कुकिंग ऑयल चुनने से पहले जानिए कौन सा तेल है सबसे फायदेमंद
क्या आप सही तेल का इस्तेमाल कर रहे हैं? सेहत से जुड़ी अहम जानकारी
घर की रसोई में कौन सा तेल रखें? एक्सपर्ट्स की राय जानिए
घर में इस्तेमाल होने वाला कुकिंग ऑयल केवल स्वाद ही नहीं बल्कि हमारी सेहत को भी प्रभावित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी एक तेल को सर्वश्रेष्ठ कहना उचित नहीं होगा। संतुलित मात्रा में अलग-अलग हेल्दी ऑयल का उपयोग और सही कुकिंग तकनीक बेहतर विकल्प मानी जाती है।
📍 स्थान: भारत
📰 दिनांक: 24 जुलाई 2026
✍️ नीलम सैनी
हेल्दी कुकिंग ऑयल का चुनाव क्यों है महत्वपूर्ण?
हमारी रसोई में इस्तेमाल होने वाला तेल केवल भोजन को स्वादिष्ट नहीं बनाता, बल्कि यह हमारी हार्ट हेल्थ, कोलेस्ट्रॉल, वजन और शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को भी प्रभावित करता है। यही वजह है कि हेल्दी कुकिंग ऑयल का चुनाव आज एक अहम स्वास्थ्य विषय बन चुका है। बीते कुछ वर्षों में ऑलिव ऑयल, सरसों का तेल, घी, नारियल तेल और राइस ब्रान ऑयल को लेकर कई तरह के दावे सामने आए हैं। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि आखिर घर पर खाना बनाने के लिए सबसे बेहतर तेल कौन सा माना जाए।
क्या कोई एक तेल सबसे अच्छा होता है?
पोषण विशेषज्ञों और स्वास्थ्य संस्थाओं का नज़रिया यह बताता है कि किसी एक तेल को हर व्यक्ति और हर प्रकार की कुकिंग के लिए सबसे बेहतर कहना उचित नहीं होगा। तेल का चुनाव आपकी उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, खानपान की आदतों और पकाने के तरीके पर भी निर्भर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अलग-अलग प्रकार के हेल्दी ऑयल को सीमित मात्रा में इस्तेमाल करना अधिक संतुलित विकल्प हो सकता है। इसे ऑयल रोटेशन की स्ट्रैटेजी भी कहा जाता है।
सरसों का तेल भारतीय रसोई का पारंपरिक विकल्प
सरसों का तेल भारतीय घरों में लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसमें मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड और ओमेगा-3 फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो हार्ट हेल्थ के लिए लाभकारी माने जाते हैं। यह मध्यम से उच्च तापमान पर खाना पकाने के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसकी तेज़ खुशबू और स्वाद कई भारतीय व्यंजनों को विशेष पहचान देते हैं। हालांकि, इसका सेवन भी संतुलित मात्रा में ही किया जाना चाहिए।
ऑलिव ऑयल कितना फायदेमंद है?
ऑलिव ऑयल को दुनिया के सबसे लोकप्रिय हेल्दी ऑयल्स में शामिल किया जाता है। एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में एंटीऑक्सीडेंट्स और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं जो हार्ट हेल्थ के लिए लाभकारी माने जाते हैं। सलाद, हल्की आंच पर पकने वाले भोजन और ड्रेसिंग के लिए इसका उपयोग बेहतर माना जाता है। वहीं, रिफाइंड ऑलिव ऑयल का उपयोग अपेक्षाकृत अधिक तापमान पर किया जा सकता है। यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि सभी प्रकार के ऑलिव ऑयल एक जैसे नहीं होते।
राइस ब्रान ऑयल भी बन रहा है लोकप्रिय
राइस ब्रान ऑयल में ओरिजेनॉल नामक तत्व पाया जाता है, जिसे कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में सहायक माना जाता है। इसका स्मोक पॉइंट अपेक्षाकृत अधिक होता है, इसलिए यह भारतीय कुकिंग के लिए भी एक अच्छा विकल्प माना जाता है। कई पोषण विशेषज्ञ सरसों और राइस ब्रान ऑयल को बदल-बदल कर इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं, ताकि शरीर को विभिन्न प्रकार के फैटी एसिड मिल सकें।
नारियल तेल को लेकर क्या कहती है रिसर्च?
नारियल तेल को लेकर लंबे समय से बहस जारी है। इसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक होती है, जिसके कारण कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसके सीमित सेवन की सलाह देते हैं। दूसरी ओर, कुछ शोध यह बताते हैं कि सीमित मात्रा में और संतुलित आहार के साथ इसका उपयोग किया जा सकता है। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में इसका पारंपरिक उपयोग लंबे समय से होता आ रहा है। इसलिए इसका उपयोग व्यक्ति विशेष की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुसार किया जाना चाहिए।
क्या घी तेल का विकल्प हो सकता है?
घी भारतीय खानपान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इसमें फैट सॉल्युबल विटामिन्स पाए जाते हैं, लेकिन इसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा भी अधिक होती है। इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर माना जाता है। यदि आपका कोलेस्ट्रॉल स्तर सामान्य है और आप संतुलित आहार लेते हैं, तो सीमित मात्रा में घी का सेवन किया जा सकता है। हालांकि, इसे अधिक मात्रा में इस्तेमाल करना उचित नहीं माना जाता।
किन बातों का रखें विशेष ध्यान?
केवल तेल का प्रकार ही नहीं बल्कि उसकी मात्रा भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, संतुलित आहार के साथ फैट का सेवन नियंत्रित मात्रा में होना चाहिए। तेल को बार-बार गर्म करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसा करने से हानिकारक यौगिक बनने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए इस्तेमाल किए हुए तेल को बार-बार गर्म करके उपयोग करने से बचना चाहिए।
कौन सा तेल किस काम के लिए बेहतर?
हल्की कुकिंग और सलाद के लिए ऑलिव ऑयल बेहतर विकल्प हो सकता है। भारतीय व्यंजनों के लिए सरसों और राइस ब्रान ऑयल उपयुक्त माने जाते हैं। वहीं, कुछ पारंपरिक व्यंजनों में सीमित मात्रा में नारियल तेल और घी का इस्तेमाल किया जा सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कोई भी तेल तभी फायदेमंद माना जाएगा जब उसका सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए। अधिक मात्रा में लिया गया हेल्दी ऑयल भी अतिरिक्त कैलोरी का कारण बन सकता है।
बदलती जीवनशैली के साथ बदल रही है सोच
आज के दौर में लोग केवल स्वाद ही नहीं बल्कि न्यूट्रिशन को भी प्राथमिकता देने लगे हैं। हेल्दी कुकिंग ऑयल का चुनाव करते समय यह समझना आवश्यक है कि विज्ञापनों में किए जाने वाले सभी दावे वैज्ञानिक रूप से समान रूप से प्रमाणित नहीं होते। इसलिए किसी भी तेल को चमत्कारी मानने के बजाय संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और सही जीवनशैली को प्राथमिकता देना अधिक महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
हेल्दी कुकिंग ऑयल का चुनाव आपकी व्यक्तिगत जरूरतों और कुकिंग स्टाइल पर निर्भर करता है। सरसों का तेल, राइस ब्रान ऑयल और ऑलिव ऑयल जैसे विकल्प संतुलित मात्रा में लाभकारी माने जाते हैं। वहीं, घी और नारियल तेल का सेवन भी सीमित मात्रा में किया जा सकता है। सबसे बेहतर विकल्प वही है जो आपकी सेहत, भोजन की प्रकृति और संतुलित आहार के सिद्धांतों के अनुरूप हो।