जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि 26 पर्यटकों की हत्या न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि इस्लाम की शिक्षाओं के खिलाफ है।
नई दिल्ली, (Shah Times)। जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम में हाल ही में हुए भीषण आतंकवादी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिसे लेकर देशभर में शोक और आक्रोश का माहौल है। जमीअत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने इस क्रूर कृत्य पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे “अमानवीय और इस्लाम विरोधी” बताया।
मौलाना मदनी ने कड़े शब्दों में कहा, “इस बर्बर हमले को किसी भी धर्म, विशेष रूप से इस्लाम से जोड़ना सरासर गलत है। इस्लाम कभी भी निर्दोष लोगों की हत्या की इजाजत नहीं देता। कुरान की स्पष्ट शिक्षा है कि एक निर्दोष की हत्या समस्त मानवता की हत्या के समान है।”
उन्होंने यह भी कहा कि जमीअत उलमा-ए-हिंद इस दर्दनाक क्षण में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी तरह खड़ी है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती है।
मौलाना मदनी ने देशवासियों से शांति, भाईचारा और आपसी सहिष्णुता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि, “ऐसी घटनाओं का मुख्य उद्देश्य देश की सामाजिक एकता को तोड़ना और भय व नफरत का माहौल बनाना होता है। हमें ऐसे नापाक मंसूबों को नाकाम करने के लिए एकजुट होकर आवाज़ उठानी चाहिए।”
जमीअत उलमा-ए-हिंद ने इस हमले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों को कठोर सजा देने की अपील भी की है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।