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बंद कमरे में अंगीठी जलाकर क्यों नहीं सोना चाहिए, आइए जानते हैं?

None • 2026-01-10 22:18:50
बंद कमरे में अंगीठी जलाकर क्यों नहीं सोना चाहिए, आइए जानते हैं?
बंद कमरे में अंगीठी जलाकर क्यों नहीं सोना चाहिए, आइए जानते हैं? सर्दियों के मौसम में ठंड से बचने के लिए लोग अक्सर अंगीठी, कोयले या लकड़ी का सहारा लेते हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में यह एक आम प्रथा है। लेकिन बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सो जाना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम ही नहीं, कई बार जानलेवा भी साबित होता है। हर साल देश में ऐसे अनेक मामले सामने आते हैं, जिनमें लोग अनजाने में दम घुटने या ज़हरीली गैस के प्रभाव से अपनी जान गंवा देते हैं। अंगीठी से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस अंगीठी में कोयला या लकड़ी जलने पर कार्बन मोनोऑक्साइड नामक गैस निकलती है। यह गैस न रंगहीन होती है, न गंधहीन यानी न दिखाई देती है और न ही महसूस होती है। बंद कमरे में यह गैस धीरे-धीरे जमा होती रहती है और सो रहे व्यक्ति को इसका पता तक नहीं चलता। शरीर पर क्या असर पड़ता है कार्बन मोनोऑक्साइड खून में मौजूद हीमोग्लोबिन से ऑक्सीजन की तुलना में कहीं तेज़ी से चिपक जाती है। इससे शरीर के अंगों—खासतौर पर दिमाग और दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। बंद कमरे में अंगीठी रखने से होने वाले लक्षण। • तेज़ सिरदर्द • चक्कर आना और उल्टी • बेहोशी • सांस रुकना • और अंततः मृत्यु तक हो सकती है सोते समय व्यक्ति के होश में न होने के कारण वह न तो खिड़की खोल पाता है और न ही मदद के लिए आवाज़ दे पाता है। बंद कमरे में अंगीठी रखकर सोने से बढ जाता है खतरा? जब कमरे में हवा के आने-जाने का रास्ता नहीं होता, तो ज़हरीली गैस बाहर नहीं निकल पाती। जैसे-जैसे ऑक्सीजन की मात्रा घटती है और कार्बन मोनोऑक्साइड बढ़ती है, खतरा कई गुना बढ़ जाता है। कई मामलों में लोग सुबह को उठ ही नहीं पाते। हर साल दोहराई जाने वाली त्रासदी अखबारों में अक्सर खबरें आती हैं कि सर्दी से बचने के लिए अंगीठी जलाकर सोए पूरे परिवार की मौत हो गई। ये हादसे किसी लापरवाही से नहीं, बल्कि जानकारी के अभाव से होते हैं। यह एक खामोश हत्यारा है, जो बिना चेतावनी के जान ले लेता है। बचाव के उपाय • बंद कमरे में कभी भी अंगीठी या कोयला न जलाएं। • यदि अंगीठी का उपयोग करना ही पड़े, तो कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखें। • सोने से पहले अंगीठी पूरी तरह बुझा दें। • हीटर या अन्य सुरक्षित विकल्पों का प्रयोग करें। • बच्चों और बुज़ुर्गों को विशेष रूप से इस खतरे के बारे में जागरूक करें। निष्कर्ष अंगीठी से मिलने वाली थोड़ी-सी गर्मी जीवन की सबसे बड़ी कीमत वसूल सकती है। सर्दी से बचाव ज़रूरी है, लेकिन उससे कहीं ज़्यादा ज़रूरी है जीवन की सुरक्षा। थोड़ी-सी सावधानी और सही जानकारी कई परिवारों को उजड़ने से बचा सकती है।
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शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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