क्या रोज़ाना रूह अफ़ज़ा पीना सेहत के लिए सही है?
कोल्ड ड्रिंक और रूह अफ़ज़ा में कौन है ज्यादा नुकसानदायक?
गर्मियों का पसंदीदा शरबत कहीं बढ़ा तो नहीं रहा आपकी शुगर?
रूह अफ़ज़ा को अक्सर कोल्ड ड्रिंक का बेहतर विकल्प माना जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसका असीमित सेवन सुरक्षित है। इसमें मौजूद शुगर की अधिक मात्रा शरीर पर असर डाल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित मात्रा में सेवन और कम चीनी के साथ इसका उपयोग बेहतर विकल्प हो सकता है।
📍 भारत | 📰 26 जुलाई 2026 | ✍️ नीलम सैनी
क्या रूह अफ़ज़ा वास्तव में कोल्ड ड्रिंक से बेहतर है?
गर्मियों का मौसम हो या इफ्तार की दावत, रूह अफ़ज़ा का नाम आते ही ताज़गी का एहसास होने लगता है। दशकों से भारतीय घरों में इसे शरबत के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। कई लोग इसे कोल्ड ड्रिंक की तुलना में अधिक स्वास्थ्यवर्धक मानते हैं। लेकिन क्या यह धारणा पूरी तरह सही है? इस सवाल का जवाब इतना सरल नहीं है। रूह अफ़ज़ा और कोल्ड ड्रिंक दोनों की संरचना अलग-अलग है, लेकिन दोनों में एक समानता मौजूद है और वह है शुगर की पर्याप्त मात्रा। ऐसे में यह जानना ज़रूरी हो जाता है कि क्या इसे रोज़ाना पीना सुरक्षित है और इसका शरीर पर क्या असर पड़ सकता है।
रूह अफ़ज़ा में आखिर होता क्या है?
रूह अफ़ज़ा एक पारंपरिक हर्बल शरबत है, जिसे विभिन्न फलों, फूलों और जड़ी-बूटियों के अर्क के साथ तैयार किया जाता है। इसमें गुलाब, केवड़ा और अन्य प्राकृतिक फ्लेवर का इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ ही इसमें चीनी भी प्रमुख मात्रा में मौजूद होती है, जो इसे मीठा स्वाद प्रदान करती है। यही वजह है कि इसे सीधे स्वास्थ्यवर्धक या नुकसानदायक घोषित करना वैज्ञानिक दृष्टिकोण से उचित नहीं होगा। इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे कितनी मात्रा में और किस तरह सेवन करते हैं।
क्या यह कोल्ड ड्रिंक जितना नुकसानदायक है?
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों की तुलना करते समय केवल स्वाद नहीं बल्कि पोषण संबंधी तथ्यों को देखना आवश्यक है। सामान्य कोल्ड ड्रिंक्स में हाई शुगर के साथ कार्बोनेशन और कई मामलों में कैफीन भी मौजूद होती है। दूसरी ओर, रूह अफ़ज़ा में कार्बोनेशन नहीं होता और इसमें कुछ हर्बल तत्व शामिल होते हैं। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं कि इसमें मौजूद अधिक शुगर को नज़रअंदाज़ कर दिया जाए। यदि कोई व्यक्ति इसे अधिक मात्रा में और नियमित रूप से पीता है, तो इससे शरीर में अतिरिक्त कैलोरी और शुगर की मात्रा बढ़ सकती है। इसलिए केवल “हर्बल” शब्द इसे पूरी तरह हेल्दी नहीं बना देता।
शुगर की अधिकता क्यों है चिंता का विषय?
विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि प्रतिदिन फ्री शुगर का सेवन सीमित मात्रा में होना चाहिए। जरूरत से ज्यादा शुगर का सेवन मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज़ और दांतों से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। यदि रूह अफ़ज़ा को अत्यधिक चीनी मिलाकर बनाया जाए या दिन में कई बार इसका सेवन किया जाए, तो इसका प्रभाव अन्य मीठे पेय पदार्थों की तरह ही हो सकता है। विशेष रूप से उन लोगों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है जिन्हें मधुमेह, मोटापा या फैटी लिवर जैसी समस्याएं हैं।
क्या इसमें कोई फायदा भी है?
रूह अफ़ज़ा को पारंपरिक रूप से शरीर को ठंडक पहुंचाने वाले पेय के रूप में जाना जाता रहा है। गर्मियों में पर्याप्त पानी के साथ इसका सीमित मात्रा में सेवन शरीर को हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसका स्वाद कई लोगों को अधिक पानी पीने के लिए भी प्रेरित करता है। हालांकि, यह समझना ज़रूरी है कि यह पानी का विकल्प नहीं है और न ही इसे किसी औषधीय पेय के रूप में देखा जाना चाहिए। इसके स्वास्थ्य लाभों को लेकर किए गए दावों पर अभी व्यापक वैज्ञानिक शोध सीमित हैं।
क्या डायबिटीज़ के मरीज इसका सेवन कर सकते हैं?
डायबिटीज़ से पीड़ित लोगों के लिए किसी भी मीठे पेय का सेवन सोच-समझकर करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति रूह अफ़ज़ा का सेवन करना चाहता है, तो उसे पहले अपने चिकित्सक या डायटीशियन से परामर्श लेना चाहिए। सामान्यतः, अतिरिक्त शुगर वाले पेय पदार्थों को सीमित मात्रा में लेने की सलाह दी जाती है। इसे अधिक पानी के साथ पतला करके और कम मात्रा में लिया जाए तो यह अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प हो सकता है, लेकिन इसकी मात्रा नियंत्रित रहनी चाहिए।
क्या बच्चों के लिए यह सुरक्षित है?
बच्चों को मीठे पेय पदार्थों की आदत कम उम्र से ही लग सकती है। यही कारण है कि बाल स्वास्थ्य विशेषज्ञ बच्चों के लिए अतिरिक्त शुगर वाले पेय के सीमित सेवन की सलाह देते हैं। रूह अफ़ज़ा कभी-कभार दिया जा सकता है, लेकिन इसे रोज़मर्रा के पेय के रूप में शामिल करना उचित नहीं माना जाता।बच्चों के लिए पानी, दूध और बिना अतिरिक्त चीनी वाले प्राकृतिक पेय अधिक उपयुक्त विकल्प हो सकते हैं।
क्या लोग इसे लेकर भ्रमित हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि यदि कोई उत्पाद पारंपरिक या हर्बल है, तो उसका अधिक सेवन नुकसान नहीं पहुंचाएगा। यही सबसे बड़ी गलतफहमी है। स्वास्थ्य के संदर्भ में किसी भी खाद्य पदार्थ का मूल्यांकन उसके पोषण संबंधी तथ्यों और सेवन की मात्रा के आधार पर किया जाना चाहिए। अत्यधिक मात्रा में लिया गया कोई भी मीठा पेय शरीर के लिए चुनौती बन सकता है।
संतुलन ही सबसे बेहतर विकल्प
यदि आप रूह अफ़ज़ा पसंद करते हैं तो इसे पूरी तरह छोड़ने की आवश्यकता नहीं है। इसे कम मात्रा में, अधिक पानी के साथ और कभी-कभार सेवन करना अधिक संतुलित दृष्टिकोण माना जा सकता है। इसके साथ अपनी कुल दैनिक शुगर की मात्रा पर भी ध्यान देना आवश्यक है। स्वस्थ जीवनशैली का अर्थ किसी एक खाद्य पदार्थ को पूरी तरह अच्छा या बुरा घोषित करना नहीं, बल्कि संतुलित और जागरूक चुनाव करना है।
निष्कर्ष
रूह अफ़ज़ा को कोल्ड ड्रिंक का अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प माना जा सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह स्वास्थ्यवर्धक पेय समझना भी सही नहीं होगा। इसमें मौजूद अधिक शुगर इसका सबसे महत्वपूर्ण पहलू है, जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। यदि इसका सेवन सीमित मात्रा में और संतुलित आहार के साथ किया जाए, तो इसे कभी-कभार अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है। सेहत का असली राज़ किसी एक पेय में नहीं, बल्कि आपके संपूर्ण खान-पान और जीवनशैली में छिपा होता है।