भारत-पाक तनाव के मद्देनजर मुजफ्फरनगर में कंट्रोल रूम सक्रिय। प्रशासन ने जारी की ब्लैकआउट गाइडलाइन, राहत शिविर, मॉक ड्रिल और 24x7 हेल्पलाइन नंबर की जानकारी।
मुजफ्फरनगर | (Shah Times)– भारत-पाकिस्तान सीमा पर उत्पन्न हुए तनावपूर्ण हालातों को देखते हुए मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन ने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष (Control Room) को सक्रिय कर दिया है। इस आपात व्यवस्था का उद्देश्य है – नागरिकों को त्वरित सूचना, सहयोग और सहायता मुहैया कराना।
जिला प्रशासन द्वारा निम्न आपातकालीन संपर्क सूत्र जारी किए गए हैं, जिन पर नागरिक किसी भी समय सहायता प्राप्त कर सकते हैं:
प्रशिक्षित कर्मचारियों की टीम इन नंबरों पर 24 घंटे तैनात रहेगी। किसी भी आपात स्थिति, संदेहास्पद गतिविधि या सूचना हेतु नागरिक इनसे संपर्क कर सकते हैं।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री गजेन्द्र कुमार, जो इस व्यवस्था के नोडल अधिकारी हैं, ने बताया कि जिले में सभी विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। सीमावर्ती व शहरी क्षेत्रों में निगरानी तेज कर दी गई है। अफवाहों से बचने और केवल सरकारी जानकारी पर भरोसा रखने की अपील की गई है।
ब्लैकआउट कोई सामान्य बिजली कटौती नहीं, बल्कि रणनीतिक सुरक्षा उपाय है। दुश्मन की हवाई निगरानी से बचाव के लिए नागरिकों को रात में रोशनी नियंत्रित करने की सख्त आवश्यकता है।
ब्लैकआउट की सूचना रेडियो, टीवी, सोशल मीडिया, माइक आदि के माध्यम से दी जाएगी।
पुलिस, स्वास्थ्य, सेना, शिक्षा व फायर ब्रिगेड सहित कई विभागों के सहयोग से आपदा मॉक ड्रिल शुरू कर दी गई हैं, जिनका उद्देश्य है:
1. अफवाहों से सावधान रहें:
केवल प्रशासनिक और सरकारी स्रोतों पर भरोसा करें। सोशल मीडिया की अपुष्ट खबरें न फैलाएं।
2. आपात बैग तैयार रखें:
पहचान पत्र, टॉर्च, पानी, सूखा भोजन, प्राथमिक उपचार किट, नकद राशि, बैंक डिटेल की कॉपी, आवश्यक दवाइयाँ आदि अपने पास रखें।
3. राहत शिविर की जानकारी लें:
प्रशासन द्वारा चिन्हित राहत केंद्रों की सूची ग्राम प्रधान, बीएलओ या कंट्रोल रूम से प्राप्त करें।
4. पारिवारिक योजना बनाएं:
सभी को बताएँ कि संचार बंद होने पर कहां मिलना है और किससे संपर्क करना है।
5. विद्यालयों में सतर्कता:
स्कूल प्रशासन बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे। अभिभावक बच्चों को मानसिक रूप से तैयार करें।
6. विकलांग व बुजुर्गों की मदद करें:
ऐसे लोगों की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को दें। उनके लिए अलग से राहत व सहायता टीम बनाई जा रही है।
नोडल अधिकारी के अनुसार, जिला प्रशासन ने निम्न उपाय किए हैं:
सभी मीडिया संस्थानों, डिजिटल चैनलों और पत्रकारों से अनुरोध किया गया है कि वे केवल सत्य व प्रमाणित सूचनाएँ ही प्रसारित करें। कंट्रोल रूम से नियमित संपर्क बनाए रखें।
प्रशासन ने कहा कि आपदा की घड़ी में हर नागरिक का योगदान अहम है। सतर्कता, संयम और सहयोग से बड़ी से बड़ी विपत्ति का मुकाबला संभव है।
“कृपया घबराएं नहीं। प्रशासन हर स्थिति के लिए तैयार है। संयम, सहयोग और सतर्कता से ही हम सुरक्षित रह सकते हैं। किसी भी जरूरत के लिए कंट्रोल रूम से संपर्क करें।”
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Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।