केंद्र और राजस्थान सरकार के बीच स्किलिंग योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हुई। बैठक में आईटीआई अपग्रेड, अप्रेंटिसशिप और अंतरराष्ट्रीय स्किलिंग पर चर्चा की गई।एमएसडीई और राजस्थान सरकार ने संयुक्त बैठक में पीएमकेवीवाई, अप्रेंटिसशिप, पीएम-सेटू और अंतरराष्ट्रीय स्किलिंग योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की।
📍 Jaipur ✍️ Asif Khan
राजस्थान में स्किलिंग और एम्प्लॉयबिलिटी योजनाओं पर उच्चस्तरीय बैठक
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन
भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने आज राजस्थान सरकार के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक का उद्देश्य राज्य में चल रही स्किलिंग और एम्प्लॉयबिलिटी से जुड़ी योजनाओं की प्रगति का आकलन करना और आने वाले समय के लिए कार्ययोजना तय करना रहा। यह बैठक कौशल भवन में आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता जयंत चौधरी ने की। उनके साथ राजस्थान सरकार की ओर से कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ भी मौजूद रहे। बैठक में केंद्र और राज्य के अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं से जुड़े आंकड़े और अनुभव साझा किए।
राजस्थान की स्किलिंग संरचना
राजस्थान देश के प्रमुख स्किलिंग राज्यों में शामिल है। राज्य में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। कुल 1,537 आईटीआई कार्यरत हैं, जिनमें सरकारी और निजी दोनों संस्थान शामिल हैं। इन संस्थानों के माध्यम से युवाओं को तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि यह नेटवर्क राज्य के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में फैला हुआ है, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण का अवसर मिल रहा है।



पीएमकेवीवाई 4.0 की स्थिति
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के तहत राजस्थान में बड़ी संख्या में युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार तीन लाख से अधिक उम्मीदवारों को ट्रेनिंग या ओरिएंटेशन दिया गया। इनमें से ढाई लाख से ज्यादा उम्मीदवार सफलतापूर्वक प्रमाणित हुए।
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रशिक्षण के बाद रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया को मजबूत करने पर काम चल रहा है। संबंधित विभागों को उद्योगों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम पर चर्चा
राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना के तहत राजस्थान में एक लाख से अधिक अप्रेंटिस कार्यरत हैं। ये अप्रेंटिस एक हजार से ज्यादा सक्रिय प्रतिष्ठानों में काम कर रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 तक प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से लगभग पच्चीस करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। बैठक में अप्रेंटिसशिप को और बढ़ाने के लिए नए उद्योगों को जोड़ने पर जोर दिया गया।
पीएम विश्वकर्मा और जन शिक्षण संस्थान
बैठक में पीएम विश्वकर्मा योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस योजना के तहत ढाई लाख से अधिक कारीगरों का आकलन किया गया है।
इसके अलावा जन शिक्षण संस्थान नौ जिलों में कार्यरत हैं, जहां लगभग बारह हजार उम्मीदवारों ने नामांकन कराया है। अधिकारियों ने बताया कि इन संस्थानों में प्रमाणन दर अपेक्षाकृत अधिक रही है।
पीएम-सेटू योजना और आईटीआई अपग्रेड
बैठक का एक प्रमुख बिंदु पीएम स्किलिंग और एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई योजना रहा। इस योजना के तहत आईटीआई को आधुनिक तकनीकों से लैस करने का लक्ष्य है।
राजस्थान सरकार ने भरतपुर, भिवाड़ी, जयपुर, बालोतरा, कोटा, बीकानेर, जोधपुर और बांसवाड़ा जैसे जिलों में आईटीआई क्लस्टर की पहचान की है। यहां हब और स्पोक मॉडल के जरिए प्रशिक्षण को स्थानीय औद्योगिक मांग से जोड़ा जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर की योजना
केंद्र सरकार ने बताया कि पीएम-सेटू योजना के तहत पांच वर्षों में साठ हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है। इस योजना के अंतर्गत देशभर में एक हजार आईटीआई और पांच राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों को अपग्रेड किया जाना है।
इसका उद्देश्य बीस लाख युवाओं को आधुनिक और उभरते हुए ट्रेड्स में स्किल देना है। बैठक में राजस्थान को इस योजना में सक्रिय भागीदारी निभाने वाला राज्य बताया गया।
अंतरराष्ट्रीय स्किलिंग केंद्र
बैठक में राजस्थान में दो स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इन केंद्रों के जरिए युवाओं को विदेशों में रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा।
जयपुर और भरतपुर को संभावित स्थान के रूप में चिन्हित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इन केंद्रों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार ट्रेनिंग दी जाएगी।
वक्ताओं के बयान
बैठक के दौरान कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने कहा कि राजस्थान की संस्थागत क्षमता मजबूत है। राज्य में बड़े पैमाने पर युवाओं तक पहुंच बनाई जा चुकी है।
जयंत चौधरी ने कहा कि आगे की रणनीति में प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उद्योग साझेदारी और रोजगार परिणामों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि राजस्थान सरकार बुनियादी ढांचे के विकास और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
एनएसटीआई से जुड़े प्रस्ताव
बैठक में भरतपुर में एक नए राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के प्रस्ताव की समीक्षा की गई। साथ ही जयपुर और जोधपुर स्थित संस्थानों के अपग्रेडेशन पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों ने बताया कि इन संस्थानों के जरिए प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और उन्नत कोर्स शुरू किए जाएंगे।
बैठक का निष्कर्ष
बैठक के अंत में केंद्र और राज्य सरकार ने लंबित प्रस्तावों को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। साथ ही निगरानी तंत्र को मजबूत करने और उद्योग सहभागिता बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
दोनों पक्षों ने यह दोहराया कि स्किलिंग और एम्प्लॉयबिलिटी के क्षेत्र में समन्वित प्रयासों से युवाओं के लिए बेहतर अवसर तैयार किए जाएंगे।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।