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Muzaffarnagar Pride: रिया सैनी की तीसरे प्रयास में IAS बनने की प्रेरक सफलता

None 2025-04-23 07:26:31
Muzaffarnagar Pride: रिया सैनी की तीसरे प्रयास में IAS बनने की प्रेरक सफलता



मुज़फ्फरनगर की बेटी रिया सैनी ने UPSC में पाई 22वीं रैंक: तीसरे प्रयास में IAS बनने की प्रेरक कहानी

मुजफ्फरनगर की रिया सैनी ने UPSC 2024 में 22वीं रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया। जानिए कैसे तीसरे प्रयास में पाई सफलता और IAS बनने का सपना किया साकार।

मुज़फ्फरनगर,(Shah Times) ,देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 में मुजफ्फरनगर जिले की रिया सैनी ने 22वीं रैंक हासिल कर समूचे क्षेत्र को गौरवांवित किया है। यह सफलता उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में पाई है, और इस मुकाम तक पहुंचने की उनकी कहानी आज हज़ारों युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गई है।

टांडा गांव से आईएएस तक का सफर

चरथावल ब्लॉक के टांडा गांव की निवासी रिया सैनी ने 2023 में अपने दूसरे प्रयास में इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस (IRTS) में चयन पाया था और लखनऊ में ट्रेनिंग प्राप्त कर रही थीं। लेकिन उनका सपना केवल एक सेवा में चयन नहीं था—वह IAS बनना चाहती थीं। अपने इस लक्ष्य के प्रति अडिग रहते हुए उन्होंने 2024 में पुनः परीक्षा दी और इस बार देशभर में 22वीं रैंक के साथ अपने सपने को हकीकत में बदल दिया।

संघर्ष, मेहनत और परिवार का साथ

रिया सैनी के पिता मुकेश कुमार, मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) में मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में दिल्ली में तैनात हैं। उनकी माता प्रीति सैनी गृहिणी हैं, जो बेटी की दिनचर्या और पढ़ाई में हर कदम पर साथ रहीं। उनका छोटा भाई अनमोल सैनी एक राष्ट्रीय स्तर का लॉन टेनिस खिलाड़ी है और अब इंजीनियरिंग की पढ़ाई की तैयारी कर रहा है। गौरतलब है कि रिया के पिता भी 1983 में इंटरमीडिएट परीक्षा में जिले के टॉपर रहे थे—जिससे यह स्पष्ट है कि शिक्षा उनके परिवार की प्राथमिकता रही है।

सपना देखने की हिम्मत और उसे पाने की रणनीति

रिया सैनी बताती हैं कि उन्होंने समाजशास्त्र को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना और हर दिन 7-8 घंटे की पढ़ाई को नियमित रूप से अपनाया। उनका मानना है कि सफलता के लिए जरूरी है कि लक्ष्य स्पष्ट हो और विषय पर पूरा फोकस किया जाए। वे कहती हैं, “भ्रम से बचें और समयबद्ध तरीके से कदम बढ़ाते रहें।"

उनकी मां प्रीति कहती हैं, “बेटी ने कभी हार नहीं मानी, हर असफलता को सीख में बदला और अनुशासन के साथ पढ़ाई की। यह आज हमारी मेहनत का फल है।”

परिवार और जिले में जश्न का माहौल

रिया सैनी के चचेरे भाई प्रवीण सैनी, जो पेशे से वकील हैं, कहते हैं, “रिया ने देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में शानदार रैंक हासिल कर जिले और परिवार का नाम रोशन किया है। यह हम सबके लिए गर्व का क्षण है।”

रिया सैनी को उम्मीद है कि उन्हें उत्तर प्रदेश या महाराष्ट्र कैडर मिल सकता है, और वे प्रशासनिक सेवा में रहकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहती हैं।

रिया सैनी की कहानी एक आदर्श उदाहरण है कि संघर्ष, लगन और स्पष्ट लक्ष्य से क्या कुछ हासिल किया जा सकता है। ऐसे युवाओं की सफलता यह संदेश देती है कि सीमित संसाधनों और छोटे कस्बों से आने वाले प्रतिभाशाली छात्र भी यदि सही दिशा में प्रयास करें, तो कोई मंज़िल दूर नहीं।

मुजफ्फरनगर की यह बेटी आज न सिर्फ जिले बल्कि समूचे प्रदेश और देश के लिए “रोल मॉडल” बन चुकी हैं।

शाह टाइम्स रिया सैनी को उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देता है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।


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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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