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सेबी चेयरमैन और अडानी समूह के बीच संबंधों पर जेपीसी का गठन हो: सचिन पायलट

None 2024-08-21 18:58:32
सेबी चेयरमैन और अडानी समूह के बीच संबंधों पर जेपीसी का गठन हो: सचिन पायलट
सचिन पायलट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर केन्द्र सरकार से कहा कि इसकी जांच करिये

लखनऊ, (Shah Times)। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में पत्रकारवार्ता को सम्बोधित करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट विधायक ने कहा कि कुछ दिन पहले एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी जिसमें सेबी के चेयरमैन और अडानी ग्रुप के सम्बन्धों को लेकर घोटाले की चर्चा की बात आयी, संलिप्तता की बात उजागर हुई, जिसकी जांच के लिए सेबी द्वारा जो जांच हुई उसमें तथ्यात्मक रिपोर्ट पर विलम्ब हुआ और केन्द्र सरकार ने इसे मानने से इंकार कर दिया।

कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी और इण्डिया गठबन्धन ने इस मामले की जांच जेपीसी से कराने की मांग की है। हमारी मांग है कि रिपोर्ट के अनुसार हजारों करोड़ के घोटाले की जेपीसी से जांच करायी जाए और जांच पूरी होने तक सेबी के चेयरमैन इस्तीफा दें।

सचिन पायलट ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेकर केन्द्र सरकार से कहा कि इसकी जांच करिये। अब सवाल यह है कि जो व्यक्ति इस मामले में संदिग्ध है उससे जांच की निष्पक्षता और गुणवत्ता क्या होगी? पूरे देश और दुनिया में इसकी चर्चा है कि सेबी के चेयरमैन के पति जिनके साथ मिलकर व्यवसाय करते हैं जिसमें सेबी चेयरमैन खुद संदिग्ध हैं ऐसे में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और इण्डिया गठबंधन के सभी सदस्यों ने जेपीसी की मांग की है क्योंकि जेपीसी के मध्यम से जो रिपोर्ट में घोटाले की बात आई है उसके तथ्य तक पहुंचा जा सकता है। हजारों करोड़ रूपये का घोटाला है और उच्चतम न्यायालय ने कहा कि इसकी तथ्यात्मक जांच हो। जो सच्चाई है उसे कोई झुठला नहीं सकता है किन्तु केन्द्र सरकार चुप्पी साधे हुए है। ये जो 10 वर्ष से मिला जुला खेल चल रहा है और देश की ऐसी संस्था जो देश के निवेश की निगरानी रखती है अगर उस पर इतना गंभीर आरोप लगा है तो इसकी जेपीसी की जांच होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री और केन्द्र सरकार पारदर्शिता की बात करती है लेकिन जो 10 वर्षों में हो रहा है उसकी बात नहीं करते सिर्फ कांग्रेस पार्टी, विपक्षी दलों और नेहरू को बदनाम करने की बातें करते हैं। देश के बंदरगाह, एयरपोर्ट कौड़ियों के भाव अपने लोगों को बेंच दिये गये। प्रधानमंत्री जो ईमानदारी की बात करते हैं सिर्फ केन्द्र सरकार ईडी, सीबीआई, पुलिस प्रशासन के जरिये विपक्षी दलों के लोगों को टारगेट करना, कांग्रेस पार्टी के खाते सीज करना, मुख्यमंत्री को जेल भेजना और विपक्षी दलों को बदनाम करने का काम करते हैं।

पायलट ने कहा कि जनता ने लोकसभा चुनाव में देश में परिवर्तन का निर्णय किया। जनता अब दबाव, शोषण की राजनीति को पसंद नहीं करती। जब से राहुल जी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बने हैं सरकार को लगातार तमाम निर्णयों पर यू-टर्न लेने पड़े हैं चाहे लैटरल इंट्री के जरिए आईएएस बनाना हो, वक्फ बोर्ड का मामला हो। यह केन्द्र की वही सरकार है जिसने काले कृषि कानून बनाये जिसके विरोध में सैंकड़ों किसानों की जानें गये और बाद में वापस लेना पड़ा।

हम लोग संसद और संसद के बाहर सरकार पर दबाव बनायेंगे। सेवी के चेयरमैन को इस्तीफा देना पड़ेगा क्योंकि बहुत ही गंभीर आरोप लगे हैं और आप इसे इंकार नहीं कर सकते। करोड़ों निवेशक जिनका नुकसान हुआ है सेबी की जिम्मेदारी है उसे उसकी निगरानी रखने की जिम्मेदारी है, जेपीसी की जांच हो ताकि देश के सामने सच्चाई सामने आ सके। उन्होने कहाकि जेपीसी की जांच से भाजपा क्येां डर रही है, जांच से क्यों भाग रही है जबकि सबसे अधिक सांसद उसके हैं जेपीसी में चेयरमैन भाजपा का ही होगा।

आज देश के अलग अलग संगठनों ने देश भर में बंद का आवाहन किया है 10 साल में चाहे आदिवासी हों, दलित, पिछड़े, किसान, नौजवान हों उन्हें यह लगता है कि उनका हित एनडीए की केन्द्र सरकार के रहते सुरक्षित नहीं है। इसमें दलित, पिछड़े, शोषित वर्ग शामिल हैं। अत्यधिक बहुमत पाकर इन्होने संविधान से छेड़छाड़ किया, आरक्षण से छेड़छाड़ करने का प्रयास किया। आईएएस की सीधी भर्ती करने का प्रयास किया, संविधान पर पुर्नविचार करने का प्रयास किया, ऐसे में आदिवासी, दलित को सरकार के रहते उन्हें अपने हितों की रक्षा की उम्मीद नहीं है। सिर्फ भाजपा के इर्द गिर्द चंद भाजपा के लोग फायदा उठा रहे हैं।

श्री पायलट ने कहा कि चार राज्यों के चुनाव होने हैं किन्तु जो पार्टी वन-नेशन, वन-इलेक्शन की बात करती है सिर्फ दो राज्यों के चुनाव करवा रही है चुनाव भी यह अपनी सुविधा के अनुसार चाहते हैं भले ही इलेक्शन कमीशन चुनाव कराता है। भाजपा चारों राज्यों में चुनाव हारेगी और कांग्रेस व इण्डिया गठबंधन चारों राज्यों में सरकार बनायेगी।

उन्होने कहाकि भाजपा की अंदरूनी खींचतान, चाहे सरकार में हो, संगठन में हो, लखनऊ हो या दिल्ली, इसका खामियाजा जनता को उठाना पड़ रहा है। उप्र में विधानसभा की 10 सीटों पर उपचुनाव होने हैं इण्डिया गठबंधन पूरी सीटें जीतेगी। देश में परिवर्तन का माहौल है। जो बजट आया है वह पूरी तरह पॉलिटिकल बजट है क्योंकि अपने सहयोगी दलों की सरकारों के राज्यों में तो बजट दिया लेकिन यूपी और राजस्थान के साथ भेदभाव किया गया। उन्होने एक सवाल के जवाब में कहा कि किसी भी सभ्य समाज के लिए बलात्कार की जो घटना हुई है वह शर्मसार करने वाली है, इसकी निंदा होनी चाहिए, कार्यवाही होनी चाहिए, आरोपी चाहे जिस वर्ग का हो, चाहे जिस दल का हो, मजहब का हो, चाहे जिस राज्य में हो, सख्त से सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।

पायलट से पूछे गये एक सवाल के जवाब में उन्होने कहा कि भारत बन्द के दौरान बिहार में लाठीचार्ज पर उन्होने कहा कि बन्द पूरी तरह देशभर में शांतिपूर्वक है। बन्द पूरी तरह शांतिपूर्ण होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की हिंसा नहीं होनी चाहिए ताकि सरकार तक दलितों,पिछड़ों की आवाज पहुंच सके।

प्रेसवार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय पूर्व मंत्री, अभा कांग्रेस कमेटी के सचिव सहप्रभारी उप्र धीरज गुर्जर, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष शिव पाण्डेय, उपाध्यक्ष प्रशासन दिनेश कुमार सिंह, संगठन महासचिव अनिल यादव, मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन मनीष श्रीवास्तव हिंदवी मौजूद रहे।

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शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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