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रागी का आटा खाने से हमारी सेहत पर क्या प्रभाव पड़ता है, आइए जानते हैं।

None 2026-02-10 11:44:29
रागी का आटा खाने से हमारी सेहत पर क्या प्रभाव पड़ता है, आइए जानते हैं।
रागी का आटा खाने से हमारी सेहत पर क्या प्रभाव पड़ता है, आइए जानते हैं। भारतीय खानपान में मोटे अनाजों की वापसी एक सकारात्मक संकेत है। इन्हीं मोटे अनाजों में रागी यानी (फिंगर मिलेट) का आटा आज फिर से चर्चा में है। कभी गरीबों का भोजन कहे जाने वाला रागी अब पोषण विशेषज्ञों और स्वास्थ्य-जागरूक लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है। रागी के आटे से होने वाले फायदे आपको बता दें कि दक्षिण भारत में रागी सदियों से दैनिक आहार का हिस्सा रहा है। आज यह रोटी, डोसा, हलवा, बिस्किट और यहां तक कि केक के रूप में भी प्रयोग किया जा रहा है। यह दर्शाता है कि पारंपरिक अनाज आधुनिक खानपान में भी आसानी से अपनी जगह बना सकते हैं। पोषण के लिए बेहतर विकल्प रागी का आटा कैल्शियम, आयरन, फाइबर और प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है। खास बात यह है कि इसमें कैल्शियम की मात्रा चावल और गेहूं की तुलना में कई गुना अधिक होती है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में सहायक है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। शुगर कंट्रोल करने में सहायक रागी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, यानी यह रक्त शर्करा को धीरे-धीरे बढ़ाता है। इस कारण मधुमेह के रोगियों के लिए रागी का आटा एक सुरक्षित और उपयोगी विकल्प है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन को धीमा कर शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करता है। वजन कम करने में मददगार आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोटापा एक आम समस्या बन चुका है। रागी का आटा लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास देता है, जिससे बार-बार खाने की इच्छा कम होती है। कम कैलोरी और अधिक फाइबर होने के कारण यह वजन घटाने वालों के लिए उपयोगी है। हृदय और पाचन स्वास्थ्य के बेहतर रागी में मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है। साथ ही यह कब्ज, गैस और अपच जैसी पाचन समस्याओं से राहत दिलाने में भी सहायक है। निष्कर्ष रागी का आटा केवल एक खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य का आधार है। बदलती जीवनशैली और बढ़ती बीमारियों के दौर में रागी जैसे मोटे अनाजों को अपनाना समय की जरूरत है। यदि हम अपने दैनिक आहार में रागी को शामिल करें, तो यह सेहत की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो सकता है।
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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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