मुजफ्फरनगर पुलिस और एसओजी ने ऑपरेशन सवेरा के तहत 50 किलो गांजा के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में गाजियाबाद से संचालित अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की जानकारी सामने आई। पुलिस अब सप्लाई चेन और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
📍 मुजफ्फरनगर
📰 13 जुलाई 2026
✍️ वसी सिद्दीकी
## मुजफ्फरनगर में ऑपरेशन सवेरा के तहत बड़ी कार्रवाई
मुजफ्फरनगर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे "ऑपरेशन सवेरा – नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर" अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है। थाना सिविल लाइन पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की संयुक्त टीम ने 50 किलोग्राम गांजा के साथ तीन पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही आई-10 कार भी जब्त कर ली है।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार 12 जुलाई की रात बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान दिल्ली नंबर की एक आई-10 कार को रोककर तलाशी ली गई। सहायक पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ मिश्रा की मौजूदगी में वाहन की जांच के दौरान 50 किलो गांजा बरामद हुआ। मौके से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
गिरफ्तार आरोपी अलग-अलग राज्यों के निवासी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में मध्य प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ के निवासी शामिल हैं। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि वे कथित तौर पर गाजियाबाद तक गांजा पहुंचाने के बदले तय रकम लेते थे। महिला आरोपी ने भी पूछताछ में कथित रूप से स्वीकार किया कि उसे वाहन में बैठाने का उद्देश्य पुलिस जांच से बचना था। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच जारी है।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में दो कथित संचालकों के नाम सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए अलग टीम गठित की गई है। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि गांजे की खेप कहां से लाई गई, किन जिलों में इसकी सप्लाई की जानी थी और नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की भी जांच कर रही है।
ऑपरेशन सवेरा का उद्देश्य
सहारनपुर रेंज में चलाया जा रहा "ऑपरेशन सवेरा" अभियान मादक पदार्थों की तस्करी, प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार और संगठित नशा नेटवर्क पर कार्रवाई के लिए शुरू किया गया है। मुजफ्फरनगर पुलिस का कहना है कि अभियान के तहत लगातार निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
एनडीपीएस मामलों में जांच की अहमियत
एनडीपीएस एक्ट के मामलों में बरामदगी के साथ-साथ साक्ष्य, जब्ती प्रक्रिया, फॉरेंसिक परीक्षण और न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज भी बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को उजागर करना और अदालत में मजबूत अभियोजन प्रस्तुत करना भी उतना ही आवश्यक है। इसलिए इस मामले में आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर भी निगाह रहेगी।
स्थानीय स्तर पर नशे के खिलाफ संदेश
हाल के वर्षों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इस कार्रवाई को स्थानीय स्तर पर नशे के कारोबार पर एक महत्वपूर्ण प्रहार के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि किसी भी आरोपी की दोषसिद्धि न्यायालय के अंतिम निर्णय के बाद ही मानी जाएगी।
50 किलो गांजा की बरामदगी और चार आरोपियों की गिरफ्तारी मुजफ्फरनगर पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। अब इस मामले की सबसे अहम कड़ी कथित मुख्य संचालकों की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा। आने वाले दिनों में जांच से यह स्पष्ट होगा कि यह तस्करी गिरोह कितने बड़े स्तर पर सक्रिय था और इसके तार किन-किन राज्यों से जुड़े हुए हैं।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।