समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रयागराज महाकुंभ भगदड़ पर यूपी सरकार को घेरा। सरकार पर मौतों की तदाद छिपाने, लापरवाही और सनातन परंपरा तोड़ने के संगीन इल्ज़ाम। पढ़ें पूरी खबर।
प्रयागराज,( Shah Times) । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कन्नौज के सांसद अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर महाकुंभ में भगदड़ की सच्चाई छिपाने का इल्ज़ाम लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार मौतों की सही तादाद बताने से बच रही है और पीड़ित परिवारों को कोई मदद नहीं मिल रही है।
सरकार की लापरवाही से गई श्रद्धालुओं की जान
अखिलेश यादव ने कहा कि श्रद्धालु पुण्य कमाने आए थे, लेकिन सरकार की नाकामी के कारण कई लोगों को अपनों के शव लेकर लौटना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब लाशें अस्पतालों और शवगृह में रखी थीं, तब सरकार हेलीकॉप्टर से फूल बरसा रही थी। उन्होंने इसे संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बताया।
केंद्र सरकार से मांगी रिपोर्ट और सर्वदलीय बैठक की मांग
अखिलेश यादव ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार से महाकुंभ हादसे के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक बुलाकर महाकुंभ आपदा प्रबंधन की समीक्षा की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सेना को जिम्मेदारी दी जाए।
सनातन परंपरा टूटी, सरकार ने संतों पर दबाव डाला
उन्होंने कहा कि महाकुंभ में सनातन परंपरा के अनुसार संतों का शाही स्नान तय मुहूर्त पर होता है, लेकिन इस बार सरकार ने इसे रद्द करने का आदेश दिया, जिससे सनातन परंपरा टूट गई। बाद में सरकार ने दबाव में आकर शाही स्नान की अनुमति दी, लेकिन तब तक परंपरा भंग हो चुकी थी।
सरकार आंकड़े छिपाने में व्यस्त, जनता परेशान
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार मृतकों और घायलों की सही संख्या नहीं बता रही। उन्होंने मांग की कि सरकार संसद में महाकुंभ हादसे की पूरी रिपोर्ट पेश करे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
डबल इंजन सरकार में जनता पिस रही है
अखिलेश यादव ने यूपी सरकार पर विकास कार्यों में असफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार जनता को राहत देने के बजाय खुद ही आपस में टकरा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी को "क्योटो" बनाने का सपना दिखाया था, लेकिन वहां अभी तक मेट्रो रेल भी शुरू नहीं हो पाई।
किसानों को नहीं मिल रहा उचित मुआवजा
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार विभिन्न परियोजनाओं के लिए किसानों की जमीन ले रही है, लेकिन उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा। उन्होंने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए कहा कि समाजवादी सरकार ने किसानों को अच्छा मुआवजा दिया था, लेकिन भाजपा सरकार में किसानों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
जातिगत जनगणना जरूरी, एसपी की लड़ाई जारी रहेगी
उन्होंने कहा कि समाज में सभी को हक और अधिकार दिलाने के लिए जातिगत जनगणना जरूरी है। समाजवादी पार्टी इस लड़ाई में सबसे आगे है और इसे कोई रोक नहीं पाएगा।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे भ्रष्टाचार का उदाहरण
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2022 में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था, लेकिन पहली ही बारिश में वह टूट गया। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भी हजारों करोड़ खर्च हो चुके हैं, लेकिन वह अभी तक अधूरा है। उन्होंने कहा कि सरकार पिछले 10 वर्षों से केवल वादे कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।