मुजफ्फरनगर: शारदेन स्कूल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम, छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन ठगी से बचाव की जानकारी
Wasi Siddiqui
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2026-10-15 16:40:58
मुजफ्फरनगर के शारदेन स्कूल में 15 अक्टूबर 2026 को मिशन शक्ति अभियान-6.0 के तहत साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं और शिक्षकगण को ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया पर होने वाले उत्पीड़न और डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के तरीकों की जानकारी दी गई। पुलिस ने साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल शिकायत करने और अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखने पर जोर दिया।
📍 शारदेन स्कूल, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
🗓️15 अक्टूबर 2026
✍️ Wasi Siddiqui
मिशन शक्ति अभियान-6.0 के तहत कार्यक्रम
पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ के पर्यवेक्षण में जिले में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण के साथ साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
इसी कड़ी में थाना साइबर क्राइम प्रभारी कर्मवीर सिंह ने शारदेन स्कूल में विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अरेस्ट से बचाव पर जोर
कार्यक्रम में ऑनलाइन ठगी, ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग लिंक, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड जैसे मामलों के बारे में बताया गया। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने और इंटरनेट पर किसी भी अनजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करने की सलाह दी गई।
पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत जानकारी, बैंक संबंधी विवरण, पासवर्ड या ओटीपी साझा नहीं करना चाहिए। किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और लालच में आकर वित्तीय जानकारी देने से भी बचना चाहिए।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने का संदेश भी दिया गया। ऐसे मामलों में किसी की पहचान या पद के दावे पर बिना जांच भरोसा करने के बजाय संबंधित सूचना की पुष्टि करना जरूरी है।
छात्राओं को साइबर उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग की जानकारी
कार्यक्रम में छात्राओं को सोशल मीडिया के जरिए होने वाले उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग और अन्य साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए। पुलिस ने ऐसी किसी समस्या का सामना करने पर चुप रहने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी की तस्वीर, निजी जानकारी या संदेश का दुरुपयोग गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है। इसलिए डिजिटल गतिविधियों के दौरान गोपनीयता का ध्यान रखना और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत करना महत्वपूर्ण है।
साइबर अपराध की शिकायत के लिए हेल्पलाइन 1930
पुलिस ने कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराध की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की जानकारी दी। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने के बारे में भी बताया गया।
ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर जल्द शिकायत करना महत्वपूर्ण है। पीड़ित को लेनदेन से जुड़े संदेश, बैंक विवरण और अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने चाहिए। शिकायत के लिए उपलब्ध आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करना भी जरूरी है।
परिवार और समाज तक पहुंचाने की अपील
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों से अपील की गई कि वे साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी अपने परिजनों और आसपास के लोगों तक भी पहुंचाएं। इसका उद्देश्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करने वाले अधिक से अधिक लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के तौर-तरीकों और बचाव के उपायों से परिचित कराना है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता मानकों के अनुरूप संपादकीय विश्लेषण
स्कूलों में साइबर जागरूकता कार्यक्रमों का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि विद्यार्थी पढ़ाई, संवाद और मनोरंजन के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में ऑनलाइन गोपनीयता, पासवर्ड सुरक्षा, संदिग्ध लिंक की पहचान और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी उपयोगी है।
मुजफ्फरनगर पुलिस की ओर से जारी विवरण में शारदेन स्कूल के कार्यक्रम और उसमें शामिल साइबर अपराधों के विषयों की जानकारी दी गई है। हालांकि, कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों की संख्या, किसी विशेष मामले में कार्रवाई और जागरूकता अभियान के मापनीय परिणामों का विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए कार्यक्रम के व्यापक प्रभाव के बारे में कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
आगे क्या?
पुलिस के उपलब्ध विवरण में इस कार्यक्रम के बाद की किसी निर्धारित गतिविधि या अगली तारीख की घोषणा का उल्लेख नहीं है। फिलहाल, कार्यक्रम का मुख्य संदेश साइबर अपराधों के प्रति सतर्कता, निजी जानकारी की सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर समय रहते शिकायत दर्ज कराना है।
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Wasi Siddiqui
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक,
अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।