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भारत में सबसे ज्यादा वक्फ जमीन उत्तर प्रदेश में – देखें पूरी लिस्ट,जाने संपत्तियों का भविष्य

None 2025-04-03 17:29:52
भारत में सबसे ज्यादा वक्फ जमीन उत्तर प्रदेश में – देखें पूरी लिस्ट,जाने संपत्तियों का भविष्य

वक्‍फ संशोधन बिल और उत्‍तर प्रदेश की वक्‍फ संपत्तियां: जिलेवार सूची

उत्तर प्रदेश में कुल 1,24,720 वक्फ संपत्तियां हैं, जिनमें 1,19,451 सुन्नी वक्फ बोर्ड और 5,269 शिया वक्फ बोर्ड के अंतर्गत आती हैं। जानिए वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद क्या बदलाव हो सकते हैं और अपने जिले की वक्फ संपत्तियों की पूरी सूची देखें।

वक्‍फ संशोधन बिल पास होने के बाद क्‍या बदलेगा?

नई दिल्ली, (Shah Times)। वक्‍फ संशोधन बिल को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है। लोकसभा में बुधवार देर रात 2 बजे यह बिल पास हो गया और अब इसे राज्‍यसभा में पेश किया गया है। बिल के कानून बनने के बाद वक्‍फ संपत्तियों के प्रबंधन और उपयोग को लेकर कई अहम बदलाव हो सकते हैं। विपक्ष ने इस बिल का कड़ा विरोध किया है, लेकिन सरकार इसे पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम बता रही है।

वक्‍फ संपत्ति क्या होती है?

वक्‍फ संपत्ति वह संपत्ति होती है जो इस्लाम में धार्मिक या सामाजिक कार्यों के लिए दान कर दी जाती है। एक बार किसी संपत्ति को वक्‍फ कर दिया जाए तो उसे बेचा या उपहार में नहीं दिया जा सकता। इसका उपयोग केवल वक्‍फ उद्देश्यों के लिए ही किया जाता है।

उत्‍तर प्रदेश में सबसे ज्‍यादा वक्‍फ संपत्तियां

2014 में यूपी वक्‍फ बोर्ड ने अपनी संपत्ति से जुड़ी जिलेवार लिस्‍ट जारी की थी, जिसके मुताबिक उत्‍तर प्रदेश में कुल 1,24,720 वक्‍फ संपत्तियां हैं। इनमें से 1,19,451 सुन्नी वक्फ बोर्ड के अंतर्गत आती हैं और 5,269 संपत्तियां शिया वक्फ बोर्ड के अधीन हैं।

यूपी के प्रमुख जिलों में वक्फ संपत्तियों का वितरण

लखनऊ मंडल:

  • लखनऊ: 3,072 (सुन्नी - 2,386, शिया - 686)
  • उन्नाव: 1,688 (सुन्नी - 1,647, शिया - 41)
  • रायबरेली: 2,875 (सुन्नी - 2,758, शिया - 117)
  • सीतापुर: 4,204 (सुन्नी - 4,134, शिया - 70)
  • हरदोई: 2,062 (सुन्नी - 2,006, शिया - 56)
  • लखीमपुर खीरी: 2,639 (सुन्नी - 2,606, शिया - 33)

कानपुर मंडल:

  • कानपुर नगर: 1,067 (सुन्नी - 1,004, शिया - 63)
  • इटावा: 678 (सुन्नी - 628, शिया - 50)
  • औरैया: 273 (सभी सुन्नी वक्फ)
  • कन्नौज: 1,628 (सुन्नी - 1,620, शिया - 8)
  • कानपुर देहात: 1,881 (सुन्नी - 1,811, शिया - 70)
  • फर्रुखाबाद: 2,334 (सुन्नी - 2,290, शिया - 44)

प्रयागराज मंडल:

  • प्रयागराज: 2,278 (सुन्नी - 2,131, शिया - 147)
  • कौशांबी: 627 (सुन्नी - 613, शिया - 14)
  • प्रतापगढ़: 1,538 (सुन्नी - 1,507, शिया - 31)
  • फतेहपुर: 2,062 (सुन्नी - 2,036, शिया - 26)

गोरखपुर मंडल:

  • गोरखपुर: 973 (सुन्नी - 971, शिया - 2)
  • देवरिया: 1,854 (सभी सुन्नी वक्फ)
  • कुशीनगर: 660 (सभी सुन्नी वक्फ)
  • महराजगंज: 585 (सभी सुन्नी वक्फ)

वाराणसी मंडल:

  • वाराणसी: 1,467 (सुन्नी - 1,346, शिया - 121)
  • चंदौली: 689 (सुन्नी - 655, शिया - 34)
  • जौनपुर: 4,135 (सुन्नी - 3,316, शिया - 819)
  • गाजीपुर: 1,664 (सुन्नी - 1,569, शिया - 95)

यूपी में वक्फ संपत्तियों का भविष्य

वक्फ संशोधन बिल के लागू होने के बाद इन संपत्तियों के प्रबंधन में बदलाव हो सकता है। सरकार ने वक्फ संपत्तियों को पारदर्शी तरीके से सूचीबद्ध करने और किसी भी अनियमितता को रोकने की योजना बनाई है। वहीं, इस बिल के विरोधियों का मानना है कि इससे धार्मिक स्वतंत्रता और वक्फ संपत्तियों की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है।

इस बिल के कानूनी रूप से लागू होने के बाद वक्फ संपत्तियों की नई सूची जारी हो सकती है, जिससे इस विषय पर और अधिक स्पष्टता मिलेगी।

... जारी....

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वक्‍फ संशोधन बिल और उत्‍तर प्रदेश की वक्‍फ संपत्तियां: जिलेवार सूची

उत्तर प्रदेश में कुल 1,24,720 वक्फ संपत्तियां हैं, जिनमें 1,19,451 सुन्नी वक्फ बोर्ड और 5,269 शिया वक्फ बोर्ड के अंतर्गत आती हैं। जानिए वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद क्या बदलाव हो सकते हैं और अपने जिले की वक्फ संपत्तियों की पूरी सूची देखें।

वक्‍फ संशोधन बिल पास होने के बाद क्‍या बदलेगा?

नई दिल्ली, (Shah Times)। वक्‍फ संशोधन बिल को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है। लोकसभा में बुधवार देर रात 2 बजे यह बिल पास हो गया और अब इसे राज्‍यसभा में पेश किया गया है। बिल के कानून बनने के बाद वक्‍फ संपत्तियों के प्रबंधन और उपयोग को लेकर कई अहम बदलाव हो सकते हैं। विपक्ष ने इस बिल का कड़ा विरोध किया है, लेकिन सरकार इसे पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम बता रही है।

वक्‍फ संपत्ति क्या होती है?

वक्‍फ संपत्ति वह संपत्ति होती है जो इस्लाम में धार्मिक या सामाजिक कार्यों के लिए दान कर दी जाती है। एक बार किसी संपत्ति को वक्‍फ कर दिया जाए तो उसे बेचा या उपहार में नहीं दिया जा सकता। इसका उपयोग केवल वक्‍फ उद्देश्यों के लिए ही किया जाता है।

उत्‍तर प्रदेश में सबसे ज्‍यादा वक्‍फ संपत्तियां

2014 में यूपी वक्‍फ बोर्ड ने अपनी संपत्ति से जुड़ी जिलेवार लिस्‍ट जारी की थी, जिसके मुताबिक उत्‍तर प्रदेश में कुल 1,24,720 वक्‍फ संपत्तियां हैं। इनमें से 1,19,451 सुन्नी वक्फ बोर्ड के अंतर्गत आती हैं और 5,269 संपत्तियां शिया वक्फ बोर्ड के अधीन हैं।

यूपी के प्रमुख जिलों में वक्फ संपत्तियों का वितरण

लखनऊ मंडल:

  • लखनऊ: 3,072 (सुन्नी - 2,386, शिया - 686)
  • उन्नाव: 1,688 (सुन्नी - 1,647, शिया - 41)
  • रायबरेली: 2,875 (सुन्नी - 2,758, शिया - 117)
  • सीतापुर: 4,204 (सुन्नी - 4,134, शिया - 70)
  • हरदोई: 2,062 (सुन्नी - 2,006, शिया - 56)
  • लखीमपुर खीरी: 2,639 (सुन्नी - 2,606, शिया - 33)

कानपुर मंडल:

  • कानपुर नगर: 1,067 (सुन्नी - 1,004, शिया - 63)
  • इटावा: 678 (सुन्नी - 628, शिया - 50)
  • औरैया: 273 (सभी सुन्नी वक्फ)
  • कन्नौज: 1,628 (सुन्नी - 1,620, शिया - 8)
  • कानपुर देहात: 1,881 (सुन्नी - 1,811, शिया - 70)
  • फर्रुखाबाद: 2,334 (सुन्नी - 2,290, शिया - 44)

प्रयागराज मंडल:

  • प्रयागराज: 2,278 (सुन्नी - 2,131, शिया - 147)
  • कौशांबी: 627 (सुन्नी - 613, शिया - 14)
  • प्रतापगढ़: 1,538 (सुन्नी - 1,507, शिया - 31)
  • फतेहपुर: 2,062 (सुन्नी - 2,036, शिया - 26)

गोरखपुर मंडल:

  • गोरखपुर: 973 (सुन्नी - 971, शिया - 2)
  • देवरिया: 1,854 (सभी सुन्नी वक्फ)
  • कुशीनगर: 660 (सभी सुन्नी वक्फ)
  • महराजगंज: 585 (सभी सुन्नी वक्फ)

वाराणसी मंडल:

  • वाराणसी: 1,467 (सुन्नी - 1,346, शिया - 121)
  • चंदौली: 689 (सुन्नी - 655, शिया - 34)
  • जौनपुर: 4,135 (सुन्नी - 3,316, शिया - 819)
  • गाजीपुर: 1,664 (सुन्नी - 1,569, शिया - 95)

यूपी में वक्फ संपत्तियों का भविष्य

वक्फ संशोधन बिल के लागू होने के बाद इन संपत्तियों के प्रबंधन में बदलाव हो सकता है। सरकार ने वक्फ संपत्तियों को पारदर्शी तरीके से सूचीबद्ध करने और किसी भी अनियमितता को रोकने की योजना बनाई है। वहीं, इस बिल के विरोधियों का मानना है कि इससे धार्मिक स्वतंत्रता और वक्फ संपत्तियों की स्वायत्तता प्रभावित हो सकती है।

इस बिल के कानूनी रूप से लागू होने के बाद वक्फ संपत्तियों की नई सूची जारी हो सकती है, जिससे इस विषय पर और अधिक स्पष्टता मिलेगी।

... जारी....

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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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