सोशल मीडिया की एक रील ने बदल दिया दंपती का फैसला
सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली छोटी-सी वीडियो कभी-कभी लोगों को किसी नए रास्ते पर जाने के लिए प्रेरित कर देती है। मध्य प्रदेश के पन्ना से सामने आई यह कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उत्तर प्रदेश के झांसी निवासी दंपती राजकुमार श्रीवास और गुड्डी देवी ने सोशल मीडिया पर पन्ना में हीरे मिलने से जुड़ी खबरें और वीडियो देखने के बाद यहां आकर किस्मत आजमाने का फैसला किया। दंपती ने पन्ना के सरकोहा क्षेत्र में हीरा खदान का पट्टा लिया और करीब छह महीने तक खुदाई का काम किया। इसके बाद उन्हें लगातार दो दिनों में एक-दो नहीं, बल्कि चार हीरे मिले।
कुल 5.16 कैरेट के मिले चार हीरे
रिपोर्टों के अनुसार, चारों हीरों का कुल वजन 5.16 कैरेट है। इनमें 1.62 कैरेट और 1.29 कैरेट के दो हीरे उज्ज्वल किस्म के बताए गए हैं, जबकि 1.44 कैरेट और 0.81 कैरेट के दो हीरे मटमैली किस्म के बताए गए हैं। हीरा पारखी अनुपम सिंह के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों में इन चारों हीरों की अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई है। हालांकि यह अनुमानित कीमत है; वास्तविक रकम नीलामी में मिलने वाली कीमत पर निर्भर करेगी।
हीरा मिलने के बाद कार्यालय में कराया जमा
हीरे मिलने के बाद दंपती ने उन्हें पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा करा दिया। प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक इन हीरों की आगे सरकारी प्रक्रिया के तहत नीलामी की जानी है। नीलामी से मिलने वाली रकम में नियमानुसार सरकारी रॉयल्टी और कर आदि की कटौती हो सकती है। इसलिए यह कहना अभी सही नहीं होगा कि दंपती को सीधे 12 लाख रुपये मिल चुके हैं। 12 लाख रुपये वर्तमान में बताई गई अनुमानित कीमत है।
बच्चों की पढ़ाई और कारोबार में लगाने की योजना
गुड्डी देवी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि नीलामी से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल वह अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा और व्यवसाय को आगे बढ़ाने में करना चाहती हैं।
छह महीने की मेहनत के बाद मिली सफलता
इस कहानी में सोशल मीडिया की भूमिका जरूर चर्चा में है, लेकिन सिर्फ रील देखना ही सफलता का कारण नहीं था। दंपती ने पन्ना पहुंचकर खदान का पट्टा लिया और लगभग छह महीने तक खुदाई की, जिसके बाद उन्हें ये चार हीरे मिले। पन्ना लंबे समय से हीरा खनन के लिए जाना जाता है। यहां छोटे स्तर पर पट्टे पर खनन करने वाले लोगों के किस्से अक्सर सामने आते हैं। हालांकि हर खदान से हीरा मिले, यह जरूरी नहीं है और खनन के लिए संबंधित सरकारी नियमों और प्रक्रिया का पालन करना होता है।
सोशल मीडिया से मिली जानकारी, लेकिन असली सफलता मेहनत से
आज सोशल मीडिया लोगों तक अलग-अलग क्षेत्रों की जानकारी तेजी से पहुंचाता है। इस मामले में भी पन्ना की हीरा खदानों से जुड़ी जानकारी देखकर दंपती ने यहां आने का निर्णय लिया। लेकिन इसके बाद छह महीने की मेहनत और इंतजार के बाद ही उन्हें सफलता मिली।यह घटना यह भी दिखाती है कि सोशल मीडिया पर किसी खबर या वीडियो को देखकर तुरंत उसी तरह परिणाम मिलने की उम्मीद करना सही नहीं है। पन्ना में हीरा मिलना संभावना का मामला है, गारंटी का नहीं।
निष्कर्ष
झांसी के राजकुमार श्रीवास और गुड्डी देवी के लिए सोशल मीडिया पर देखी गई पन्ना की खबरें एक नए सफर की शुरुआत बनीं। पन्ना के सरकोहा क्षेत्र में छह महीने तक मेहनत करने के बाद उन्हें 5.16 कैरेट के चार हीरे मिले, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई है। अब इन हीरों की सरकारी प्रक्रिया के तहत नीलामी होगी। नीलामी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दंपती को वास्तविक रूप से कितनी रकम प्राप्त होती है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।