कोटद्वार में कारोबारी संजीव टोंक की शिकायत पर दीपक कुमार गिरफ्तार हुए। पुलिस ने कहा कि जांच में कथित अभद्रता, धमकी और चोट पहुंचाने के प्रथमदृष्टया साक्ष्य मिले।
कोटद्वार, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड | 1 अक्टूबर 2026
By Mohd Haris
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में कारोबारी से कथित बदसलूकी, मारपीट और धमकी के मामले में दीपक कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक कारोबारी संजीव टोंक ने कोटद्वार कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी।
दीपक कुमार को सोशल मीडिया और सार्वजनिक विवादों के कारण ‘मोहम्मद दीपक’ के नाम से भी जाना जाता है। पुलिस ने कहा कि गिरफ्तारी शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका और जांच में सामने आए प्रथमदृष्टया साक्ष्यों के आधार पर की गई।
पुलिस के अनुसार कारोबारी संजीव टोंक ने आरोप लगाया कि दीपक ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।
शिकायत के आधार पर शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया गया। बाद में जांच के दौरान पुलिस ने धारा 196 और 115 भी जोड़ी।
इन धाराओं में आपराधिक धमकी, जानबूझकर अपमान, विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी या वैमनस्य बढ़ाने से जुड़े अपराध और स्वेच्छा से चोट पहुंचाने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के दौरान CCTV फुटेज, तस्वीरों और उपलब्ध वीडियो की जांच की गई। पुलिस का कहना है कि इन साक्ष्यों के आधार पर शिकायत में लगाए गए कुछ आरोपों की प्रथमदृष्टया पुष्टि हुई।
पुलिस ने यह भी कहा कि दीपक की गतिविधियों और इलाके में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए एहतियाती कार्रवाई की गई।
पुलिस और उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक विवाद की पृष्ठभूमि एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ी है। यह पोस्ट उज्जैन में एक मस्जिद से जुड़े हालिया घटनाक्रम के संबंध में थी।
इस पोस्ट पर कारोबारी संजीव टोंक की कथित टिप्पणी के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। इसके बाद कारोबारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दीपक को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170 के तहत गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई संभावित संज्ञेय अपराध और शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए की गई।
गिरफ्तारी के बाद कोटद्वार में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई। पुलिस ने इलाके में फ्लैग मार्च भी किया, ताकि किसी संभावित तनाव को नियंत्रित रखा जा सके।
दीपक कुमार इस साल की शुरुआत में भी कोटद्वार में हुए एक विवाद के बाद चर्चा में आए थे। उस समय एक मुस्लिम दुकानदार की दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर विवाद हुआ था।
उस घटनाक्रम के दौरान दीपक ने अपना नाम ‘मोहम्मद दीपक’ बताया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ और इसके बाद वे इसी नाम से सार्वजनिक चर्चा में आए।
दीपक की गिरफ्तारी की सूचना के बाद स्थानीय व्यापारियों का एक समूह कोटद्वार कोतवाली पहुंचा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार व्यापारियों ने पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की और कुछ समय तक प्रदर्शन भी किया।
पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया। प्रशासन का फोकस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी नए विवाद को रोकने पर रहा।
मौजूदा विवाद की पृष्ठभूमि में धार्मिक मुद्दे से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट का उल्लेख सामने आया है। पुलिस ने जांच के दौरान BNS की धारा 196 भी जोड़ी है, जो विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी या वैमनस्य को बढ़ावा देने से संबंधित है।
हालांकि, किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी अपने आप में उसके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को साबित नहीं करती। धार्मिक पहचान या सोशल मीडिया विवाद को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच और न्यायिक प्रक्रिया के परिणाम का इंतजार जरूरी है।
मामले में पुलिस CCTV फुटेज, वीडियो, तस्वीरों और शिकायतकर्ता तथा अन्य संबंधित लोगों के बयानों की जांच कर रही है।
जांच में यह भी स्पष्ट करना होगा कि कथित विवाद के दौरान वास्तव में क्या हुआ, किन लोगों की मौजूदगी थी और किन आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।
कोटद्वार की इस घटना में फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और शिकायत में लगाए गए आरोप ही सामने आए हैं। दीपक कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।
मौजूदा घटनाक्रम में पुलिस की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। वहीं, मामले की निष्पक्ष जांच से यह तय होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।