यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की अमित शाह से मुलाकात चर्चा में है। 2027 चुनावी तैयारियों के बीच बैठक के एजेंडे को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
नई दिल्ली | 25 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक तैयारियों को तेज कर रही है। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक स्रोतों में 25 सितंबर की इस बैठक के एजेंडे या उसमें हुई विस्तृत बातचीत का आधिकारिक ब्यौरा अभी सामने नहीं आया है।
इसलिए बैठक को लेकर संगठन में फेरबदल, मंत्रिमंडल विस्तार या किसी खास चुनावी फैसले जैसी अटकलों को फिलहाल तथ्य के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा।
केशव प्रसाद मौर्य की आधिकारिक वेबसाइट पर दर्ज अपडेट के मुताबिक, उन्होंने 13 जून 2026 को नई दिल्ली में अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की थी। उसी दिन उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात दर्ज की गई थी।
अगस्त 2026 में भी केशव प्रसाद मौर्य की अमित शाह से मुलाकात की रिपोर्ट सामने आई थी। उस रिपोर्ट में बैठक को उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनाव, प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और पार्टी की रणनीति से जोड़कर बताया गया था।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भाजपा का केंद्रीय और प्रदेश संगठन पिछले कुछ समय से लगातार बैठकें कर रहा है। सितंबर की शुरुआत में भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी। इन बैठकों में सरकार के कामकाज, संगठन की तैयारी और 2027 के लिए पार्टी के रोडमैप पर चर्चा की खबर सामने आई थी।
12 सितंबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और उत्तर प्रदेश संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं की बैठक में 2027 के लिए विस्तृत रोडमैप पर चर्चा हुई थी। बैठक में केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद थे।
उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार केशव प्रसाद मौर्य वर्तमान में राज्य के उपमुख्यमंत्री हैं। उनके पास ग्राम्य विकास, ग्रामीण अभियंत्रण, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य विभागों की जिम्मेदारी है।
मौर्य भाजपा के प्रमुख ओबीसी नेताओं में भी गिने जाते हैं। 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने उन्हें सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी थी। उस समय पार्टी के चुनावी संगठन में उनकी भूमिका को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हुई थी।
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा विधानसभा राज्य है और 2027 का चुनाव भाजपा तथा विपक्षी दलों के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक मुकाबला होगा। भाजपा ने राज्य में संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ा दी हैं। सितंबर में प्रदेश प्रभारी की बैठकों और केंद्रीय नेतृत्व की समीक्षा के बाद पार्टी की चुनावी तैयारी का क्रम तेज दिखाई दिया है।
इस पृष्ठभूमि में केशव मौर्य और अमित शाह की मुलाकात राजनीतिक तौर पर ध्यान खींचती है। लेकिन मुलाकात के महत्व का आकलन करते समय बैठक के वास्तविक एजेंडे और आधिकारिक बयान का इंतजार करना जरूरी है।
उपलब्ध स्रोतों में 25 सितंबर की बैठक के बाद अमित शाह या केशव प्रसाद मौर्य की ओर से बातचीत के मुद्दों का विस्तृत आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है। इसलिए 2027 चुनाव, संगठनात्मक बदलाव या मंत्रिमंडल से जुड़े किसी संभावित निर्णय को बैठक का निष्कर्ष बताना अभी जल्दबाजी होगी।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि केशव मौर्य की आधिकारिक वेबसाइट पर अमित शाह के साथ पिछली दर्ज मुलाकात को स्पष्ट रूप से “शिष्टाचार भेंट” बताया गया था।
आने वाले दिनों में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व और उत्तर प्रदेश संगठन की बैठकों पर नजर रहेगी। खास तौर पर संगठनात्मक नियुक्तियों, चुनावी जिम्मेदारियों और 2027 के लिए क्षेत्रीय रणनीति से जुड़े आधिकारिक फैसले इस मुलाकात के संदर्भ को अधिक स्पष्ट कर सकते हैं।
फिलहाल उपलब्ध पुष्ट जानकारी इतनी है कि केशव प्रसाद मौर्य और अमित शाह के बीच मुलाकात हुई है। बैठक में किन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई और क्या कोई राजनीतिक या संगठनात्मक निर्णय लिया गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।