पाकिस्तान ने लगातार 10वें दिन एलओसी पर संघर्षविराम तोड़ा। भारतीय सेना ने हर मोर्चे पर मुंहतोड़ जवाब दिया। राजस्थान सीमा से पाकिस्तानी रेंजर हिरासत में। बढ़ते तनाव पर गहरा विश्लेषण।
New Delhi (Shah Times)। संघर्षविराम तोड़ने की आदत पाकिस्तान को एक बार फिर भारी पड़ रही है। एलओसी (LoC) से लेकर अंतरराष्ट्रीय सीमा तक, पाकिस्तान की सेना की उकसावे वाली हरकतें न केवल क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा हैं, बल्कि वह स्वयं अपनी कूटनीतिक साख को भी नुकसान पहुँचा रही है।
बीते 10 दिनों से लगातार सीजफायर का उल्लंघन इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान आतंरिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय दबाव से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की बौखलाहट खुलकर सामने आ गई है, जो अब सीमाओं पर आक्रामकता के रूप में दिख रही है।
भारतीय सेना की ओर से दिया गया "तुरंत और उपयुक्त" जवाब न केवल सैन्य दृष्टि से ज़रूरी था, बल्कि यह एक स्पष्ट संदेश भी है कि भारत किसी भी उकसावे को बर्दाश्त नहीं करेगा।
राजस्थान सीमा पर एक पाकिस्तानी रेंजर का पकड़ा जाना और उस पर जासूसी के आरोप पाकिस्तान की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या यह सिर्फ एक सीमा उल्लंघन था या कोई गहरी साजिश? सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू पर गंभीरता से जांच कर रही हैं।
सीमाओं पर बढ़ते तनाव के बीच, आयुध कारखानों में कर्मचारियों की छुट्टियाँ रद्द करना दिखाता है कि भारत किसी भी आपात स्थिति के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि सरकार इस स्थिति को केवल सीमा झड़प तक सीमित नहीं मान रही, बल्कि व्यापक स्तर पर इसकी तैयारी की जा रही है।
रूस में पाकिस्तान के राजदूत का परमाणु हथियारों की धमकी देना न केवल अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह विश्व समुदाय के समक्ष पाकिस्तान की अस्थिर मानसिकता को उजागर करता है। इस प्रकार की बयानबाजी केवल क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देती है और पाकिस्तान की छवि को और अधिक धूमिल करती है।
जहाँ पाकिस्तान उकसावे की नीति पर चल रहा है, वहीं भारत ने संयमित परंतु निर्णायक सैन्य प्रतिक्रिया देते हुए अपनी कूटनीतिक और सुरक्षा नीति की समझदारी का परिचय दिया है। एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा बलों की सतर्कता और जवाबी कार्रवाई ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारत शांति का समर्थक जरूर है, पर अपनी संप्रभुता की रक्षा करना उसे भलीभांति आता है।
Shah Times Reporter
शाह टाइम्स के वरिष्ठ संवाददाता। स्थानीय, राजनीतिक, अपराध, शिक्षा एवं सामाजिक विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग।