बच्चों की पसली चलना है गंभीर बीमारी के लक्षण होते हैं इस बीमारी में बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होती है और वह हाफना शुरू कर देता है। ऐसे में हमें तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। क्योंकि कभी-कभी यह बीमारी जानलेवा साबित हो सकती है। आइए आज हम आपको बताते हैं कि पसली चलने के क्या लक्षण है और इस स्थिति में क्या करना चाहिए।
पसली कैसे चलती है।
जब कोई बच्चा साँस लेते समय अपनी पसलियों के बीच या नीचे की त्वचा को अंदर की ओर खिंचता हुआ दिखाता है, तो आम भाषा में इसे “पसली चलना” कहा जाता है। चिकित्सा शब्दों में इसे रिब रिट्रैक्शन कहा जाता है। यह स्थिति सामान्य साँस लेने का तरीका नहीं है और अक्सर किसी श्वसन समस्या की ओर इशारा करती है।
पसली चलने का क्या मतलब है?
सामान्य रूप से साँस लेते समय बच्चे का सीना हल्का-सा ऊपर-नीचे होता है। लेकिन जब फेफड़ों में हवा जाने में दिक्कत होती है, तो शरीर ज़्यादा ज़ोर लगाकर साँस लेने की कोशिश करता है। इसी कोशिश में पसलियों के बीच की मांसपेशियाँ अंदर की ओर खिंच जाती हैं, जो बाहर से साफ़ दिखाई देती हैं।
बच्चों में पसली चलने के कारण
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।