अमेरिका में मध्यावधि चुनाव की हार के बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान युद्ध को प्रमुख वजह बताया। ट्रंप ने भी युद्ध के चुनावी असर को स्वीकार किया। अब 2028 की सियासत पर बहस तेज़ है
वॉशिंगटन | 5 नवंबर 2026
By Mohd Haris
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सामने नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है। प्रतिनिधि सभा और सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने चुनावी शिकस्त के लिए ईरान के ख़िलाफ़ जारी युद्ध को प्रमुख वजह बताया है। उनका यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि वह ट्रंप प्रशासन का हिस्सा होने के बावजूद युद्ध के राजनीतिक असर पर अलग और स्पष्ट मौक़िफ़ पेश कर रहे हैं। वेंस के बयान ने अमेरिकी राजनीति में इस सवाल को प्रमुखता दी है कि क्या विदेश नीति और सैन्य संघर्ष के फ़ैसलों ने रिपब्लिकन पार्टी के घरेलू जनाधार को कमज़ोर किया है।
सोशल मीडिया पर 600 शब्दों का बयान
उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक़, जेडी वेंस ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लगभग 600 शब्दों का बयान जारी किया। इसमें उन्होंने स्वीकार किया कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन करने वाले मतदाताओं का एक हिस्सा मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के साथ नहीं रहा।
वेंस ने चुनावी हार की वजह ईरान युद्ध को बताया। उनका कहना था कि राष्ट्रपति स्वयं भी युद्ध के चुनावी असर को स्वीकार कर चुके हैं।
यह बयान ऐसे वक़्त सामने आया है जब रिपब्लिकन पार्टी के भीतर हार की वजहों और आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर बहस चल रही है।
ट्रंप ने युद्ध का बचाव किया, चुनावी असर भी माना
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार देर रात और बुधवार को दिए गए इंटरव्यू में ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई का बचाव किया।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि युद्ध ने मध्यावधि चुनाव के नतीजों को प्रभावित किया।
ट्रंप प्रशासन के लिए यह स्थिति राजनीतिक रूप से अहम है। एक तरफ़ राष्ट्रपति अपनी विदेश नीति और सैन्य फ़ैसलों को सही ठहरा रहे हैं, दूसरी तरफ़ उपराष्ट्रपति उन्हीं फ़ैसलों की चुनावी क़ीमत पर सवाल उठा रहे हैं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।