चेहरे पर रोजाना शहद लगाना सही है या गलत?
त्वचा की देखभाल के लिए घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। शहद भी ऐसा ही एक प्राकृतिक पदार्थ है, जिसे चेहरे पर लगाने से त्वचा में नमी बनाए रखने और उसे मुलायम महसूस कराने में मदद मिल सकती है। लेकिन क्या रोजाना चेहरे पर शहद लगाना जरूरी है? क्या इससे पिंपल्स, दाग-धब्बे और झुर्रियां भी कम हो सकती हैं? इन सवालों के जवाब जानना जरूरी है।
शहद का इस्तेमाल सौंदर्य प्रसाधनों में भी किया जाता है। वर्ष 2026 में प्रकाशित एक व्यवस्थित शोध समीक्षा में शहद वाले कॉस्मेटिक उत्पादों से त्वचा की नमी पर संभावित लाभ के संकेत मिले, हालांकि समीक्षा में शामिल पांच अध्ययनों के नतीजे एक जैसे नहीं थे। इसलिए शहद को हर त्वचा समस्या का प्रमाणित इलाज मानना उचित नहीं होगा।
1. त्वचा में नमी बनाए रखने में मददगार
शहद में नमी को बनाए रखने वाले गुण पाए जाते हैं। इसी वजह से इसका इस्तेमाल कुछ मॉइस्चराइजिंग उत्पादों में किया जाता है। चेहरे पर इसका इस्तेमाल करने से त्वचा कुछ समय के लिए मुलायम महसूस हो सकती है।
हालांकि, रूखी त्वचा की देखभाल के लिए शहद लगाना अनिवार्य नहीं है। अपनी त्वचा के अनुकूल मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
2. क्या शहद लगाने से पिंपल्स कम होते हैं?
शहद में कुछ रोगाणुरोधी गुण पाए जाते हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि सामान्य शहद लगाने से चेहरे के सभी पिंपल्स ठीक हो जाएंगे। मुंहासों पर इसके प्रभाव के पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं और इसे एक्ने के नियमित उपचार का विकल्प नहीं मानना चाहिए। अगर चेहरे पर बार-बार मुंहासे निकलते हैं, उनमें दर्द होता है या दाग पड़ रहे हैं, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।
3. क्या शहद से चेहरे पर प्राकृतिक चमक आती है?
त्वचा में पर्याप्त नमी होने पर चेहरा अधिक मुलायम और स्वस्थ दिखाई दे सकता है। शहद से मिलने वाला मॉइस्चराइजिंग प्रभाव इस अनुभव में योगदान दे सकता है। हालांकि, इससे हर व्यक्ति को एक जैसा निखार मिलेगा, इसकी गारंटी नहीं है।चेहरे की देखभाल के लिए त्वचा को हल्के क्लींजर से साफ करना, उपयुक्त मॉइस्चराइजर लगाना और दिन में सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना भी जरूरी है।
4. क्या शहद दाग-धब्बे और झुर्रियां कम करता है?
शहद में एंटीऑक्सिडेंट यौगिक मौजूद हो सकते हैं, लेकिन केवल चेहरे पर शहद लगाने से पुराने दाग-धब्बे मिटने या झुर्रियां कम होने का मजबूत नैदानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे एंटी-एजिंग उपचार या पिगमेंटेशन का निश्चित समाधान बताना सही नहीं होगा।
5. क्या सनबर्न या सूजन वाली त्वचा पर शहद लगाना चाहिए?
धूप से झुलसी त्वचा पर रसोई में इस्तेमाल होने वाला शहद लगाना जरूरी नहीं है। ऐसी स्थिति में ठंडी पट्टी, त्वचा के अनुकूल मॉइस्चराइजर और धूप से बचाव जैसे उपाय उपयोगी हो सकते हैं।
यदि त्वचा पर छाले हों, तेज दर्द हो या सूजन बढ़ रही हो, तो चिकित्सकीय सलाह लें। इसी तरह एक्जिमा, सोरायसिस या लगातार खुजली होने पर केवल शहद के भरोसे उपचार नहीं करना चाहिए। त्वचा संबंधी समस्याओं में शहद के लाभ के प्रमाण अलग-अलग हैं।
चेहरे पर शहद लगाने का सही तरीका क्या है?
अगर आप चेहरे पर शहद आजमाना चाहते हैं, तो कुछ सावधानियां अपनाएं:
पहले पैच टेस्ट करें: त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर देखें कि लालिमा, जलन या खुजली तो नहीं होती।
कम समय के लिए इस्तेमाल करें: शुरुआत में साफ त्वचा पर थोड़ी मात्रा लगाएं और असुविधा होने पर तुरंत धो दें।
आंखों से दूर रखें: शहद को आंखों के अंदर या पलकों के बहुत पास न लगाएं।
जलन होने पर इस्तेमाल रोकें: लालिमा, खुजली या सूजन दिखाई देने पर शहद को धोकर दोबारा इस्तेमाल न करें।
एलर्जी का ध्यान रखें: शहद या मधुमक्खी से जुड़े उत्पादों से एलर्जी होने पर इसे चेहरे पर लगाने से बचें।
क्या रोजाना शहद लगाना चाहिए?
चेहरे पर शहद रोजाना लगाने की कोई सार्वभौमिक जरूरत नहीं है। कुछ लोगों को इससे त्वचा में नमी का एहसास हो सकता है, जबकि दूसरों को जलन या एलर्जी की परेशानी हो सकती है। इसके दैनिक इस्तेमाल के लाभ और सुरक्षित आवृत्ति पर पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
निष्कर्ष
शहद त्वचा की देखभाल में एक संभावित मॉइस्चराइजिंग घटक है, लेकिन यह हर समस्या का इलाज नहीं है। अपनी त्वचा की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए इसका इस्तेमाल करें और लगातार बनी रहने वाली त्वचा समस्याओं में विशेषज्ञ की सलाह
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।