केंद्र सरकार ने बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल और उत्तर प्रदेश को नक्सल प्रभावित राज्यों की सूची से बाहर कर दिया है। नक्सली हिंसा में कमी के चलते उग्रवाद प्रभावित जिलों की संख्या भी 38 से घटकर 18 हो गई है।
नई दिल्ली:(शाह टाइम्स) केंद्र सरकार ने बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल और उत्तर प्रदेश को नक्सल प्रभावित राज्यों की सूची से बाहर कर दिया है। इस फैसले के बाद इन राज्यों को अब सुरक्षा खर्च के लिए केंद्रीय सहायता नहीं मिलेगी। सरकार का कहना है कि इन राज्यों में नक्सली गतिविधियों में कमी आने के कारण यह निर्णय लिया गया है।
उग्रवाद प्रभावित जिलों की संख्या घटी
सरकार ने उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या भी घटा दी है। पहले यह संख्या 38 थी, जो अब 18 रह गई है। सरकार का मानना है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की सक्रियता और विकास कार्यों की वजह से हिंसा में कमी आई है। हालांकि, अभी भी कुछ जिले नक्सलियों के प्रभाव में हैं, जहां सुरक्षा बलों की तैनाती जारी रहेगी।
2004 से 2024 तक 8,851 लोगों की हत्या
आंकड़ों के अनुसार, 2004 से 15 दिसंबर 2024 तक वामपंथी उग्रवादियों ने भारत में 8,851 लोगों की हत्या की है। गृह मंत्रालय के अनुसार, 2017-18 से अब तक केंद्र सरकार ने एसआरई (सिक्योरिटी रिलेटेड एक्सपेंडिचर) योजना के तहत 2,568.49 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
किन राज्यों को मिली थी फंडिंग?
इस योजना के तहत छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और केरल को फंडिंग दी गई थी। लेकिन अब बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल और उत्तर प्रदेश को इस सूची से बाहर कर दिया गया है।
छह जिलों में अभी भी गंभीर स्थिति
समीक्षा के बाद कुछ जिलों को वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों की सूची से हटाया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़, झारखंड और महाराष्ट्र के कुछ जिले शामिल हैं। वहीं, छह जिले अभी भी गंभीर रूप से प्रभावित हैं:
आंध्र प्रदेश: अल्लूरी सीताराम राजू
मध्य प्रदेश: बालाघाट
ओडिशा: कालाहांडी, कंधमाल, मलकानगिरी
तेलंगाना: भद्राद्री-कोठागुडेम
सड़क निर्माण से बढ़ी सुरक्षा
नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 34 जिलों में सड़क संपर्क बढ़ाने की योजना चलाई जा रही है। अब तक 5,178 किलोमीटर सड़क का निर्माण हो चुका है, जिससे सुरक्षा बलों की आवाजाही आसान हुई है और नक्सलियों पर दबाव बढ़ा है।
नक्सलवाद खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का कहना है कि वह नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों को तेज कर रही है, जिससे स्थानीय लोगों का विश्वास बढ़े। सुरक्षा बलों की तैनाती और बुनियादी ढांचे के विकास से सरकार को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।