले की पुष्टि अभी अमेरिकी पक्ष से नहीं हुई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां किसी भी सैन्य गतिविधि का असर समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
मौजूदा अमेरिका-ईरान तनाव में होर्मुज पहले से ही प्रमुख रणनीतिक मुद्दा बना हुआ है। IRGC ने अपने बयान में इस जलमार्ग को लेकर कठोर रुख दोहराया और unauthorized maritime movement के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।
अमेरिकी CENTCOM ने भी सितंबर में ईरानी सैन्य और समुद्री क्षमताओं के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी जारी की थी। 1 सितंबर को अमेरिकी पक्ष ने IRGC के air defence, radar, naval assets और mine-laying capabilities से जुड़े ठिकानों पर हमलों की जानकारी दी थी।
इस पृष्ठभूमि में समुद्र के नीचे चलने वाले unmanned systems का मुद्दा केवल तकनीकी घटना नहीं है। यह maritime surveillance, mine warfare और electronic warfare से जुड़े व्यापक सैन्य तनाव का हिस्सा है।
ईरान ने दावा किया है कि वाहन उसके विशेषज्ञों के पास है और उसमें मौजूद जानकारी निकालने की कोशिश की जा रही है।
अमेरिकी नौसेना के Mk 18 सिस्टम में sonar और दूसरे sensor packages का इस्तेमाल होता है। अमेरिकी दस्तावेज इसे mine countermeasure और reconnaissance भूमिकाओं से जोड़ते हैं।
अगर किसी operational system का वास्तविक कब्जा साबित होता है, तो उसके hardware और mission data की सुरक्षा सैन्य दृष्टि से महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।