ऑपरेशन सिंदूर पर सर्वदलीय एकता, ओवैसी ने बताया इसका असली मकसद। पाकिस्तान-तुर्की को चेतावनी और चीन पर दबाव की रणनीति पर खुलकर बोले।
भारतीय सेना द्वारा हाल ही में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पूरे देश में गर्व और एकता की लहर दौड़ गई है। पाकिस्तान की सीमा के भीतर आतंक के अड्डों पर निर्णायक प्रहार ने यह साबित कर दिया कि भारत अब न सिर्फ़ प्रतिक्रिया देता है, बल्कि आतंकी सोच की जड़ पर वार करता है।
सर्वदलीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्षी नेताओं को ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, इस एयर स्ट्राइक में 100 से अधिक आतंकियों का सफाया किया गया। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने खुशी जताई कि सभी राजनीतिक दलों ने एक स्वर में सेना को सलामी दी और सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का संकल्प लिया।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बैठक के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए पाकिस्तान, तुर्की और चीन को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को अब TRF (The Resistance Front) के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभियान छेड़ना चाहिए और अमेरिका से अपील करनी चाहिए कि वह इस संगठन को आतंकी घोषित करे।
ओवैसी ने पीओके में हाफिज सईद के बेटे की जिहाद फैलाने वाली स्पीच का हवाला देते हुए कहा, “TRF भारत में कत्लेआम फैलाने की योजना बना रहा है, ऐसे में अब चुप बैठना देशद्रोह के समान है।”
ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान को एक बार फिर FATF (Financial Action Task Force) की ग्रे लिस्ट में डाला जाना चाहिए ताकि उसकी आतंकी फंडिंग पर पूरी तरह से नकेल कसी जा सके। उन्होंने ब्रिटेन सरकार से भी अपील की कि वह TRF जैसे संगठनों पर बैन लगाए और भारत का साथ दे।
ओवैसी ने यह स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ़ जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की रणनीतिक सोच का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “मुरीदके और बहावलपुर जैसे आतंक के गढ़ों पर हमला कर भारत ने यह संदेश दिया है कि अब दुश्मन की ज़मीन पर ही उसका खात्मा होगा। यह आतंकी ट्रेनिंग हब थे, जिन्हें हमारी सेना ने जड़ से नष्ट कर दिया।”
ओवैसी ने दो-टूक कहा कि भारत को अब चीन पर आर्थिक दबाव बनाना चाहिए, क्योंकि वह पाकिस्तान का रणनीतिक साझेदार है। साथ ही, उन्होंने तुर्की को भी घेरा और सवाल किया कि जो देश खुद इराक और सीरिया में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करता है, वह भारत की कार्रवाई पर सवाल कैसे उठा सकता है?
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।