कन्नड़ सिनेमा के दिग्गज अनंत नाग को फाल्के सम्मान, 5 दशक के सिनेमाई सफर की बड़ी पहचान
Harish Qureshi
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2026-09-17 12:19:27
भारत सरकार ने वरिष्ठ अभिनेता अनंत नाग को 2024 के दादा साहेब फाल्के पुरस्कार के लिए चुना है। पांच दशक से अधिक लंबे करियर और भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए उन्हें यह सम्मान 22 सितंबर को केवड़िया में प्रदान किया जाएगा।
केवड़िया | 17 सितंबर 2026
By Mohd Haris
अनंत नाग को मिलेगा भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान
वरिष्ठ अभिनेता अनंत नाग को 2024 के दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। भारत सरकार ने 16 सितंबर को इसकी घोषणा की। यह सम्मान भारतीय सिनेमा में उनके लंबे और उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जा रहा है।
पुरस्कार 22 सितंबर 2026 को गुजरात के केवड़िया में आयोजित होने वाले 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में प्रदान किया जाएगा। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार चयन समिति की सिफारिश के बाद सरकार ने अनंत नाग के नाम की घोषणा की है।
पांच दशक से ज्यादा का सिनेमाई सफर
अनंत नाग का फिल्मी सफर पांच दशक से ज्यादा लंबा है। उन्होंने कन्नड़, हिंदी और दक्षिण भारत की दूसरी भाषाओं की फिल्मों में काम किया है। विभिन्न स्रोतों के अनुसार उनके खाते में 250 से ज्यादा फिल्मों का अभिनय कार्य है।
सिनेमा के अलावा उनका रंगमंच से भी पुराना रिश्ता रहा है। उनके अभिनय करियर में अलग-अलग तरह के किरदार शामिल रहे हैं, जिसके चलते कन्नड़ सिनेमा में उनकी अलग पहचान बनी।
कन्नड़ सिनेमा में खास योगदान
अनंत नाग को खास तौर पर कन्नड़ सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं में गिना जाता है। उनके काम का दायरा केवल मुख्यधारा की फिल्मों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने ऐसे किरदार भी निभाए जिनमें सहज और स्वाभाविक अभिनय को प्रमुखता मिली।
उनकी चर्चित फिल्मों में मिंचिना ओटा, हंसगीते, अंकुर और मंथन शामिल हैं। लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक मालगुडी डेज में भी उनके काम को व्यापक दर्शक वर्ग ने देखा।
अनंत नाग से पहले डॉ. राजकुमार
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार पाने वाले कन्नड़ सिनेमा के कलाकारों में अनंत नाग का नाम महत्वपूर्ण स्थान रखता है। वह डॉ. राजकुमार के बाद यह सम्मान पाने वाले दूसरे कन्नड़ कलाकार हैं।
डॉ. राजकुमार को 1995 में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार दिया गया था। अनंत नाग को यह सम्मान 2024 के लिए दिया जा रहा है, जबकि पुरस्कार समारोह 2026 में आयोजित हो रहा है।
पहले भी मिल चुके हैं कई बड़े सम्मान
अनंत नाग को उनके लंबे सिनेमाई योगदान के लिए इससे पहले भी कई सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनके खाते में फिल्मफेयर पुरस्कार और कर्नाटक राज्य के कई प्रमुख सम्मान भी हैं।
उनकी उपलब्धियों में कर्नाटक राज्य सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार और कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार जैसे सम्मान शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनंत नाग को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार के लिए बधाई दी। प्रधानमंत्री ने उनके सहज अभिनय, बहुमुखी प्रतिभा और भारतीय सिनेमा, खासकर कन्नड़ सिनेमा में उनके योगदान का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, मोदी ने कहा कि अनंत नाग ने अलग-अलग भूमिकाओं में गहराई और प्रामाणिकता दिखाई है।
अनंत नाग ने पुरस्कार किसे समर्पित किया
अनंत नाग ने सम्मान की घोषणा के बाद अपने रंगमंच के गुरुओं, निर्देशकों और लंबे करियर में साथ काम करने वाले सहयोगियों को याद किया। उन्होंने पुरस्कार को कन्नड़ भाषी लोगों को समर्पित करने की बात कही।
उनकी प्रतिक्रिया में पांच दशक से ज्यादा लंबे सफर में दर्शकों और सहकर्मियों की भूमिका को भी अहम बताया गया।
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार की अहमियत
दादा साहेब फाल्के पुरस्कार भारत सरकार की ओर से भारतीय सिनेमा में असाधारण योगदान के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च सिनेमाई सम्मान है। यह पुरस्कार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान प्रदान किया जाता है।
2024 के पुरस्कार के लिए अनंत नाग का चयन ऐसे समय हुआ है जब भारतीय सिनेमा में क्षेत्रीय भाषाओं और अलग-अलग फिल्म परंपराओं के योगदान को लगातार व्यापक राष्ट्रीय मंच मिल रहा है।
22 सितंबर को होगा औपचारिक सम्मान
अनंत नाग को पुरस्कार 22 सितंबर को केवड़िया में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में प्रदान किया जाएगा। इसके साथ 2024 के दादा साहेब फाल्के पुरस्कार की औपचारिक प्रस्तुति भी होगी।
समारोह में भारतीय सिनेमा से जुड़े कलाकारों और तकनीकी क्षेत्र के लोगों की मौजूदगी रहेगी। अनंत नाग के लिए यह उनके लंबे करियर का एक अहम सम्मान समारोह होगा।
एक लंबी विरासत की पहचान
अनंत नाग का करियर कन्नड़ सिनेमा के साथ-साथ भारतीय समानांतर सिनेमा, हिंदी फिल्मों और टेलीविजन तक फैला रहा है। थिएटर से शुरुआत करने के बाद उन्होंने बड़े पर्दे पर अलग-अलग तरह के किरदार निभाए।
उनकी अभिनय शैली को लेकर फिल्म इतिहास में अक्सर सहजता और स्वाभाविकता का उल्लेख मिलता है। यही वजह है कि पांच दशक से ज्यादा लंबे सफर में उन्होंने अलग-अलग पीढ़ियों के दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाए रखी।
निष्कर्ष
अनंत नाग को 2024 का दादा साहेब फाल्के पुरस्कार दिया जाना उनके पांच दशक से ज्यादा लंबे सिनेमाई सफर की औपचारिक राष्ट्रीय मान्यता है। कन्नड़ सिनेमा के साथ हिंदी फिल्मों, रंगमंच और टेलीविजन में उनके योगदान ने उनके करियर को व्यापक बनाया है।
22 सितंबर को केवड़िया में होने वाला समारोह उनके करियर का अहम पड़ाव होगा। डॉ. राजकुमार के बाद दादा साहेब फाल्के पुरस्कार पाने वाले दूसरे कन्नड़ कलाकार के तौर पर अनंत नाग का सम्मान क्षेत्रीय सिनेमा के राष्ट्रीय योगदान के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
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Harish Qureshi
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।