RBI के नए गोल्ड लोन नियमों के चलते मुथूट फाइनेंस और IIFL फाइनेंस के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज हुई है। जानें नए ड्राफ्ट गाइडलाइंस की पूरी जानकारी और शेयर बाजार पर इसका असर।
नई दिल्ली ,(Shah Times) । ।गोल्ड लोन से जुड़ी कंपनियों के निवेशकों के लिए यह हफ्ता चिंता से भरा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा गोल्ड लोन के लिए नए ड्राफ्ट दिशानिर्देश जारी किए जाने के बाद, मुथूट फाइनेंस और IIFL फाइनेंस जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त गिरावट देखी गई है।
मुथूट फाइनेंस के शेयरों में दो दिन में 14% गिरावट मुथूट फाइनेंस के शेयर शुक्रवार को BSE पर 8% लुढ़क कर ₹1964.35 तक पहुंच गए। दो कारोबारी सत्रों में कंपनी के शेयरों ने कुल 14% का नुकसान झेला है। यह स्तर पिछले तीन महीनों में सबसे निचला है।
IIFL फाइनेंस भी दबाव में, मणप्पुरम फाइनेंस हरे निशान पर IIFL फाइनेंस के शेयर भी गिरावट के साथ ₹316.35 पर बंद हुए। हालांकि, मणप्पुरम फाइनेंस के शेयरों ने इस माहौल में थोड़ी राहत दी और हरे निशान में कारोबार करते दिखे।
RBI के नए ड्राफ्ट नियमों की प्रमुख बातें: RBI ने गोल्ड लोन के लिए जो नई गाइडलाइन प्रस्तावित की है, उसके तहत:
गोल्ड लोन पर लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेशियो को अधिकतम 75% तक सीमित किया जाएगा।
बुलेट रिपेमेंट स्कीम्स को मैच्योरिटी के समय फुल अमाउंट ड्यू के आधार पर इस रेशियो को मेंटेन करना होगा।
बुलेट पेमेंट की अधिकतम अवधि 12 महीने तय की गई है।
गोल्ड लोन को इनकम जनरेटिंग और एक्चुअल यूज बेस्ड क्लासिफिकेशन में बांटा जाएगा।
NBFCs के गोल्ड लोन पोर्टफोलियो पर सीमा तय करने का भी प्रस्ताव है।
ब्रोकरेज हाउसों की क्या है राय? विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का मानना है कि सख्त LTV नॉर्म्स से गोल्ड लोन सेक्टर की ग्रोथ और प्रोविज़निंग पर असर पड़ सकता है। हालांकि, उन्होंने मुथूट फाइनेंस को अपनी टॉप पिक बताया है और शेयर के लिए ₹2615 का टारगेट प्राइस तय किया है।
मॉर्गन स्टैनली ने कंपनी को 'इक्वलवेट' रेटिंग दी है और कहा है कि निकट भविष्य में शेयरों पर दबाव बना रह सकता है।
वहीं, घरेलू ब्रोकरेज कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने मुथूट फाइनेंस की रेटिंग को डाउनग्रेड करते हुए 'ऐड' कर दिया है। पहले इसे 'बाय' की रेटिंग मिली थी। कोटक ने टारगेट प्राइस को ₹2400 से घटाकर ₹2250 कर दिया है।
RBI के प्रस्तावित नियमों का असर फिलहाल बाजार में साफ नजर आ रहा है। जहां एक ओर निवेशकों को निकट भविष्य में शेयरों में दबाव झेलना पड़ सकता है, वहीं दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह गिरावट एक अवसर भी हो सकती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।