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फिल्मों के पोस्टर से फीमेल एक्टर्स गायब होने से कम हुआ बॉलीवुड का चार्म

None • 2023-07-14 13:13:49
फिल्मों के पोस्टर से फीमेल एक्टर्स गायब होने से कम हुआ बॉलीवुड का चार्म

फिल्मों के पोस्टर से हीरोइन गायब होती जा रही लोग अपनी पसंदीदा हीरोइन को पोस्टर में देखकर ही फिल्म देखने का मन बना लेते थे

मुंबई। जानीमानी अभिनेत्री अमीषा पटेल का कहना है कि फिल्मों में फीमेल एक्टर्स को दमदार रोल नहीं मिलने और उन्हें फिल्मों के पोस्टर में जगह नहीं मिलने से बॉलीवुड का चार्म अब कम होता जा रहा है। अमीषा पटेल ने कहा, फिल्मों के पोस्टर से हीरोइन गायब होती जा रही हैं। पहले लोग अपनी पसंदीदा हीरोइन को पोस्टर में देखकर ही फिल्म देखने का मन बना लेते थे। लेकिन, अब इस पैटर्न में भी काफी बदलाव आ चुका है। फिल्म सिर्फ हीरो सेंट्रिक नहीं हो सकती। हां, हीरो भी किसी भी फिल्म का इम्पोर्टेन्ट पार्ट जरूर होता है।

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अमीषा पटेल ने कहा,एक समय था जब फिल्म के हर आस्पेक्ट पर गौर किया जाता था। हीरो, हीरोइन से लेकर फिल्म का पोस्टर, गाने, स्टाइल और ग्लैमर हर चीज को अहमियत दी जाती थी। लोग फिल्मों के गानों से आकर्षित होकर ही फिल्म देखने आएं, ऐसा उस समय बहुत कॉमन था। ऑडियंस फिल्मों में विलेन, कॉमेडियन, म्यूजिक और फैशन सेंस भी बड़े शौक से देखती थी। लेकिन, अब ये सब गायब होता जा रहा है। लोग बॉलीवुड के चार्म से प्यार करते थे, वो खत्म हो रहा है। इन्हीं कारणों की वजह से बॉलीवुड की फिल्में बॉक्स-ऑफिस (box office) पर पिछड़ रही हैं।

#ShahTimes

फिल्मों के पोस्टर से हीरोइन गायब होती जा रही लोग अपनी पसंदीदा हीरोइन को पोस्टर में देखकर ही फिल्म देखने का मन बना लेते थे

मुंबई। जानीमानी अभिनेत्री अमीषा पटेल का कहना है कि फिल्मों में फीमेल एक्टर्स को दमदार रोल नहीं मिलने और उन्हें फिल्मों के पोस्टर में जगह नहीं मिलने से बॉलीवुड का चार्म अब कम होता जा रहा है। अमीषा पटेल ने कहा, फिल्मों के पोस्टर से हीरोइन गायब होती जा रही हैं। पहले लोग अपनी पसंदीदा हीरोइन को पोस्टर में देखकर ही फिल्म देखने का मन बना लेते थे। लेकिन, अब इस पैटर्न में भी काफी बदलाव आ चुका है। फिल्म सिर्फ हीरो सेंट्रिक नहीं हो सकती। हां, हीरो भी किसी भी फिल्म का इम्पोर्टेन्ट पार्ट जरूर होता है।

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अमीषा पटेल ने कहा,एक समय था जब फिल्म के हर आस्पेक्ट पर गौर किया जाता था। हीरो, हीरोइन से लेकर फिल्म का पोस्टर, गाने, स्टाइल और ग्लैमर हर चीज को अहमियत दी जाती थी। लोग फिल्मों के गानों से आकर्षित होकर ही फिल्म देखने आएं, ऐसा उस समय बहुत कॉमन था। ऑडियंस फिल्मों में विलेन, कॉमेडियन, म्यूजिक और फैशन सेंस भी बड़े शौक से देखती थी। लेकिन, अब ये सब गायब होता जा रहा है। लोग बॉलीवुड के चार्म से प्यार करते थे, वो खत्म हो रहा है। इन्हीं कारणों की वजह से बॉलीवुड की फिल्में बॉक्स-ऑफिस (box office) पर पिछड़ रही हैं।

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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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