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नंदानगर आपदा अपडेट: DM-एसपी का दौरा, राहत-बचाव कार्य तेज़

None 2025-09-19 12:10:19
नंदानगर आपदा अपडेट: DM-एसपी का दौरा, राहत-बचाव कार्य तेज़

नंदानगर में तबाही: हेलीकॉप्टर से 11 घायल देहरादून भेजे गए

नंदानगर आपदा में जनजीवन प्रभावित, प्रशासन ने राहत शिविरों में की व्यवस्था

जिलाधिकारी ने दिया हर संभव सहायता का भरोसा, 2 शव बरामद, 8 लापता की तलाश जारी

नंदानगर आपदा में DM और SP ने दौरा कर प्रभावितों से मुलाकात की। 2 शव बरामद, 8 लोग अब भी लापता। हेलीकॉप्टर से घायल देहरादून भेजे गए। राहत कार्य जारी।

~  रणजीत नेगी 

Chamoli, (Shah Times)।  उत्तराखंड का चमोली ज़िला एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। नंदानगर क्षेत्र के कुंतरी फाली, सेरा और धुरमा गाँवों में भारी तबाही मचने के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। प्रशासन से लेकर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

अब तक की जानकारी के मुताबिक—

कुल 10 लोग लापता हुए थे

इनमें से 2 शव बरामद कर लिए गए हैं

शेष 8 लोगों की तलाश जारी है

11 घायलों को हेलीकॉप्टर से देहरादून भेजा गया

सैकड़ों प्रभावित लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं

DM और SP का दौरा: ज़मीनी हालात का जायज़ा

जिलाधिकारी संदीप तिवारी और पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने गुरुवार को आपदा प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाक़ात कर हालात की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि “सरकार हर संभव मदद करेगी, किसी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।”

👉 इस मौके पर DM ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—

बाधित मार्गों को तुरंत दुरुस्त किया जाए

प्रभावित परिवारों को सुरक्षित शिविरों में शिफ्ट किया जाए

भोजन और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जाए

घायलों के इलाज में किसी भी तरह की देरी न हो

बरामद हुए शव और जारी तलाश

आपदा में लापता लोगों की तलाश एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीमों द्वारा की जा रही है।

कुंतरी गाँव से नरेंद्र सिंह और जगदम्बा प्रसाद के शव बरामद हुए हैं।

शेष 8 लापता लोगों की खोज अभी जारी है।

प्रशासन का कहना है कि खोज अभियान तब तक नहीं रुकेगा जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता।

आज का शाह टाइम्स ई-पेपर डाउनलोड करें और पढ़ें

https://twitter.com/ShahTimes1/status/1968929271348343217?t=J9OvptW3WFXi9ibt4xbUPA&s=19

हेलीकॉप्टर से देहरादून भेजे गए घायल

आपदा में घायल और बीमार लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर भेजा गया है।

11 लोगों को हेलीकॉप्टर से देहरादून शिफ्ट किया गया।

इनमें भीम सिंह (55), कमला देवी (60), सचिता देवी (53) समेत अन्य शामिल हैं।

डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।

राहत शिविरों की व्यवस्था

प्रभावित इलाक़ों में सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं। इन परिवारों के लिए प्रशासन ने कई जगहों पर राहत शिविर स्थापित किए हैं।

कुंतरी फाली के परिवारों के लिए – सैती प्राथमिक विद्यालय, मरिया आश्रम और पूर्ति निरीक्षक गोदाम में शिविर बनाए गए।

धुरमा गाँव के लगभग 25 परिवारों और सेरा गाँव के 12 परिवारों को भी राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया।

शिविरों में भोजन, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

बचाव कार्यों में लगी एजेंसियाँ

इस कठिन समय में कई एजेंसियाँ लगातार काम कर रही हैं—

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम

आईटीबीपी, पुलिस और पीआरडी के जवान

स्थानीय तहसील प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग

सभी मिलकर तेज़ी से राहत और बचाव कार्य चला रहे हैं।

नेताओं और अधिकारियों की मौजूदगी

राहत कार्यों का जायज़ा लेने और प्रभावितों का मनोबल बढ़ाने के लिए कई जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुँचे।

विधायक भूपाल राम टम्टा

जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट

एसडीएम आर.के. पाण्डेय

तहसीलदार दीपशिखा

इनके साथ कई विभागों के अधिकारी भी राहत कार्यों में सक्रिय रहे।

आपदा पर प्रशासन का रुख

DM संदीप तिवारी ने स्पष्ट कहा कि “आपदा प्रभावितों की हर ज़रूरत प्राथमिकता पर पूरी की जाएगी।” उन्होंने प्रभावित परिवारों से वादा किया कि राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए प्रशासन लगातार उनके साथ रहेगा।

SP सर्वेश पंवार ने भी कहा कि पुलिस लगातार सुरक्षा और मदद में जुटी है।

मौसम विभाग की चेतावनी

इस बीच मौसम विभाग ने चमोली समेत उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश और भूस्खलन की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

नंदानगर आपदा: बड़ी तस्वीर

नंदानगर आपदा केवल स्थानीय संकट नहीं है, बल्कि यह हमें याद दिलाती है कि—

उत्तराखंड का भूगोल बेहद संवेदनशील है।

भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएँ अब लगातार बढ़ रही हैं।

ऐसे में आपदा प्रबंधन को और मज़बूत करना होगा।

निष्कर्ष

नंदानगर आपदा ने कई परिवारों की ज़िंदगी बदल दी है। लेकिन राहत की बात यह है कि प्रशासन और एजेंसियाँ लगातार सक्रिय हैं। DM और SP का दौरा प्रभावितों के लिए हौसले की बात है।

लोगों को अब उम्मीद है कि सरकार न सिर्फ़ राहत और बचाव बल्कि पुनर्निर्माण और पुनर्वास की दिशा में भी ठोस कदम उठाएगी।

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नंदानगर में तबाही: हेलीकॉप्टर से 11 घायल देहरादून भेजे गए

नंदानगर आपदा में जनजीवन प्रभावित, प्रशासन ने राहत शिविरों में की व्यवस्था

जिलाधिकारी ने दिया हर संभव सहायता का भरोसा, 2 शव बरामद, 8 लापता की तलाश जारी

नंदानगर आपदा में DM और SP ने दौरा कर प्रभावितों से मुलाकात की। 2 शव बरामद, 8 लोग अब भी लापता। हेलीकॉप्टर से घायल देहरादून भेजे गए। राहत कार्य जारी।

~  रणजीत नेगी 

Chamoli, (Shah Times)।  उत्तराखंड का चमोली ज़िला एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। नंदानगर क्षेत्र के कुंतरी फाली, सेरा और धुरमा गाँवों में भारी तबाही मचने के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। प्रशासन से लेकर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

अब तक की जानकारी के मुताबिक—

कुल 10 लोग लापता हुए थे

इनमें से 2 शव बरामद कर लिए गए हैं

शेष 8 लोगों की तलाश जारी है

11 घायलों को हेलीकॉप्टर से देहरादून भेजा गया

सैकड़ों प्रभावित लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं

DM और SP का दौरा: ज़मीनी हालात का जायज़ा

जिलाधिकारी संदीप तिवारी और पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार ने गुरुवार को आपदा प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाक़ात कर हालात की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि “सरकार हर संभव मदद करेगी, किसी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।”

👉 इस मौके पर DM ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि—

बाधित मार्गों को तुरंत दुरुस्त किया जाए

प्रभावित परिवारों को सुरक्षित शिविरों में शिफ्ट किया जाए

भोजन और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जाए

घायलों के इलाज में किसी भी तरह की देरी न हो

बरामद हुए शव और जारी तलाश

आपदा में लापता लोगों की तलाश एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीमों द्वारा की जा रही है।

कुंतरी गाँव से नरेंद्र सिंह और जगदम्बा प्रसाद के शव बरामद हुए हैं।

शेष 8 लापता लोगों की खोज अभी जारी है।

प्रशासन का कहना है कि खोज अभियान तब तक नहीं रुकेगा जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता।

आज का शाह टाइम्स ई-पेपर डाउनलोड करें और पढ़ें

https://twitter.com/ShahTimes1/status/1968929271348343217?t=J9OvptW3WFXi9ibt4xbUPA&s=19

हेलीकॉप्टर से देहरादून भेजे गए घायल

आपदा में घायल और बीमार लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर भेजा गया है।

11 लोगों को हेलीकॉप्टर से देहरादून शिफ्ट किया गया।

इनमें भीम सिंह (55), कमला देवी (60), सचिता देवी (53) समेत अन्य शामिल हैं।

डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।

राहत शिविरों की व्यवस्था

प्रभावित इलाक़ों में सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं। इन परिवारों के लिए प्रशासन ने कई जगहों पर राहत शिविर स्थापित किए हैं।

कुंतरी फाली के परिवारों के लिए – सैती प्राथमिक विद्यालय, मरिया आश्रम और पूर्ति निरीक्षक गोदाम में शिविर बनाए गए।

धुरमा गाँव के लगभग 25 परिवारों और सेरा गाँव के 12 परिवारों को भी राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया।

शिविरों में भोजन, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

बचाव कार्यों में लगी एजेंसियाँ

इस कठिन समय में कई एजेंसियाँ लगातार काम कर रही हैं—

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम

आईटीबीपी, पुलिस और पीआरडी के जवान

स्थानीय तहसील प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग

सभी मिलकर तेज़ी से राहत और बचाव कार्य चला रहे हैं।

नेताओं और अधिकारियों की मौजूदगी

राहत कार्यों का जायज़ा लेने और प्रभावितों का मनोबल बढ़ाने के लिए कई जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुँचे।

विधायक भूपाल राम टम्टा

जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट

एसडीएम आर.के. पाण्डेय

तहसीलदार दीपशिखा

इनके साथ कई विभागों के अधिकारी भी राहत कार्यों में सक्रिय रहे।

आपदा पर प्रशासन का रुख

DM संदीप तिवारी ने स्पष्ट कहा कि “आपदा प्रभावितों की हर ज़रूरत प्राथमिकता पर पूरी की जाएगी।” उन्होंने प्रभावित परिवारों से वादा किया कि राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए प्रशासन लगातार उनके साथ रहेगा।

SP सर्वेश पंवार ने भी कहा कि पुलिस लगातार सुरक्षा और मदद में जुटी है।

मौसम विभाग की चेतावनी

इस बीच मौसम विभाग ने चमोली समेत उत्तराखंड के कई हिस्सों में भारी बारिश और भूस्खलन की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

नंदानगर आपदा: बड़ी तस्वीर

नंदानगर आपदा केवल स्थानीय संकट नहीं है, बल्कि यह हमें याद दिलाती है कि—

उत्तराखंड का भूगोल बेहद संवेदनशील है।

भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएँ अब लगातार बढ़ रही हैं।

ऐसे में आपदा प्रबंधन को और मज़बूत करना होगा।

निष्कर्ष

नंदानगर आपदा ने कई परिवारों की ज़िंदगी बदल दी है। लेकिन राहत की बात यह है कि प्रशासन और एजेंसियाँ लगातार सक्रिय हैं। DM और SP का दौरा प्रभावितों के लिए हौसले की बात है।

लोगों को अब उम्मीद है कि सरकार न सिर्फ़ राहत और बचाव बल्कि पुनर्निर्माण और पुनर्वास की दिशा में भी ठोस कदम उठाएगी।

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Shah Times Reporter

शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।

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